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Worksheetsनमक का दरोगा
Total questions: 32
Worksheet time: 16mins
1. 'नमक का दरोगा' कहानी के मुख्य पात्र का नाम क्या है?
अलोपीदीन
वंशीधर
प्रेमचंद
बदलूसिंह
नौकरी पर जाते समय उन्हें किसने सलाह दी?
बड़े भाई ने
पिताजी ने
पंडित जी ने
अलोपीदीन जी ने
कहानी में 'ऊपरी आमदनी' शब्द से क्या आशय है?
सरकार की ओर से मिलने वाली आमदनी
रिश्वत या घूस से मिलने वाली आमदनी
नौकरी के अलावा किसी और काम से मिलने वाली आमदनी
इनमें से कोई नहीं
नमक के दफ़्तर से एक मील दूर कौन-सी नदी बहती थी?
पार्वती
रावी
यमुना
सिंधु
नदी के पुल पर किसकी गाडियाँ थीं?
दारोगा जी की
अलोपीदीन जी की
नमक विभाग की
वंशीधर जी की
अलोपीदीन जी कौन थे?
पुलिस कर्मचारी
वंशीधर जी के पिताजी
नमक विभाग के बड़े अफ़सर
दातागंज के जमींदार
नमक से भरी गाड़ियों को नदी पार करते समय रोक कर वंशीधर जी ने क्या किया?
अलोपीदीन जी से रिश्वत स्वीकार कर ली
अलोपीदीन जी से हाथ जोड़कर माफ़ी माँगी
अलोपीदीन जी को गिरफ़्तार करने का आदेश दिया
अलोपीदीन जी की गाड़ियों को जाने दिया
वंशीधर जी को प्रारंभ में कितनी रिश्वत देने की बात कही गई?
एक लाख रुपए
दस हज़ार रुपए
एक हज़ार रुपए
पाँच सौ रुपए
वंशीधर जी को अपनी ईमानदारी की क्या परिणाम मिला ?
अपमानित हुए
नौकरी से निकाले गए
पुरस्कार दिया
बड़े अफ़सर बने
इस कहानी से आपको क्या शिक्षा मिलती है?
अनावश्यक दखलंदाज़ी नहीं, अपने काम-से-काम रखें
अवसरों का लाभ उठाने में देरी नहीं करनी चाहिए
किसी भी कीमत पर सच्चाई और ईमानदारी न छोड़ना
सच्चाई और ईमानदारी के साथ अवसरों का लाभ उठाएं
नमक का दरोगा कहानी के मुख्य पात्र हैं
हल्कू और जबरा
घीसू और माधव
दारोगा वंशीधर और पंडित अलोपीदीन
होरी और झुनिया
‘नमक का दरोगा' पाठ के लेखक हैं -
यशपाल
प्रेमचंद
कबीर
वंशीधर
ईमानदार, शिक्षित ,धर्मनिष्ठ , कर्तव्यपरायण कौन है ?
पंडित अलोपीदीन
वृद्ध मुंशी
मुंशी वंशीधर
वकील
इस पाठ में वृद्ध मुंशीजी ने ‘पीर की मज़ार’ किसे कहा है ?
ओहदे को
मासिक वेतन को
दरगाह को
ऊपरी आय को
‘नमक का दारोगा’ कहानी के अन्य लिए कौन -सा शीर्षक उचित नहीं होगा ?
सत्य की जीत
ईमानदारी
धर्म पर धन की विजय
धन पर धर्म की विजय
पंडित अलोपीदीन की गिरफ़्तारी का क्या परिणाम हुआ ?
अलोपीदीन को जेल में डाल दिया
वंशीधर को जेल में डाल दिया
वंशीधर की नौकरी चली गई
अलोपीदीन की नौकरी चली गई
अलोपीदीन की गाडियााँ कौन-सी नदी के पुल पर जा रही थी ?
गंगा
सरस्वती
तापी
यमुना
‘नमक का दारोगा’ कहानी से सीख मिलती है की
धर्मपरायण रहना चाहिए
लक्ष्मी का पुजारी चाहिए
रिश्वत लेनी चाहिए
ऊपरी आमदनी होनी चाहिए
पटवारीगिरी और नमक के विभाग की नौकरी में लोगों का आकर्षण अधिक क्यों था ?
दोनों विभागों में ऊपरी कमाई बहुत अधिक थी
दोनों विभागों में भ्रष्टाचार बहुत अधिक था
दोनों विभागों में रिश्वत बहुत चलती थी
उपरोक्त सभी
मासिक वेतन को ''पूर्णमासी का चाँद'' क्यों कहा गया है ?
माह में सिर्फ एक दिन दिखता है
उसमें वृद्धि होने की बजाय कमी होती है
एक दिन वह बिलकुल समाप्त हो जाता है
उपरोक्त सभी
अलोपीदीन का न्याय और नीति पर विश्वास क्यों नहीं था ?
देश में न्यायपालिका नहीं थी
उसने रिश्वत के बल पर सबको बिकते देखा था
उसे जीवन में धोखा मिला था
उपरोक्त में से कोई भी नहीं
इस कहानी में वंशीधर के चरित्र की कौनसी विशेषता उजागर हुई है ?
दृढनिश्चयी
साहसी
कर्तव्यनिष्ठ
उपरोक्त सभी
अलोपीदीन को किस कारण से हिरासत में लिया गया ?
दारोगा वंशीधर को रिश्वत देने के प्रयास में
नमक को गैरकानूनी ढंग से ले जाने के कारण
दारोगा की चापलूसी करने के कारण
उपरोक्त में से कोई भी नहीं
