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Worksheetsरसखान
Total questions: 32
Worksheet time: 16mins
रसखान का मूल नाम .......... था।
सैयद इब्राहिम
रहीम
सलीम
सैयद हुसैन
रसखान किसके भक्त थे ?
श्री राम के
श्री कृष्ण के
भगवान शिव के
उपरोक्त में से कुछ भी नहीं
रसखान के पहले व दूसरे सवैये में किसके प्रति समर्पण भाव व्यक्त हुआ है?
श्री कृष्ण के प्रति
कृष्ण भूमि के प्रति
कृष्ण से संबंधित वस्तुओं के प्रति
उपरोक्त सभी
ब्रजभाषा के बहुप्रचलित वर्णिक सवैया छंद में कितने वर्ण होते हैं ?
22 - 26
22 - 24
26 - 28
30 - 32
"कालिंदी कूल कदंब की डारन" l पंक्तियों में कौन सा अलंकार है ?
उपमा अलंकार
अनुप्रास अलंकार
श्लेष अलंकार
यमक अलंकार
'कलधौत के धाम' शब्द का क्या अर्थ होता है ?
सोने चाँदी के महल
बाग -बगीचे
नदी- तालाब
उपरोक्त सभी
चौथे छंद में किसके सामने गोपियों की विवशता का उल्लेख है ?
श्री कृष्ण के सामने
श्री कृष्ण की मुरली की धुन के सामने
श्री कृष्ण की मुस्कान के सामने
उपरोक्त सभी
"अधरान धरी अधरा न धरौंगी " इस पंक्ति में कौनसा अलंकार है ?
उपमा अलंकार
श्लेष अलंकार
यमक अलंकार
उपरोक्त सभी
'पीतांबर' शब्द में कौन से दो समास हो सकते हैं ?
अव्ययीभाव और कर्मधारय
कर्मधारय और बहुव्रीहि
बहुव्रीहि और तत्पुरुष
उपरोक्त में से कुछ भी नहीं
गोपी कृष्ण का संपूर्ण रूप धारण करने के बाद भी क्या नहीं धारण करना चाहती ?
मोर पंख
मुरली
पीतांबर
उपरोक्त में से कुछ भी नहीं
गोपी कृष्ण की मुरली क्यों नहीं धारण करना चाहती ?
ईर्ष्या के कारण
मोह के कारण
श्रद्धा के कारण
उपरोक्त में से कुछ भी नहीं
रसखान कौन सा कार्य करते हुए आठों सिद्धि और नौ निधियों के सुख को भूल सकते हैं ?
श्री कृष्ण की लाठी और कंबली लेकर
नंद की गाय चराते हुए
ब्रज के वन बाग निहारते हुए
उपरोक्त सभी
रसखान किस पर्वत का अंश बनना चाहते हैं ?
गोवर्धन पर्वत
अरावली पर्वत
नीलगिरि पर्वत
उपरोक्त में से कुछ भी नहीं
रसखान करोड़ों सोने के महल किस पर न्योछावर कर सकते हैं ?
करील के कुंजों के ऊपर
ब्रज के वन -बागों के ऊपर
नन्द की गाय चराते हुए
उपरोक्त सभी
रसखान किस पर्वत का अंश बनना चाहते हैं ?
गोवर्धन पर्वत
अरावली पर्वत
नीलगिरि पर्वत
उपरोक्त में से कुछ भी नहीं
'कालिंदी' कौनसी नदी का नाम है ?
गंगा
कावेरी
यमुना
उपरोक्त में से कुछ भी नहीं
मानुष का अर्थ होगा
मानुष
जानवर
मनुष्य
एक जगह का नाम
रसखान जी मनुष्य का जन्म लेकर रहना चाहते हैं
जंगल में
शहर में
गांव में
गोकुल के ग्वालों के बीच में
गाय के रूप में जन्म लेकर रसखान जी
घूमना चाहते हैं
दूध देना चाहते हैं
गोकुल की गायों के साथ वन में चरने जाना चाहते हैं
जी भर कर घास खाना चाहते हैं
रसखान जी गोवर्धन पर्वत का ही पत्थर बनकर रहना चाहते हैं क्योंकि
गोवर्धन बहुत सुंदर पर्वत है
उन्हें और कोई पर्वत अच्छा नहीं लगता।
श्रीकृष्ण ने इंद्र के क्रोध से गोकुलवासियों को बचाने के लिए अपनी उंगली पर उठाया था
कह नहीं सकते।
पक्षी बनकर रसखान क्या करना चाहते हैं?
उड़ना चाहते हैं
यमुना नदी के किनारे रहना चाहते हैं
यमुना नदी के किनारे कदंब के पेड़ की डालियों पर बसेरा करना चाहते हैं
पता नहीं कि क्या करना चाहते हैं।
इनमें से रसखान जी क्या नहीं बनना चाहते हैं?
मनुष्य
गाय
पहाड़
पत्थर
इनमें से रसखान जी क्या नहीं बनना चाहते हैं?
मनुष्य
गाय
पहाड़
पत्थर
पाहन और खग का अर्थ होगा
पाहन और खाग
पहाड़ और पक्षी
पत्थर और पक्षी
पक्षी और पत्थर
रसखान जी के सवैया की भाषा है
अवधी
बुन्देली
ब्रज
हरियाणवी
रसखान जी जो जो बनना चाहते हैं,उसे ध्यान में रखकर सही जोड़ा चुनें।
मनुष्य बनकर शहर में
गाय बनकर अस्तबल में
पक्षी बनकर पहाड़ पर
पत्थर बनकर गोवर्धन पर्वत पर
पहले सवैये में कवि ने क्या इच्छा प्रकट की है
हर बार अलग अलग रूपों में जन्म लेना चाहते हैं
उन्हें पशु और पक्षी बनना अच्छा लगता है
चाहे कोई भी जनम ले,वो रहना ब्रज की भूमि पर ही चाहते हैं
कवि ही इस बारे में कुछ बता सकते हैं,हम क्या जाने
रसखान जी श्रीकृष्ण से जुड़ी किस वस्तु को पाने के लिए तीनों लोकों का राज्य भी छोड़ेने को तैयार हैं
श्रीकृष्ण की लाठी और कंबल
श्रीकृष्ण के गहने
श्रीकृष्ण से प्राप्त वरदानों के कारण
पता नहीं
अगर रसखान जी को नंद बाबा के गायों को चराने का मौका मिले तो
वे जंगल में खूब घूमना चाहते हैं
जी भरकर घास चरना चाहते हैं
वे आठों सिद्धियों और नौ निधियों के सुख को भी त्याग सकते हैं।
जी भरकर बाकी गायों के साथ खेलना चाहते हैं
रसखान जी अपनी आंखों से ब्रज की किन किन वस्तुओं को देखना चाहते हैं
स्त्री,पुरुष जानवर
वनों, बगीचों,तालाबों को
घर,महल,सड़कों को
पता नहीं
" कोटिक ए कलधौत के धाम करील के कुंजन ऊपर वारों " का अर्थ होगा
कोटिक कालधौत के धाम पर वारों कारील
कवि करील की झाड़ियों पर करोड़ों सोने के महल भी न्योछावर करने के लिए तैयार हैं
दूसरा अर्थ सही है
कोई भी अर्थ सही नहीं है।
कोटिक कलधौत के धाम का अर्थ है
करोड़ों सोने चांदी के महल
कोटिक काले धौत
लाखों सोने चांदी के महल
कुछ पता नहीं चलता है
