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Worksheetskartik kumar
Total questions: 51
Worksheet time: 26mins
रहीम का जन्म कब और कहा हुआ?
1747, दिल्ली
1498, अमरावती
1556, लाहौर
1565, लाहौर
रहीम के दोहे में कितने दोहे हैं?
10
11
12
13
धागा टूटने से क्या होता हैं?
रिश्ता में गाँठ पड़ जाती है।
रिश्ता मज़बूत बनता है।
इंसान मर जाता है।
इंसान रोता है।
हम अपने दुःखों को दूसरों के साथ साझा नहीं करना चाहिए।
यह किस दोहे के अर्थ है?
रहिमन पानी राखिए, बिनु पानी सब सून।
पानी गए न ऊबरै, मोती, मानुष, चून।।
नाद रीझी तन देत मृग, नर धन हेत समेत।
ते रहिमन पशु से अधिक, रीझेहु कछू न देत।।
बिगरी बात बनै नहीं, लाख करौ किन कोय।
रहिमन फ़ाटे दूध को, मथे न माखन होय।।
रहिमन निज मन की बिथा, मन ही राखों गोय।
सुनि अठिलैहैं लोग सब, बाँटि न लैहैं कोय।।
कौन सा दोहा कीचड़ का काव्य के समान है?
एकै साधे सब सधै, सब साधे सब जाय।
रहिमन मूलहिं सींचिबो, फूलै फलै अघाय॥
चित्रकूट में रमि रहे, रहिमन अवध-नरेस।
जा पर बिपदा पड़त है, सो आवत यह देस॥
धनि रहीम जल पंक को लघु जिय पियत अघाय।
उदधि बड़ाई कौन है, जगत पिआसो जाय॥
रहिमन देखि बड़ेन को, लघु न दीजिये डारि।
जहाँ काम आवे सुई, कहा करे तरवारि॥
मोती, मानुष, चून के संदर्भ में पानी के महत्व को स्पष्ट कीजिए।
मोती-चमक
मानुष-इज़्ज़त
चून-खाद्य
मोती-चमक
मानुष-खाद्य
चून-इज़्ज़त
मोती-इज़्ज़त
मानुष-खाद्य
चून-चमक
मोती-खाद्य
मानुष-चमक
चून-इज़्ज़त
छोटा लग सकता है, लेकिन एक बड़ा मूल्य है।
जैसे....
समुद्र
दोहा
बैग
चश्मा
चित्रकूट में कौन रेहता है
इब्राहिम लोदी
अशोका
अवध- नरेस
लक्ष्मण
रहीम के दोहे किसने लिखा है?
रैदास
रहीम
अरुण कमल
रहिम
‘रहीम के दोहे’ का मुख्य अभिप्राय है.....
ईश्वर की भक्ति
नीति की बातें
वीरता का वर्णन
ईमानदारी की बातें
सच्चा मित्र किसे कहा गया है?
विपत्ति की कसौटी पर खरा उतरने वाला
सच बोलनेवाला
संपत्ति हड़पनेवाला
मिलनेवाला
जाल पड़ने पर पानी क्यों बह जाता है?
आगे जाने के लिए
मछलियों का साथ निभाने के लिए
मछलियों से दूरी बनाने के लिए
मछलियों से सच्चा प्रेम न करने के लिए
पेड़ अपना फल स्वयं क्यों नहीं खाते हैं?
क्योंकि उसे फल पसंद नहीं हैं
क्योंकि वह खाना नहीं चाहते
क्योंकि वे परोपकारी होते हैं
उपर्युक्त सभी
सज्जन संपत्ति क्यों जमा करते हैं?
बुढ़ापे के लिए
धनवान बनने के लिए
दूसरों की मदद के लिए
अपने बाल-बच्चों के लिए
धनी पुरुष गरीब होने पर क्या करते हैं?
पछतावा
अपनी अमीरी की बातें
दूसरों का मज़ाक उड़ाना
दूसरों से मुँह छिपाना
'धरती की सी रीत है ..... यह देह।' इस दोहे से हमें क्या सीख मिलती है?
परिस्थितियों से सामना करने की
ऋतुओं का मुकाबला करने की
धन एकत्रित करने की
इनमें से कोई नहीं
रहीमदास जी का पूरा मान क्या है?
अब्दुलर्रहिम ख़ान
अब्दुल रहीमदास
अब्दुर्रहीम ख़ानख़ाना
अब्दुल रहीमदास खान
"सचहिं " शब्द का अर्थ बताइए।
सच्चा
संचय
सच ही
उपर्युक्त सभी
"मेह " शब्द का अर्थ बताइए।
लगाव
प्रेम
वर्षा
मोह
रहीमदास जी का पूरा नाम क्या था ?
रहीम दास
रहीमदासजी
अब्दुल रहीम
अब्दुल रहीम खान -ए -खाना
रहीमदास जी का जन्म कहाँ पर हुआ था ?
पंजाब
चंडीगढ़
लाहौर
लुधियाना
रहीमदास से संबंधित सही कथन कौन - सा है ?
मध्यकालीन कवि
कुशल प्रशासक
आश्रयदाता और दानवीर
उपरोक्त सभी
रहीमदास जी ने अपने काव्य में किन उदाहरणों को चुना है ?
रामायण
महाभारत
पुराण और गीता
उपरोक्त सभी
निम्न में कौन -सी रचना रहीमदास जी की रचना नहीं है ?
रहीम दोहावली
बरवै
नायिका भेद
सप्तसागर
रहीमदासजी के पिता का क्या नाम था ?
अकबर
बैरम खान
सलीम
खान खाना
रहीम के दोहे किसने लिखा है?
रैदास
रहीम
अरुण कमल
रहिम
रहीम जी ने किस अवध नरेश का वर्णन किया है?
दशरथ
राम
भरत
लक्ष्मण
दोहा कितनी पंक्ति का होता है?
दो
तीन
चार
पाँच
अठिलैहैं का अर्थ चुनिए -
हँसी -ठठा करना
मज़ाक उड़ाना
बातें बनाने
धीरे से कहना
चित्रकूट किस नाम से प्रसिद्ध है ?
लीला स्थाली
सुरम्य प्रदेश
शांत प्रदेश
दुखनिवारक स्थान
पशु से भी नीच लोग कौन होते हैं ?
स्वार्थी प्रवृति वाले
दूसरों के गुणों की प्रशंसा न करने वाले
दूसरों का अपमान करने वाले
दया न करने वाले
मृग संगीत में मस्त हो कर क्या करता है ?
नृत्य करता है।
छलाँगे लगाता है।
इधर उधर भागता है।
प्राण न्योछावर कर देता है।
1.'जिय' शब्द का प्रचलित रूप है-
जीना
जाना
जीव
पीना
'जलज'शब्द का पर्यायवाची शब्द है-
बादल
फूल
जलद
कमल
अनुस्वार कहते है
चंद्र बिन्दु को
अयोगवाह अं को
स्वरों को
अनुस्वार का अनुस्वार के रूप मे प्रयोग होता है
अंतस्थ व्यंजनों से पहले
ऊष्मीय व्यंजनों से पहले
अंतस्थ व्यंजनों तथा ऊष्मीय व्यंजनों से पहले
संयुक्त शब्द में अनुस्वार आया है
अपने मूल रूप में
नासिक्य व्यंजनों के स्थान पर
कोई नहीं
नासिक्य व्यंजनों की अनुस्वार का प्रयोग होता है जब
स्पर्शी व्यंजनों से पहले अर्ध पंचमाक्षर आता हो
अंतस्थ व्यंजनों के साथ
कंँही नहीं
टंकार शब्द मे अनुस्वार किस वर्ण के बदले आया है
ङ्
न्
ञ
म्
अनुनासिक है
बिन्दु ( ं )
चंद्र बिन्दु (ँ)
विसर्ग ( ः )
अनुनासिक का प्रयोग अपने मूल रूप में प्रयोग होता है
अ आ इ ई पर
अ आ इ ई ए पर
अ आ उ ऊ पर
अ आ उ ऊ इ ए पर
अनुनासिक का प्रयोग अपने मूल रूप में प्रयोग होता है
जहाँ शिरो रेखा पर कोई मात्रा न हो
जहाँ शिरो रेखा पर कोई मात्रा हो
कहीं भी नहीं
अनुनासिक स्वरों में अपने मूल रूप में प्रयोग होता है परंतु स्वरों के मात्रिक रूप मे प्रयोग नहीं होता ऐसे स्वर हैं -
अ इ
इ ए
इ ऐ
ए ऐ
अनुस्वार का प्रयोग शब्द के अंत मे प्रयोग होता है -
म् के स्थान पर
न के स्थान पर
ङ् के स्थान पर
अनुस्वार का प्रयोग नहीं होता
जब दो नासिक्य व्यंजन एक साथ हो
जब नासिक्य व्यंजन अर्ध हों
जब अंतस्थ व्यंजन अर्ध हो
य व ह के पहले आए अर्ध पंचम अक्षर
अनुस्वार मे बदलते है
अनुस्वार मे नहीं बदलते है
अनुनासिक मे बदलते है
संयुक्त व्यंजन होते है
दो समान व्यंजन मिलने से बने अक्षर
दो भिन्न व्यंजन मिलने से बने अक्षर
संयुक्त व्यंजन होते नहीं है
विद्यालय में आधा वर्ण है
द
य
आ
ल
अनुस्वार का चिन्ह है |
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|;
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अनुनासिक का चिन्ह है |
.
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दिनाक शब्द में किसका चिन्ह होता है |
अनुस्वर
अनुनासिक
नुक्ता
आगत
