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Worksheetsनेताजी का चश्मा
Total questions: 20
Worksheet time: 15mins
हालदार साहब को कितने दिनों में कंपनी के काम से कस्बे से गुजरना पड़ता था?
चौदहवें दिन
पंद्रहवें दिन
हर ग्यारह दिन बाद
कुछ कह नहीं सकते।
निम्लिखित में से कस्बे में क्या नहीं था?
लडको का स्कूल
सीमेंट का कारखाना
एक ओपन एयर सिनेमाघर
लड़कियों का स्कूल
गलत कथन चुनिए :
कस्बे के इकलौते हाई स्कूल के इकलौते ड्राइंग मास्टर को यह काम दिया गया
महीने भर में मूर्ति बनाकर पटक देने का विश्वास दिलाया गया।
मूर्ति बनाने के लिए चित्रकार की भी सहायता ली गई।
मूर्ति संगमरमर की थी
मूर्ति में एक कमी थी।वह थी ...............?
नेताजी की आंखों पर चश्मा था।
नेताजी की आंखों पर चश्मा नहीं था।
मूर्ति बहुत बड़ी थी।
नेताजी की मूर्ति में कोई कमी नहीं थी।
नेताजी से जुड़े दो नारे हैं :
दिल्ली चलो,तुम मुझे खून दो मैं तुम्हे आजादी दूंगा।
जय जवान जाए किसान
स्वराज्य मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है और मै उसे लेकर ही रहूंगा
इन्कलाब जिंदबाद
पान वाले के बारे में क्या सही नहीं है?
वह काला मोटा और खुशमिजाज आदमी था
वह आंखों ही आंखों में हंसता था।
उसकी बत्तीसी लाल काली थी।
वह कैप्टन का बहुत सम्मान करता था।
सेनानी ना होते हुए भी चश्मे वाले को सभी कैप्टन कहते थे क्योंकि...........................?
वह नेताजी के व्यक्तित्व से अधिक प्रभावित था।
नेताजी की मूर्ति पर चश्मे का न होना उसे दुखी करता था।
देश समाज के प्रति व स्वतंत्रता आंदोलन में भाग लेने वालों का सम्मान करने के कारण।
उपर्युक्त सभी।
हालदार साहब किस आदत से मजबुर थे?
जब भी चौराहा आता उनकी निगाहें नेताजी की मूर्ति की ओर उठ जाती।
उन्हें पान खाने की बुरी लत थी और वे पान वाले के आलवा किसी से भी पान खाना पसंद नहीं करते थे।
हालदार साहब बार बार नेताजी की मूर्ति के सामने खड़े होकर राष्ट्रगान गाते थे।
बातों को भूल जाने की आदत थी।
पानवाला उदास क्यों हो गया?
उसका पान नहीं बिक रहा था।
नेताजी की मूर्ति उसे अच्छी नहीं लगती थी।
नेताजी की आंखों पर चश्मा लगाने वाले कैप्टन की मृत्यु हो गई थी
उसकी तोंद अचानक से कम हो गई थी।
हालदार साहब और पान वाले के स्वभाव में क्या समानता थी?
पान वाला वा हालदार साहब दोनों ही कैप्टन की मृत्यु पर भावुक हो उठे थे।
दोनों की आंखों में आंसू आ गए थे।
दोनों ही सहृदय वा संवेदनशील थे।
उपर्युक्त सभी।
बच्चो द्वारा नेताजी की मूर्ति पर सरकंडे का चश्मा लगाना संदेश देता है कि.............?
देश की भावी पीढ़ी में भी देशभक्ति की भावना है।
सभी देश वासियों को अपने मन में देश प्रेम और देश भक्ति को बहुत प्रबल रूप से समाए रखना है।
देश भक्ति समय आने पर स्वयं उमड़कर बाहर आ जाती है।
उपर्युक्त सभी।
पाठ और लेखक का नाम है ?
नेताजी का चश्मा,स्वयं प्रकाश
नेताजी का चस्मा,स्वयं प्रकस
नेटाजी के चस्मा ,स्वाम प्रकाश
पता नहीं।
मूर्तिकार का नाम था......?
मूर्तिकार मास्टर मोतिलाल
मूर्तिकार मास्टर मोतीलाल
मूर्तिकर मस्टर मोतीलाल
मूर्तिकार मास्टर मोटी लाल
मूर्ति की आंखों पर सरकंडे का चश्मा देखकर हालदार साहब ने क्या किया?
जीप नहीं रोकी
जीप से कूदकर तेज-तेज कदमों से मूर्ति की तरफ लपके और उसके ठीक सामने जाकर अटेंशन में खड़े हो गए।
सरकंडे का चश्मा उतारकर नया चश्मा लगा दिया।
देखें और चले गए।
हालदार साहब की आंखें भर आती हैं क्योंकि....................?
मूर्ति पर सरकंडे का चश्मा था।
उन्होंने सोचा कि कस्बे में अब भी देशभक्ति है।
देश की भावी पीढ़ी में भी अपने देशभ नेताओं के प्रति सम्मान का भाव है।
उपर्युक्त सभी।
नेताजी की मूर्ति थी...............
शहर के मुख्य बाजार के मुख्य चौराहे पर।
शहर की नगरपालिका के मुख्य चौराहे पर।
शहर के मुख्य बाजार की ओर जाने वाली सड़क पर
कह नहीं सकता।
हालदार साहब पान वाले से जानना चाहते थे ?
पान का दाम
पान वाले की तोंद कैसे इतनी बड़ी हो गई।
चश्मे वाले को लोग कैप्टन क्यों कहते हैं?
कल पान की दुकान खुली रहेगी या नहीं
कैप्टन चश्मे वाले के बारे में क्या सही नहीं है ?
एक बेहद बूढ़ा मरियाल सा आदमी
सिर पर गांधी टोपी पहनता है।
आंखों पर काला चश्मा पहनता है।
पान वाले का मजाक उड़ाता है।
कितने साल तक हालदार साहब काम के सिल सिले में उस कस्बे से गुजरते रहे?
एक साल तक
दो साल तक
तीन साल तक
गुजरे ही नहीं,उसी कस्बे में रहने लगे।
कमसिन का अर्थ होगा ?
सुंदर
काम
कम अच्छा सीन
एक नाम।
