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Worksheetsउत्तम आर्जव
Total questions: 10
Worksheet time: 2mins
_____ के साथ होने वाली सरलता ही उत्तम आर्जव धर्म है।
मिथ्या दर्शन
मिथ्या चरित्र
मान
सम्यग्दर्शन
आर्जव धर्म की विरोधी कषाय _____है।
क्रोध
मान
माया
लोभ
मानी जीव के मन - वचन - काय में _____ नहीं होती।
अनेकता
एकरूपता
कुछ कह नहीं सकते
a और b दोनों
उत्तम आर्जव करने के लिए मन वचन काय उपस्थित होना आवश्यक।
सत्य
असत्य
कुछ कह नहीं सकते
इनमेसे कोई नहीं
मन में हो सो वचन उचरिये उसका आश्रय है|
मन में जो आया वो वचन में बोल देना
मन को उतना पवित्र बनाओ की उसमे खोटा भाव आये ही नहीं
a और b दोनों नहीं
उपयुक्त सभी
यथाख्यात चरित्र वाले जीवो के माया का आभाव होता है।
संज्वलन
इनमेसे कोई नहीं
अनंतानुबन्धी, अप्रत्याख्यान, प्रत्याख्यान,संज्वलन
अप्रत्याख्यान, प्रत्याख्यान
किसी भी चीज मे मिलावट करना है।
घमंड
कपट
परिग्रह
क्रोध
मायाचारी करने के कारण किस गति का बंध होता है |
नरकगति
देवगति
मनुष्यागति
तिर्यंचगति
हम सभी आर्जव धर्म किस प्रकार से प्रकट कर सकते हे।
आत्मा का स्वभाव जैसा है वैसा मानकर
माया कषाय का आभाव करके
a और b दोनों
उपयुक्त सभी
माया का वर्णन करते हुए किस आचार्य ने माया को अविद्या की जन्मभूमि , अपयश का घर , पापरूपी कीचड़ का बड़ा भारी गड्ढा से सम्बोधित किया
अमृचन्द्राचार्य
समंतभद्राचार्य
शुभचन्द्रचार्य
कुन्दकुन्दाचार्य
