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Worksheetsकठपुतली
Total questions: 13
Worksheet time: 7mins
कठपुतली का अर्थ है-
काठ की गाड़ी
काठ की दीवार
काठ की लाठी
डोरे से बाँधकर नचाई जानेवाली काठ(लकड़ी) की पुतली।
"कठपुतली" कविता के रचयिता हैं
सुभद्रा कुमारी चौहान
सुमित्रानंदन पंत
भवानी प्रसाद मिश्र
मैथलीशरण गुप्त
कठपुतली को किस बात का दुख था?
हरदम खेलने का
हरदम धागा खींचने का
हरदम हँसने का
दूसरों के इशारे पर नाचने का
कठपुतली के मन में कौन-सी इच्छा जागी?
खेलने की
नाचने की
मस्ती करने की
आज़ाद होने की
पहली कठपुतली ने दूसरी कठपुतली से क्या कहा?
अपने पैरों पर खड़े होने के लिए
बंधन से मुक्त होने के लिए
स्वतंत्र होने के लिए
उपर्युक्त सभी
कठपुतलियों को किनसे परेशानी थी?
पाँवों से
गुस्से से
धागों से
उपर्युक्त सभी से
कठपुतली ने अपनी इच्छा प्रकट की ?
क्रोधपूर्वक
व्यथापूर्वक
हर्षपूर्वक
विनम्रतापूर्वक
कठपुतली गुस्से से क्यों उबल पड़ी-
वह आज़ाद होना चाहती थी
वह खेलना चाहती थी
वह पराधीनता से परेशान थी
उपर्युक्त सभी
पाँवों पर छोड़ देने का’ का अर्थ है-
सहारा देना
स्वतंत्र कर देना
आश्रयहीन कर देना
पैरों से सहारा हटा देना
कठपुतली
गुस्से से उबली
बोली-ये धागे
क्यों हैं मेरे पीछे-आगे?
इन्हें तोड़ दो।
मुझे मेरे पाँवों पर छोड़ दो।
उपर्युक्त पंक्तियों में कठपुतली संज्ञा है -
भाववाचक
जातिवाचक
व्यक्तिवाचक
समुदायवाचक
कठपुतली
गुस्से से उबली
बोली-ये धागे
क्यों हैं मेरे पीछे-आगे?
इन्हें तोड़ दो।
मुझे मेरे पाँवों पर छोड़ दो।
उपर्युक्त पंक्तियों में मेरा सर्वनाम है -
प्रथम पुरुषवाचक
उत्तम पुरुषवाचक
निश्चय वाचक
अनिश्चय वाचक
हमें अपने मन के छंद हुए’ का क्या अर्थ है-
नया जीवन जीना
अपने मन का काम
अपने लिए जीना
अपने मन की बात सुनना
‘पहली कठपुतली’ रेखांकित शब्द है-
क्रिया
सर्वनाम
संज्ञा
विशेषण
