Worksheetsदशलक्षण धर्म - उत्तम आर्जव
Total questions: 10
Worksheet time: 2mins
1. लौकिक कार्यों की सिद्धि मायाचार से नहीं पूर्व…….........से होती है।
पुण्योदय
पापोदय
रागोदय
कषायोदय
2. मन- वचन - कार्य की एकरूपता ही.......... है।
आर्जव धर्म
माया कषाय
मान कषाय
मार्दव धर्म
3. पूजन में किसको सरल करने को कहा गया है?
तीन योग
चार कषाय
पांच पाप
परिणाम
4. आर्जव धर्म को समझाने के लिए पूजन में प्रयुक्त 'आरसी' शब्द का क्या अर्थ है?
दर्पण
पानी
जल का बुलबुला
कबूतर
5. पूजन में कपट की प्रीति को कैसा कहा गया है?
अंगार जैसा
दर्पण जैसा
जवाहर जैसा
बिलाव जैसा
6. व्यापार में अधिक लक्ष्मी कैसे मिलती है?
छल कर
कर्मोदय से
मेहनत से
ज्यादा ग्राहक आने से
7. मन रहित असंज्ञी जीवों में माया कषाय होती है या नहीं?
सबमे होती है
सबमे नहीं होती है
किसी किसी को होती है
स्थावर में नहीं होती त्रस में होती है
8. यथाख्यात चारित्र वालों के कौनसी कषाय का अभाव होता है?
अनन्तानुबन्धी
अप्रत्याख्यान
प्रत्याख्यान
संज्वलन
9. किसका कोई विश्वास नहीं करता?
क्रोधी
मानी
मायाचारी
लोभी
10. इनमें से आर्जव धर्म किसके नहीं है?
सिद्ध भगवान
मुनिराज
सम्यग्दृष्टि श्रावक
एकेन्द्रिय जीव
