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Worksheetsदान का हिसाब
Total questions: 20
Worksheet time: 10mins
राजा किसी को भी दान क्यों नहीं देना चाहता था ?
राजा बहुत लालची था
राजा का राज् भण्डार खाली था
राजा को प्रजा पर विश्वास नहीं था
राजा बहुत कंजूस था और अपनी सुख सुविधाओ पर ज्यादा व्यस्त रहता था
राज सभा में किन लोगों का सम्मान नहीं होता था ?
आमिर लोगों का
विद्वान
सज्जन
दुखी
सही शब्द छाँटो।
सजज्न
सज्जन
सजजन
इनमें कोई नहीं
सही शब्द है।
सतकार
स्तकार
सत्कार
इनमें कोई नहीं।
दुर्जन का विलोम शब्द है।
दुखी
विद्वान
सज्जन
कोई नहीं
मुझे गर्व है -------मैं एक भारतीय हूँ |
कि
की
कहानी के लेखक हैं -
सुकुमार राय
निराला
रामधारी सिंह 'दिनकर'
महादवी वर्मा
गरीबों ने राजा से कितने रुपयों की सहायता मांगी ?
20000 रुपये
10000 रुपये
50000 रूपये
1 रूपया
पूरे देश में क्या खबर फ़ैल गयी ?
हमारे राजा कर्ण जैसे ही दानी हैं |
हमारे राजा चौपट राजा हैं |
"राजकोष में अधिक धन हैं तो क्या उसे दोनों हाथों से लुटा दूँ " किसने किससे कहा
सन्यासी की 20 दिनों की भिक्षा का कुल कितना पैसा हुआ था ?
रुपये 1000
रुपये 1575
रुपयें 1200575
रुपयें 1048575
पंडित का विलोम शब्द क्या होगा ?
ज्ञानी
समझदार
अज्ञानी
बुद्धिमान
महाराज , मैं लोभी नहीं हूँ I आज मुझे एक रुपया दिजीए , फिर बीस दिन तक दुगुने करके देते रहने का हुक्म दे दिजीए I ''
किसने किस्से कहा ?
(a)
दिवालिया होना का मतलब है।
बहुत सारी धन दौलत प्राप्त करना।
अपने किसी भी प्रकार के कर्ज इत्यादि को चुका पाने में असमर्थ होना।
अन्य
गुहार लगाना का मतलब है।
गुस्सा करना।
चुप रहना।
किसी काम को करवाने के लिए किसी से प्रार्थना करना।
अन्य
इधर अकाल का ...................... फैलता ही जा रहा था |
प्रकोप
लकदक
राजकोष
चेहरा
......................... की सहायता करना तो राजा का कर्तव्य है |
प्रकोप
जरूरतमंदों
लकदक
चेहरा
हिसाब देखकर मंत्री का ____________________ फीका पड़ गया
प्रकोप
जरूरतमंदों
लकदक
चेहरा
महल में प्रतिदिन हज़ारों रूपए किस पर खर्च होते थे?
सुगंधित वस्त्र, मनोरंजन, महल की सजावट में
गरीबों को दान देने मेंं
राजा __________ के पैरो में गिर गया ।
राजकोष
संन्यासी
घोडे
