NEW
Font size
Worksheetsरक्त और हमारा शरीर
Total questions: 21
Worksheet time: 15mins
"रक्त और हमारा शरीर" पाठ के लेखक कौन हैं?
भगवतीप्रसाद वाजपेयी
भगवतीप्रसाद मिश्र
भवानीप्रसाद मिश्र
यतीश अग्रवाल
दिव्या को हर समय क्या महसूस होता रहता था ?
थकान
भूख में कमी
याददाशत की कमी
बेचैनी
एनीमिया क्या है?
आँखों की बीमारी
रक्त की कमी से होने वाली बीमारी
पेट की बीमारी
रक्त की अधिकता से होने वाली बीमारी
पेट में पाए जाने वाले कीड़े किस बीमारी का कारण बनते हैं?
रतौंधी
दमा
क्षयरोग
एनीमिया
डॉक्टर स्लाइड की जाँच किस यंत्र द्वारा कर रही थी?
दूरदर्शी द्वारा
दूरबीन द्वारा
सूक्ष्मदर्शी द्वारा
उपर्युक्त सभी
लाल कणों का जीवन काल कितना होता है?
छह महीने
दो महीने
चार महीने
एक साल
रक्त किसके समान दिखाई देता है?
खारे पानी के समान
हरित द्रव के समान
लाल द्रव के समान
ठोस पदार्थ के समान
रक्त को मुख्यतः कितने भागों में बाँटा जा सकता है?
तीन
पाँच
दो
चार
रक्त के तरल भाग को क्या कहते हैं?
प्लाज्मा
प्लेटलेट
मज्जा
अस्थि
रक्त को भानुमती का पिटारा क्यों कहा जाता है?
रक्त लाल होने के कारण
रक्त के तरल होने के कारण
रक्त प्लाज्मा में कई प्रकार के बहुत से रक्तकण तथा अन्य पदार्थ होने के कारण
भानुमती का पिटारा होने के कारण।
वीर सिपाही किन कणों को कहा गया है ?
लाल
सफ़ेद
पीले
हरे
हाँ,” दीदी बोली, “लाल कण बनावट में बालूशाही की तरह ही होते हैं। गोल और दोनों तरफ़ अवतल, यानी बीच में दबे हुए। रक्त की एक बूंद में इनकी संख्या लाखों में होती है। यदि हम एक मिलीलीटर रक्त लें, तो उसमें हमें चालीस से पचपन लाख कण मिलेंगे। इनके कारण ही हमें रक्त लाल रंग का नज़र आता है। ये कण शरीर के लिए दिन-रात काम करते हैं। साँस लेने पर साफ़ हवा से जो ऑक्सीजन तुम प्राप्त करते हो उसे शरीर के हर हिस्से में पहुँचाने का काम इन कणों का ही है। इनका जीवनकाल लगभग चार महीने होता है। चार महीने के होते-होते ये नष्ट हो जाते हैं, लेकिन एक साथ नहीं, धीरे-धीरे। कुछ आज, कुछ कल, कुछ उससे अगले दिन…।”
लाल रक्त कण बनावट में किसके समान होते हैं ?
अणु कण की तरह
तरल द्रव्य की तरह
कीड़ों की तरह
बालूशाही की तरह
हाँ,” दीदी बोली, “लाल कण बनावट में बालूशाही की तरह ही होते हैं। गोल और दोनों तरफ़ अवतल, यानी बीच में दबे हुए। रक्त की एक बूंद में इनकी संख्या लाखों में होती है। यदि हम एक मिलीलीटर रक्त लें, तो उसमें हमें चालीस से पचपन लाख कण मिलेंगे। इनके कारण ही हमें रक्त लाल रंग का नज़र आता है। ये कण शरीर के लिए दिन-रात काम करते हैं। साँस लेने पर साफ़ हवा से जो ऑक्सीजन तुम प्राप्त करते हो उसे शरीर के हर हिस्से में पहुँचाने का काम इन कणों का ही है। इनका जीवनकाल लगभग चार महीने होता है। चार महीने के होते-होते ये नष्ट हो जाते हैं, लेकिन एक साथ नहीं, धीरे-धीरे। कुछ आज, कुछ कल, कुछ उससे अगले दिन…।”
एक मिलीलीटर रक्त में लाल कणों की संख्या होती है-
पाँच से दस लाख लाल कण तरह
दस से बीस लाख लाल कण
तीस से चालीस लाख कण
चालीस से पचपन लाख कण
और बिंबाणुओं का काम है चोट लगने पर रक्त जमाव क्रिया में मदद करना। रक्त के तरल भाग प्लाज्मा में एक विशेष किस्म की प्रोटीन होती है जो रक्तवाहिका की कटी-फटी दीवार में मकड़ी के जाले के समान एक जाला बुन देती है। बिंबाणु इस जाले से चिपक जाते हैं और इस तरह दीवार में आई दरार भर जाती है, जिससे रक्त बाहर निकलना बंद हो जाता है।”
बिबाणुओं का क्या काम है?
रक्त को प्रवाहित करना
रक्त की जमाव क्रिया में मदद करना
प्लाज्मा बनाना
उपर्युक्त सभी
ज़रूरत के समय यदि उस रक्त-समूह का कोई व्यक्ति न मिले तो हमें क्या करना चाहिए
किसी भी रक्त समूह का प्रयोग कर लेना चाहिए |
ब्लड बैंक जाना चाहिए।
पड़ोसियों की मदद लेना चाहिए।
इनमें से कोई नहीं।
ब्लड बैंक क्या है?
जहाँ पर सभी तरह के रक्त समूहों का खून एकत्रित होता है।
जहाँ खून बनाया जाता है।
जहाँ जबरन खून निकला जाता है
जहाँ नृत्य सिखाया जाता है
ब्लड बैंक में रक्त कहाँ से आता है?
विदेशों से
कृत्रिम निर्माण से
पशु-पक्षियों से
मनुष्यों से
यदि हम एक मिलीलीटर रक्त लें तो उसमें हमें चालीस से पचपन लाख कण मिलेंगे। इनके कारण ही हमें रक्त लाल रंग का नज़र आता है। ये कण शरीर के लिए दिन-रात काम करते हैं। साँस लेने पर साफ़ हवा से जो ऑक्सीजन तुम प्राप्त करते हो उसे शरीर के हर हिस्से में पहुँचाने का काम इन कणों का ही है। इनका जीवनकाल लगभग चार महीने होता है। चार महीने के होते-होते ये नष्ट हो जाते हैं, लेकिन एक साथ नहीं, धीरे-धीरे। कुछ आज, कुछ कल, कुछ उससे अगले दिन…।” “तब तो कुछ ही महीनों में ये खत्म हो जाते होंगे”, अनिल ने कहा। यह सुनकर डॉक्टर दीदी मुसकरा उठीं, बोलीं, “नहीं, ऐसा नहीं होता। शरीर में हर समय नए कण बनते रहते हैं। हड्डियों के बीच के भाग मज्जा में ऐसे बहुत से कारखाने होते हैं, जो रक्त कणों के निर्माण कार्य में लगे रहते हैं। इनके लिए इन कारखानों को प्रोटीन, लौहतत्व और विटामिन रूपी कच्चे माल की ज़रूरत होती है।
एक मिलीलीटर रक्त में कितने लाल रक्त कण होते हैं ?
एक मिलीलीटर रक्त में 45-55 लाख लाल रक्त कण होते हैं।
एक मिलीलीटर रक्त में 30-55 लाख लाल रक्त कण होते हैं।
एक मिलीलीटर रक्त में 10-55 लाख लाल रक्त कण होते हैं।
एक मिलीलीटर रक्त में 40-55 लाख लाल रक्त कण होते हैं।
यदि हम एक मिलीलीटर रक्त लें तो उसमें हमें चालीस से पचपन लाख कण मिलेंगे। इनके कारण ही हमें रक्त लाल रंग का नज़र आता है। ये कण शरीर के लिए दिन-रात काम करते हैं। साँस लेने पर साफ़ हवा से जो ऑक्सीजन तुम प्राप्त करते हो उसे शरीर के हर हिस्से में पहुँचाने का काम इन कणों का ही है। इनका जीवनकाल लगभग चार महीने होता है। चार महीने के होते-होते ये नष्ट हो जाते हैं, लेकिन एक साथ नहीं, धीरे-धीरे। कुछ आज, कुछ कल, कुछ उससे अगले दिन…।” “तब तो कुछ ही महीनों में ये खत्म हो जाते होंगे”, अनिल ने कहा। यह सुनकर डॉक्टर दीदी मुसकरा उठीं, बोलीं, “नहीं, ऐसा नहीं होता। शरीर में हर समय नए कण बनते रहते हैं। हड्डियों के बीच के भाग मज्जा में ऐसे बहुत से कारखाने होते हैं, जो रक्त कणों के निर्माण कार्य में लगे रहते हैं। इनके लिए इन कारखानों को प्रोटीन, लौहतत्व और विटामिन रूपी कच्चे माल की ज़रूरत होती है।
नए रक्त कणों का निर्माण कहाँ होता है ?
ह्रदय में
हड्डियों के बीच का भाग = मज्जा में
मस्तिषक में
आँखों में
कितने वर्ष की उम्र से व्यक्ति रक्तदान कर सकता है और कितना?
18 वर्ष 1 मिलीलीटर तक
25 वर्ष 300 मिलीलीटर तक
18 वर्ष 300 मिलीलीटर तक
15 वर्ष 400 मिलीलीटर तक
हमारे शरीर में लगभग कितना रक्त होता है?
10 लीटर
दो लीटर
चार लीटर
पाँच लीटर
