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WorksheetsQuiz 2.1
Total questions: 13
Worksheet time: 17mins
किसी देश की आर्थिक वृद्धि का सर्वाधिक उपयुक्त माप है
सकल घरेलू उत्पाद
शुद्ध घरेलू उत्पाद
शुद्ध राष्ट्रीय उत्पाद
प्रति व्यक्ति उत्पाद
किसी दी गई अवधि के लिए एक देश की राष्ट्रीय आय
नागरिकों द्वारा उत्पादित वस्तुओं और सेवाओं के कुल मूल्य के बराबर होगी
कुल उपभोग और निवेश व्यय के योग के बराबर होगी
उत्पादित अंतिम वस्तुओं और सेवाओं के मौद्रिक मूल्य के बराबर होगी
सभी व्यक्तियों की वैयक्तिक आय के योग के बराबर होगी
निम्न में से कौन सा एक आर्थिक वृद्धि का परिचायक है
वर्ष के दौरान स्थिर कीमतों पर राष्ट्रीय आय में वृद्धि
वास्तविक प्रति व्यक्ति आय की सुस्थिर वृद्धि
किसी अवधि में चालू कीमतों पर राष्ट्रीय आय में वृद्धि
जनसंख्या मैं वृद्धि के साथ राष्ट्रीय आय में वृद्धि
भारत में सर्वप्रथम राष्ट्रीय आय का आकलन किसने किया था
दादाभाई नौरोजी ने
आर. सी दत्त ने
वी. के. आर. वी. राव ने
डी. आर. गाडगिल ने
1949 में भारत सरकार द्वारा नियुक्त राष्ट्रीय आय समिति का अध्यक्ष निम्नलिखित में से कौन था
सी. आर. राव
पी. सी. महालनोबिस
वी. के. आर. वी. राव
के. एन. राज
भारत का आर्थिक सर्वेक्षण प्रत्येक वर्ष सरकारी तौर पर प्रकाशित किया जाता है
भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा
नीति आयोग द्वारा
भारत सरकार के वित्त मंत्रालय द्वारा
भारत सरकार के उद्योग मंत्रालय द्वारा
सैद्धांतिक रूप से यदि आर्थिक विकास की कल्पना की जाती है, तो इनमें से किस एक को साधारणतः ध्यान में नहीं रखा जाता है
सकल घरेलू उत्पाद में वृद्धि
विश्व बैंक से वित्तीय सहायता में वृद्धि
सकल राष्ट्रीय उत्पाद में वृद्धि
प्रति व्यक्ति सकल राष्ट्रीय उत्पाद में वृद्धि
किसी देश में जीवन स्तर प्रतिबिम्बित होता है
गरीबी के अनुपात से
प्रति व्यक्ति आय से
राष्ट्रीय आय से
बेरोजगारी की दर से
(Checkbox) भारतीय अर्थव्यवस्था के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों में से कौन सा/कौन से सही है/हैं (5 minutes)
पिछले दशक में वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि दर लगातार बढ़ती रही है
पिछले दशक में बाजार कीमतों पर सकल घरेलू उत्पाद लगातार बढ़ता रहा है
(Checkbox) निम्नलिखित में से कौन से मुख्य कारणों से भारत में प्रति व्यक्ति आय में वृद्धि की दर धीमी है
जनसंख्या वृद्धि की ऊंची दर
पूंजी निर्माण की ऊंची दर
वित्तीय घाटे का ऊंचा दर
1857-58 में भारत में प्रति व्यक्ति आय ₹20 थी, यह सर्वप्रथम अभिनिश्चित किया
एम. जी. रानाडे ने
सर डब्ल्यू. हंटर ने
आर. सी. दत्त ने
दादाभाई नैरोजी ने
2015 में भारत की राष्ट्रीय आय की माप में क्या बड़ा परिवर्तन किया गया है
आधार वर्ष और गणना विधि दोनों में बदलाव किया गया है
आधार वर्ष 2004-05 से बदलकर 2011-12 किया गया है
गणना साधन लागत से बदलकर बाजार कीमतों पर द गई है
गणना चालू कीमतों से बदलकर स्थिर कीमतों पर की गई है
यदि एक दी हुई समयाविधि में कीमतें तथा मौद्रिक आय दोनों दुगनी हो जाएं तो वास्तविक आय
दुगनी हो जाएगी
आधी रह जाएगी
अपरिवर्तित रहेगी
कीमतें वास्तविक आय को प्रभावित नहीं करती हैं
