Worksheetsबाज़ार दर्शन
Total questions: 42
Worksheet time: 21mins
1 'बाज़ार दर्शन' के रचयिता हैं-
महादेवी वर्मा
हज़ारी प्रसाद द्विवेदी
जैनेन्द्र कुमार
जिनेन्द्र कुमार
2. 'बाज़ार दर्शन' का प्रतिपाद्य है-
बाज़ार के उपयोग का विवेचन करना
बाज़ार से लाभ-हानि
बाज़ार न जाने की राय देना
बाज़ार जाने के लिए उकसाना
3. लेखक का मित्र किसके साथ बाज़ार गया था?
लेखक के साथ
अपने मित्र के साथ
अपनी पत्नी के साथ
अपनी बेटी के साथ
5. लेखक के अनुसार पैसा क्या है?
हाथ का मैल
माया है माया
पावर है
पैसा व्यर्थ का प्रपंच है
6. भगत जी किस प्रकार के व्यक्ति हैं?
संतोषी
ईर्ष्यालु
दयालु
झगडालू
7. बाज़ार के जादू का प्रभाव कब पड़ता है?
जब ग्राहक जादू देखने का उत्सुक हो
जब मन खाली और जेब भरी हो
जब ग्राहक के साथ कोई होता है
जब ग्राहक की लाटरी लग जाए
8. हमें किस स्थिति में बाजार जाना चाहिए?
जब मन खाली न हो
जब मन भर कर खरीददारी कर सकते हो
जब मन बंद हो
जब सेल लगी हो
9. बाज़ार किसे देखता है?
धर्म को
जाति को
क्रय शक्ति कों
ग्राहक की लाचारी
10. 'बाज़ारूपन' से क्या अभिप्राय है?
बाज़ार से सामान खरीदना
बाज़ार से अनावश्यक सामान खरीदना
बाज़ार से ज़रूरी सामान खरीदना
बाज़ार को सजावटी बनाना
11. कौन लोग बाज़ार का बाजारूपन बढ़ाते हैं?
असली ग्राहक
गरीब ग्राहक
चोरी के पैसे से सामान खरीदने वाले
पर्चेजिंग पावर वाले लोग
बाजार दर्शन में जैनेंद्र कुमार ने अर्थशास्त्र को क्या कहा है ?
न्याय शास्त्र
राजनीति शास्त्र
अनीति शास्त्र
उपरोक्त में से कुछ भी नहीं
कायल शब्द का अर्थ क्या होता है ?
विरोधी
समर्थक
प्रशंसक
उपरोक्त में से कुछ भी नहीं
बाजार को शैतान का जाल क्यों कहा है ?
क्योंकि यह सब के साथ दुर्व्यवहार करता है l
क्योंकि वहां जाने पर पैसा खर्च हो जाता है l
क्योंकि यह लोगों को अपने लोभ में फंसा लेता है l
उपरोक्त सभी l
बाजार की सार्थकता किसमें हैं ?
आवश्यकता के समय काम न आना l
आवश्यकता के समय बाजार न खुलना l
आवश्यकता के समय काम आना l
उपरोक्त में से कुछ भी नहीं l
अर्थशास्त्र को अनीति शास्त्र क्यों कहा गया है ?
क्योंकि यह विक्रेता और ग्राहक के बीच के बीच के सद्भाव को घटाता है l
ग्राहक और विक्रेता दोनों एक दूसरे को ठगने की फिराक में रहते हैं l
ग्राहक का शोषण होने लगता है l
उपरोक्त सभी l
लू का लूपन व्यर्थ हो जाता है ?
जब शरीर में पानी न हो l
जब शरीर में पानी हो l
जब चारों ओर ठंडक हो l
उपरोक्त में से कुछ भी नहीं l
सच्चा कर्म किसके साथ होता है ?
पूर्णता की स्वीकृति के साथ l
अपूर्णता की स्वीकृति के साथ l
ज्ञानी मनुष्यों के साथ l
अज्ञानी मनुष्यों के साथ l
जैनेंद्र कुमार कैसे उपन्यासकार के रूप में प्रसिद्ध हैं ?
साहित्यिक
मनोवैज्ञानिक
राजनीतिक
आर्थिक
'बाजार-दर्शन' निबंध में किसका दुर्लभ संयोग देखा जा सकता है ?
गहरी वैचारिकता का
साहित्य-सुलभ लालित्य का
A और B दोनों
उपरोक्त में से कोई नहीं
निबंध में स्त्री को किसका प्रतीक बताया गया है ?
माया का
मोह का
न्याय का
अन्याय का
बाजार को शैतान का जाल क्यों कहा है ?
क्योंकि यह सब के साथ दुर्व्यवहार करता है l
क्योंकि वहां जाने पर पैसा खर्च हो जाता है l
क्योंकि यह लोगों को अपने लोभ में फंसा लेता है l
उपरोक्त सभी l
बाजार का बाजारूपन कब व्यर्थ हो जाता है ?
जब मन में लक्ष्य न हो l
जब मन में लक्ष्य हो l
जब जेब में पैसा हो l
जब जेब में पैसा न हो l
मन खाली होने से क्या तात्पर्य है ?
मन में विषय विकार न होना l
मन में कोई लक्ष्य न होना l
मन में चंचलता न होना l
मन में शुद्धता न होना l
बाजार की सार्थकता किसमें हैं ?
आवश्यकता के समय काम न आना l
आवश्यकता के समय बाजार न खुलना l
आवश्यकता के समय काम आना l
उपरोक्त में से कुछ भी नहीं l
मन के बंद हो जाने से क्या तात्पर्य है ?
मन का भरा होना l
मन का खाली होना l
मन का शून्य हो जाना l
उपरोक्त सभी l
बाजार को सार्थकता कौन सा मनुष्य देता है ?
जो नहीं जानता कि उसे क्या चाहिए l
जो कुछ भी खरीद लेता है l
जो कुछ भी नहीं खरीदता l
जो जानता है कि वह क्या चाहता है l
अर्थशास्त्र को अनीति शास्त्र क्यों कहा गया है ?
क्योंकि यह विक्रेता और ग्राहक के बीच के बीच के सद्भाव को घटाता है l
ग्राहक और विक्रेता दोनों एक दूसरे को ठगने की फिराक में रहते हैं l
ग्राहक का शोषण होने लगता है l
उपरोक्त सभी l
बाजार का जादू चढ़ने पर व्यक्ति क्या करता है ?
अनावश्यक चीजें खरीद लाता है l
अनावश्यक पैसा खर्च करता है l
पैसे की शक्ति का प्रदर्शन करना चाहता है l
उपरोक्त सभी l
सच्चा कर्म किसके साथ होता है ?
पूर्णता की स्वीकृति के साथ l
अपूर्णता की स्वीकृति के साथ l
ज्ञानी मनुष्यों के साथ l
अज्ञानी मनुष्यों के साथ l
