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Worksheetsईशोपनिषद
Total questions: 43
Worksheet time: 32mins
भगवद गीता के कौनसे श्लोक में भगवान श्रीकृष्ण अपने देदीप्यमान तेज का वर्णन करते है?
१३.१३
१२.१०
१४.२७
१०.१०
परमात्मा स्वरूप पूर्ण पुरुषोतम भगवान के _______ में से एक है
महा विष्णु
गर्भोदकशायी विष्णु
क्षीरोदकशायी विष्णु
सभी
परमात्मा और ब्रह्म का मूल स्त्रोत कौन है?
माया देवी
निराकार ब्रह्म
परम भगवान श्रीकृष्ण
पहली जीवात्मा ब्रह्मा
यह क्षणभंगुर भौतिक शरीर निश्चय ही_______
पराया वस्त्र
वास्तविक वस्त्र
अ और ब दोनों
इनमे से कोई नहीं
भक्त का उदाहरण कौन हे जिन्होंने अर्चन विधि से पूर्णता प्राप्त की?
परीक्षित महाराज
पृथु महाराज
शुकदेव गोस्वामी
अर्जुन
पूर्ण आत्म साक्षात्कार के मार्ग में भक्त की प्रगति में क्या सहायक बनता है?
शरणागति की विधि
भौतिक कार्यकलापो में लगना
अहैतुकी कृपा के लिए प्रार्थना
भगवान की कृपा
अ और क दोनों
भगवान हमसे कोनसा काम कराना चाहते है?
भौतिक संसार में रहना और आनंद लेना
ब्रह्म ज्योति में रहना और ध्यान लगाना
हठ योग और कर्म योग
भगवान की महिमा का श्रवण और कीर्तन
भगवान कृष्ण के दिव्य धाम का वर्णन _______ में है
विदग्ध माधव
ब्रह्म संहिता
श्रीमद भागवतम
श्रीमद भगवद गीता
शरीर के पालन के लिए आवश्यकता से अधिक ग्रहण करना चाहिए | यह कथन ___
सही हे
गलत हे
पूर्ण हे
अपूर्ण हे
धीर का अर्थ______
जो भौतिक मोह से विचलित नहीं होता
जो भौतिक मोह से विचलित हो जाए
जो पूर्णरूपेण आध्यात्मिक साक्षात्कार किया हो
अ और क दोनों
श्रीईशोपनिषद जीवनसंघर्ष को जितने के लिए कितने प्रयास करने की शिक्षा देता है ?)
एक - तरफा
दो - तरफा
तीन - तरफा
चार - तरफा
इंद्रियतृप्ति के लिए भौतिक ज्ञान की प्रगति अर्थात अविद्या का मार्ग बारम्बार होने वाले जन्म मृत्यु का मार्ग है
सही
गलत
मंत्र १२ में असम्भूति शब्द सूचक है की _____
अस्तित्व
स्वतंत्र अस्तित्व
जिनका स्वतंत्र अस्तित्व नहीं है
इनमे से कोई नहीं
केवल ______ मनुष्य जो इंद्रियतृप्ति की प्रबल इच्छा से प्रभावित है , वे ही क्षणिक समस्याओं से अस्थायी राहत के लिए देवताओं की पूजा करते है |
बुद्धिहीन
बुद्धिमान
ज्यादा बुद्धिमान
इनमे से कोई नहीं
कौन भगवद गीता समझ सकता है?
कोई भी
विद्वान
तर्कवितर्क करने वाले
भक्त
ब्रह्मा के सृजन के पूर्व जो विद्यमान थे तथा जिन्होंने ब्रह्मा को वैदिक ज्ञान प्रदान कीया , वे भगवान श्रीकृष्ण ही हे | कौनसे वेद में यह कथन कहा गया है?
यजुर वेद
साम वेद
अथर्व वेद
ऋग वेद
आध्यात्मिक प्रकृति में निवास करने वाले अधिष्ठाता परम पुरुष _________ है
भगवान ब्रह्मा
भगवान श्रीकृष्ण
भगवान शिव
उपरोक्त सभी
यदि हम बारम्बार होने वाले जन्म-मृत्यु के चक्र से बचना चाहते हे , तो हमें __________
शिवजी की भक्तिमय सेवा ग्रहण करनी चाहिए
परम भगवान की भक्तिमय सेवा ग्रहण करनी चाहिए
माया देवी की भक्तिमय सेवा ग्रहण करनी चाहिए
इनमे से कोई नहीं
लकड़ी, पत्थर या अन्य पदार्थ के बने ये अर्चाविग्रह क्या सिर्फ मुर्तिया है?
हाँ, बिलकुल
नहीं, एसा नहीं है
________शक्तिओ के बिना _______शब्द का कोई अर्थ नहीं रहता.
चिन्तय , शक्ति
अचिन्त्य , परमेश्वर
चिन्तय , परमेश्वर
उपरोक्त सभी
अनुपश्यति शब्द में "अनु" और "पश्यति" शब्द का क्रमश: क्या अर्थ हे?
अनुसरण करना, देखना
अनुसरण नहीं करना, प्रयोग करना
अ और ब दोनों
इनमे से कोई नहीं
निम्नलिखित मे से कौनसा लक्षण मध्यम अधिकारी का नहीं है ?
वह सबसे पहले परमेश्वर को देखते है
उसके बाद वह भगवद्भक्त को देखते है
वह उन अबोध जन को देखते है जिन्हें भगवान का कोई ज्ञान नहीं है
आस्तिक जो भगवान पर श्रद्धा नहीं रखते और भक्ति करने वालो से धृणा करते है
परम पूर्ण(भगवान) के पृथक - पृथक स्फुलिंगो में पूर्ण के लगभग ______ प्रतिशत गुण पाए जाते है, लेकिन मात्रा में वे परमेश्वर के तुल्य नहीं होते |
नब्बे
पचास
अस्सी
सत्तर
प्रकृति के कड़े नियमों को कोन लांघ सकता है?
माया-वादी
जैन
भगवान के चरणकमलों में आत्मसमर्पित जीव
उपरोक्त सभी
परम भगवान के शरीर तथा आत्मा में कोई अंतर नहीं है | इस गुण को एक शब्द में क्या कहा जा सकता है ?
देहधारी
अदेहधारी
सर्वशक्तिमान
सर्वज्ञानी
"शुक्रम" का अर्थ क्या है?
देहधारी
सर्वज्ञानी
सर्वशक्तिमान
इनमे से कोई नहीं
विद्या अधिक घातक कब होती है?
जन शिक्षा में
भौतिक उन्नति में
जब इस पर जोर दिया जाय
जब वह पथभ्रष्ट हो
हरीभक्तिसुधोदय में इश्वरविहीन लोगो द्वारा शिक्षा की उन्नति की तुलना शव के शृंगार से की गई है |
सही
गलत
बद्ध आत्मा के चार प्रकार के दोष में से कौनसा दोष निम्नलिखित में से नहीं है ?
भ्रमित होना
धोखा देने की प्रवृति
पूर्ण इन्द्रिया
त्रुटीयाँ करना
वेदों के ज्ञान को ______ कहा जाता है |
आरोह
शब्द-प्रमाण
श्रुति
ब और क दोनों
क्या परम भगवान की शक्तियाँ उतनी ही पूर्ण है जितने की पूर्ण पुरुषोतम भगवान?
नहीं, यह संभव नहीं
हाँ, बिलकुल
अध्यात्मवादियों के कितने प्रकार होते है?
पांच
एक
दो
तीन
_______पाप की जड है
प्रकृति के नियमो का झानबूज कर उल्लंघन करना
परम भगवान की आज्ञाकारिता स्वीकार करना
भगवान के आदेश की अवज्ञा करना
अ और क दोनों
क्या परम भगवान प्रकृति के नियमों के अधीन हो सकते है ? क्यों ?
चूँकि भगवान पूर्णम सब प्रकार से पूर्ण हैं, अतएव उन पर भौतिक प्रकृति के नियम लागू होने की कोई संभावना नहीं है |
हाँ, आखिर वह निराकार है
नहीं , क्योंकि प्रकृति कभी कभी भगवान को नियमों से अलग रखती हे
इनमे से कोई नहीं
जो कर्म मनुष्य को जन्म - मृत्यु के चक्र से मुक्त करते है , वे ______ कहलाते है |
नैष्कर्म्य
कर्म
अकर्म
अ और क दोनों
निम्नलिखित में से समस्त उपनिषदों का सार क्या है ?
इशोपनिषद्
भगवद गीता
उपदेशामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
"सुर" लोग सदैव भगवान विष्णु के चरणकमलों को लक्ष्य बनाते है यह कौनसे वेद में कहा गया है?
यजुर
अथर्व
ऋग
साम
मंत्र चार में "आप्नुवन" शब्द का अर्थ क्या है ?
पहुँच सकता है
स्थानांतरित कर सकता है
संपर्क कर सकता है
नियंत्रित कर सकता है
पूर्ण ज्ञान का अर्थ क्या है
भगवान के लक्ष्ण को जानना , उनकी शक्ति को जानना
सिर्फ भगवान की शक्ति को जानना
सिर्फ यह जानना की भगवान की शक्ति कीस प्रकार से कार्य करती है
भगवान के सभी लक्षणों को जानना, उनकी शक्तिओ को जानना और यह जानना की ये शक्तियाँ उनकी इच्छा से किस प्रकार कार्य करती है |
"आत्महनः" का अर्थ क्या है?
आत्मा का हनन करने वाला
मनुष्य का हनन करने वाला
पशुओ का हनन करने वाला
इनमे से कोई नहीं
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