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WorksheetsGrade-6 S.A-I हिन्दी [MM: 51]
Total questions: 51
Worksheet time: 46mins
निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िये तथा नीचे दिए गए प्रश्नों के लिए सही विकल्प चुनकर उत्तर लिखिए ।
{अपठित गद्यांश}
बड़े-बड़े विद्वानों, समाज सेवकों और महापुरुषोने संघर्ष को ही जीवन माना है । नदी के बहते जल को देखकर आपको यह नहीं समझना चाहिए कि उसका जल बिना किसी टकराव के बह रहा है । सागर तक पहुचने वाले रास्ते में उसे चट्टानों,पत्थरों और लोहा-लक्कर से भिड़ने जैसी कई समस्याओं से संघर्ष करने के बाद ही अपनी मंजिल मिलती है । क्या आप जानते है की बिल्ली कबूतर को कैसे मार गिराती है ? वास्तव में आक्रमण होने से पहले ही कबूतर अपनी हार स्वीकार कर लेता है । और अपनी आँखे बंद कर लेता है । वह यह नहीं जानता कि आँखे बंद करने से खतरा नहीं टलता,खतरा टलता है संघर्ष करने से । यदि आँखे बंद न करता और संघर्ष करता तो वह उड़ भी सकता था ; जीवन जीने का नाम नहीं, जीवन संघर्ष का नाम है ।
1. संघर्ष को जीवन किसने माना ?
बड़े-बड़े विद्वानों ने
समाज सेवकों ने
महापुरुषों ने
इनमें से सभी ने
निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िये तथा नीचे दिए गए प्रश्नों के लिए सही विकल्प चुनकर उत्तर लिखिए ।
{अपठित गद्यांश}
बड़े-बड़े विद्वानों, समाज सेवकों और महापुरुषोने संघर्ष को ही जीवन माना है । नदी के बहते जल को देखकर आपको यह नहीं समझना चाहिए कि उसका जल बिना किसी टकराव के बह रहा है । सागर तक पहुचने वाले रास्ते में उसे चट्टानों,पत्थरों और लोहा-लक्कर से भिड़ने जैसी कई समस्याओं से संघर्ष करने के बाद ही अपनी मंजिल मिलती है । क्या आप जानते है की बिल्ली कबूतर को कैसे मार गिराती है ? वास्तव में आक्रमण होने से पहले ही कबूतर अपनी हार स्वीकार कर लेता है । और अपनी आँखे बंद कर लेता है । वह यह नहीं जानता कि आँखे बंद करने से खतरा नहीं टलता,खतरा टलता है संघर्ष करने से । यदि आँखे बंद न करता और संघर्ष करता तो वह उड़ भी सकता था ; जीवन जीने का नाम नहीं, जीवन संघर्ष का नाम है ।
2. नदी को अपनी मंजिल कैसे मिलती है ?
आक्रमण करने के बाद
सागर तक पहुचने के बाद
संघर्ष करने के बाद
निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िये तथा नीचे दिए गए प्रश्नों के लिए सही विकल्प चुनकर उत्तर लिखिए ।
{अपठित गद्यांश}
बड़े-बड़े विद्वानों, समाज सेवकों और महापुरुषोने संघर्ष को ही जीवन माना है । नदी के बहते जल को देखकर आपको यह नहीं समझना चाहिए कि उसका जल बिना किसी टकराव के बह रहा है । सागर तक पहुचने वाले रास्ते में उसे चट्टानों,पत्थरों और लोहा-लक्कर से भिड़ने जैसी कई समस्याओं से संघर्ष करने के बाद ही अपनी मंजिल मिलती है । क्या आप जानते है की बिल्ली कबूतर को कैसे मार गिराती है ? वास्तव में आक्रमण होने से पहले ही कबूतर अपनी हार स्वीकार कर लेता है । और अपनी आँखे बंद कर लेता है । वह यह नहीं जानता कि आँखे बंद करने से खतरा नहीं टलता,खतरा टलता है संघर्ष करने से । यदि आँखे बंद न करता और संघर्ष करता तो वह उड़ भी सकता था ; जीवन जीने का नाम नहीं, जीवन संघर्ष का नाम है ।
3. कबूतर आँखे बंद करके क्या समझता है ?
खतरा टल गया
वह उड़ नही सकता
निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िये तथा नीचे दिए गए प्रश्नों के लिए सही विकल्प चुनकर उत्तर लिखिए ।
{अपठित गद्यांश}
बड़े-बड़े विद्वानों, समाज सेवकों और महापुरुषोने संघर्ष को ही जीवन माना है । नदी के बहते जल को देखकर आपको यह नहीं समझना चाहिए कि उसका जल बिना किसी टकराव के बह रहा है । सागर तक पहुचने वाले रास्ते में उसे चट्टानों,पत्थरों और लोहा-लक्कर से भिड़ने जैसी कई समस्याओं से संघर्ष करने के बाद ही अपनी मंजिल मिलती है । क्या आप जानते है की बिल्ली कबूतर को कैसे मार गिराती है ? वास्तव में आक्रमण होने से पहले ही कबूतर अपनी हार स्वीकार कर लेता है । और अपनी आँखे बंद कर लेता है । वह यह नहीं जानता कि आँखे बंद करने से खतरा नहीं टलता,खतरा टलता है संघर्ष करने से । यदि आँखे बंद न करता और संघर्ष करता तो वह उड़ भी सकता था ; जीवन जीने का नाम नहीं, जीवन संघर्ष का नाम है ।
4. सागर तक पहुचने वाले रास्ते में नदी को किससे भिड़ना पड़ता है ?
बिल्ली और कबूतर से
चट्टानों, पत्थरों और लोहा-लक्कर से
निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िये तथा नीचे दिए गए प्रश्नों के लिए सही विकल्प चुनकर उत्तर लिखिए ।
{अपठित गद्यांश}
बड़े-बड़े विद्वानों, समाज सेवकों और महापुरुषोने संघर्ष को ही जीवन माना है । नदी के बहते जल को देखकर आपको यह नहीं समझना चाहिए कि उसका जल बिना किसी टकराव के बह रहा है । सागर तक पहुचने वाले रास्ते में उसे चट्टानों,पत्थरों और लोहा-लक्कर से भिड़ने जैसी कई समस्याओं से संघर्ष करने के बाद ही अपनी मंजिल मिलती है । क्या आप जानते है की बिल्ली कबूतर को कैसे मार गिराती है ? वास्तव में आक्रमण होने से पहले ही कबूतर अपनी हार स्वीकार कर लेता है । और अपनी आँखे बंद कर लेता है । वह यह नहीं जानता कि आँखे बंद करने से खतरा नहीं टलता,खतरा टलता है संघर्ष करने से । यदि आँखे बंद न करता और संघर्ष करता तो वह उड़ भी सकता था ; जीवन जीने का नाम नहीं, जीवन संघर्ष का नाम है ।
5. गद्यांश का उपयुक्त शीर्षक बताइए-
जीवन संघर्ष का नाम है ।
जीने का नाम ही जीवन है ।
निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िये तथा नीचे गए प्रश्नों के लिए सही विकल्प चुनकर उत्तर लिखिए ।
{अपठित गद्यांश}
हम सभी के मन में अनेक प्रकार के भाव होते है जो वातावरण और परिस्थिति के अनुरूप प्रकट होते है । जिस प्रकार किसी परिचित को देखकर चेहरे पर तुरंत प्रसन्नता का भाव आ जाता है और किसी दुखी को देखकर हम भी दुखी हो उठते है या फिर अचानक साँप को देखकर भय का भाव स्वत: प्रकट हो जाता है । भावों के संबंध में एक बात और है कि हम जहाँ जन्म लेते हैं वहाँ के वातावरण की सुगँध सदा हमारे साथ बनी रहती है । आप यदी भारतीय है तो आपकी भारतीयता आपके साथ संसार के हर कोने में जाएगी ।आपका कर्तव्य हे कि आप अपने देश के गौरव का सदा ध्यान रखें और संसार में उसकी गरिमा को बनाए रखें ।
6. हमारे मन में रहनेवाले भाव हमें किस प्रकार प्रभाावित करते है ?
संसार के अनुरूप
आपने कर्तव्य के अनुरूप
वातावरण और परिस्थिति के अनुरूप
निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िये तथा नीचे गए प्रश्नों के लिए सही विकल्प चुनकर उत्तर लिखिए ।
{अपठित गद्यांश}
हम सभी के मन में अनेक प्रकार के भाव होते है जो वातावरण और परिस्थिति के अनुरूप प्रकट होते है । जिस प्रकार किसी परिचित को देखकर चेहरे पर तुरंत प्रसन्नता का भाव आ जाता है और किसी दुखी को देखकर हम भी दुखी हो उठते है या फिर अचानक साँप को देखकर भय का भाव स्वत: प्रकट हो जाता है । भावों के संबंध में एक बात और है कि हम जहाँ जन्म लेते हैं वहाँ के वातावरण की सुगँध सदा हमारे साथ बनी रहती है । आप यदी भारतीय है तो आपकी भारतीयता आपके साथ संसार के हर कोने में जाएगी ।आपका कर्तव्य हे कि आप अपने देश के गौरव का सदा ध्यान रखें और संसार में उसकी गरिमा को बनाए रखें ।
7. परिचित को देखकर क्या प्रतिक्रिया होती है ?
दुखी हो उठते है
प्रसन्नता का भाव आ जाता है
भय का भाव प्रकट हो जाता है ।
निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िये तथा नीचे गए प्रश्नों के लिए सही विकल्प चुनकर उत्तर लिखिए ।
{अपठित गद्यांश}
हम सभी के मन में अनेक प्रकार के भाव होते है जो वातावरण और परिस्थिति के अनुरूप प्रकट होते है । जिस प्रकार किसी परिचित को देखकर चेहरे पर तुरंत प्रसन्नता का भाव आ जाता है और किसी दुखी को देखकर हम भी दुखी हो उठते है या फिर अचानक साँप को देखकर भय का भाव स्वत: प्रकट हो जाता है । भावों के संबंध में एक बात और है कि हम जहाँ जन्म लेते हैं वहाँ के वातावरण की सुगँध सदा हमारे साथ बनी रहती है । आप यदी भारतीय है तो आपकी भारतीयता आपके साथ संसार के हर कोने में जाएगी ।आपका कर्तव्य हे कि आप अपने देश के गौरव का सदा ध्यान रखें और संसार में उसकी गरिमा को बनाए रखें ।
8. भावों का संबंध सदा किससे बना रहता है ?
हम जहँ रहते हैं वहाँ के वातावरण से
हम जहाँ जाते हैं वहाँ के वातावरण से
हम जहाँ जन्म लेते हैं वहाँ के वातावरण से
निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िये तथा नीचे गए प्रश्नों के लिए सही विकल्प चुनकर उत्तर लिखिए ।
{अपठित गद्यांश}
हम सभी के मन में अनेक प्रकार के भाव होते है जो वातावरण और परिस्थिति के अनुरूप प्रकट होते है । जिस प्रकार किसी परिचित को देखकर चेहरे पर तुरंत प्रसन्नता का भाव आ जाता है और किसी दुखी को देखकर हम भी दुखी हो उठते है या फिर अचानक साँप को देखकर भय का भाव स्वत: प्रकट हो जाता है । भावों के संबंध में एक बात और है कि हम जहाँ जन्म लेते हैं वहाँ के वातावरण की सुगँध सदा हमारे साथ बनी रहती है । आप यदी भारतीय है तो आपकी भारतीयता आपके साथ संसार के हर कोने में जाएगी ।आपका कर्तव्य हे कि आप अपने देश के गौरव का सदा ध्यान रखें और संसार में उसकी गरिमा को बनाए रखें ।
9. देश के प्रति आपका क्या कर्तव्य है ?
वातावरण और परिस्थिति के अनुसार कार्य करें
आप अपने देश के गौरव का सदा ध्यान रखें
निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िये तथा नीचे गए प्रश्नों के लिए सही विकल्प चुनकर उत्तर लिखिए ।
{अपठित गद्यांश}
हम सभी के मन में अनेक प्रकार के भाव होते है जो वातावरण और परिस्थिति के अनुरूप प्रकट होते है । जिस प्रकार किसी परिचित को देखकर चेहरे पर तुरंत प्रसन्नता का भाव आ जाता है और किसी दुखी को देखकर हम भी दुखी हो उठते है या फिर अचानक साँप को देखकर भय का भाव स्वत: प्रकट हो जाता है । भावों के संबंध में एक बात और है कि हम जहाँ जन्म लेते हैं वहाँ के वातावरण की सुगँध सदा हमारे साथ बनी रहती है । आप यदी भारतीय है तो आपकी भारतीयता आपके साथ संसार के हर कोने में जाएगी ।आपका कर्तव्य हे कि आप अपने देश के गौरव का सदा ध्यान रखें और संसार में उसकी गरिमा को बनाए रखें ।
10. हम सभी के मन में कितने प्रकार के भाव होते है ?
एक प्रकार के भाव होते है
दो प्रकार के भाव होते है
अनेक प्रकार के भाव होते है
निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िये तथा नीचे दिए गए प्रश्नों के लिए सही विकल्प चुनकर उत्तर लिखिए ।
{पठित गद्यांश}
मैंने हनुमान को याद दिलाया कि यदि मै गोभी के फूल का माहात्म्य सुनकर गया तो गाड़ी तो छुटेगी और गोभी का फूल भी छुटेगा । तब जाकर हनुमान प्रसाद जी ने मुझे छोड़ा । हज़रतगंज, सिनेमा, नुमाइश और काँफी हाउस सब कुछ छोड़कर मैं लखनऊ की तरकारी मंडी में घुसा । तरकारीवाले दो रुपए से नीचे उतरने को तैयार न थे पर मुझे तो गोभी के फूल एक-एक रुपए वाले चाहिए थे-पूरे पत्तेवाले, जिनके डंठल का अचार बन सके । लौटने का वक्त हो गया । मंडीवाले ने एक रुपए पर उतरने के लिए हामी न भरी । हारकर डेढ़ रुपए के भाव से गोभी के फूल खरीदे ।
11. लेखक ने हनुमान को क्या याद दिलाया ?
गाड़ी छुट जाएगी
गोभी का फूल छुट जाएगा
गाड़ी और गोभी का फूल दोनों छुट जाएगा ।
निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िये तथा नीचे दिए गए प्रश्नों के लिए सही विकल्प चुनकर उत्तर लिखिए ।
{पठित गद्यांश}
मैंने हनुमान को याद दिलाया कि यदि मै गोभी के फूल का माहात्म्य सुनकर गया तो गाड़ी तो छुटेगी और गोभी का फूल भी छुटेगा । तब जाकर हनुमान प्रसाद जी ने मुझे छोड़ा । हज़रतगंज, सिनेमा, नुमाइश और काँफी हाउस सब कुछ छोड़कर मैं लखनऊ की तरकारी मंडी में घुसा । तरकारीवाले दो रुपए से नीचे उतरने को तैयार न थे पर मुझे तो गोभी के फूल एक-एक रुपए वाले चाहिए थे-पूरे पत्तेवाले, जिनके डंठल का अचार बन सके । लौटने का वक्त हो गया । मंडीवाले ने एक रुपए पर उतरने के लिए हामी न भरी । हारकर डेढ़ रुपए के भाव से गोभी के फूल खरीदे ।
12. तरकारीवाले और लेखक के बीच क्या मोलभाव हो रहा था ?
लेखक को गोभी के फूल एक पैसे में चाहिए थे ।
लेखक को गोभी के फूल एक रुपए में चाहिए थे ।
निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िये तथा नीचे दिए गए प्रश्नों के लिए सही विकल्प चुनकर उत्तर लिखिए ।
{पठित गद्यांश}
मैंने हनुमान को याद दिलाया कि यदि मै गोभी के फूल का माहात्म्य सुनकर गया तो गाड़ी तो छुटेगी और गोभी का फूल भी छुटेगा । तब जाकर हनुमान प्रसाद जी ने मुझे छोड़ा । हज़रतगंज, सिनेमा, नुमाइश और काँफी हाउस सब कुछ छोड़कर मैं लखनऊ की तरकारी मंडी में घुसा । तरकारीवाले दो रुपए से नीचे उतरने को तैयार न थे पर मुझे तो गोभी के फूल एक-एक रुपए वाले चाहिए थे-पूरे पत्तेवाले, जिनके डंठल का अचार बन सके । लौटने का वक्त हो गया । मंडीवाले ने एक रुपए पर उतरने के लिए हामी न भरी । हारकर डेढ़ रुपए के भाव से गोभी के फूल खरीदे ।
13. इस मोलभाव का क्या नतीजा रहा ?
लेखक ने गोभी के फूल नहीं खरीदे ।
लेखक ने गोभी के फूल डेढ़ रुपए में खरीदे ।
लेखक ने गोभी के फूल दो रुपए में खरीदे ।
निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िये तथा नीचे दिए गए प्रश्नों के लिए सही विकल्प चुनकर उत्तर लिखिए ।
{पठित गद्यांश}
मैंने हनुमान को याद दिलाया कि यदि मै गोभी के फूल का माहात्म्य सुनकर गया तो गाड़ी तो छुटेगी और गोभी का फूल भी छुटेगा । तब जाकर हनुमान प्रसाद जी ने मुझे छोड़ा । हज़रतगंज, सिनेमा, नुमाइश और काँफी हाउस सब कुछ छोड़कर मैं लखनऊ की तरकारी मंडी में घुसा । तरकारीवाले दो रुपए से नीचे उतरने को तैयार न थे पर मुझे तो गोभी के फूल एक-एक रुपए वाले चाहिए थे-पूरे पत्तेवाले, जिनके डंठल का अचार बन सके । लौटने का वक्त हो गया । मंडीवाले ने एक रुपए पर उतरने के लिए हामी न भरी । हारकर डेढ़ रुपए के भाव से गोभी के फूल खरीदे ।
14. दिए गए ‘पठित गद्यांश’ के पाठ का नाम बताइए ।
एलबम
हिमालय और हम
गोभी का फूल
निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िये तथा नीचे दिए गए प्रश्नों के लिए सही विकल्प चुनकर उत्तर लिखिए ।
{पठित गद्यांश}
मैंने हनुमान को याद दिलाया कि यदि मै गोभी के फूल का माहात्म्य सुनकर गया तो गाड़ी तो छुटेगी और गोभी का फूल भी छुटेगा । तब जाकर हनुमान प्रसाद जी ने मुझे छोड़ा । हज़रतगंज, सिनेमा, नुमाइश और काँफी हाउस सब कुछ छोड़कर मैं लखनऊ की तरकारी मंडी में घुसा । तरकारीवाले दो रुपए से नीचे उतरने को तैयार न थे पर मुझे तो गोभी के फूल एक-एक रुपए वाले चाहिए थे-पूरे पत्तेवाले, जिनके डंठल का अचार बन सके । लौटने का वक्त हो गया । मंडीवाले ने एक रुपए पर उतरने के लिए हामी न भरी । हारकर डेढ़ रुपए के भाव से गोभी के फूल खरीदे ।
15. लेखक को गोभी के फूल कितने रुपए में चाहिए थे ?
दो रुपए
डेढ़ रुपए
एक रुपए
नीचे दिए गए शब्दों में से ‘चंद्रमा’ का पर्यायवाची शब्द नहीं है-
दिनेश
शशि
हिमांशु
नीचे दिए गए शब्दों में से ‘बादल’ का पर्यायवाची शब्द नहीं है-
घन
जलधर
जलज
‘दुर्गम’ का सही अर्थ बताइए-
जहाँ जाना कठिन हो
बुरी भावना
बुरा व्यवहार
जो शब्दांश शब्दों से पहले जुड़कर उनके अर्थ में परिवर्तन लाते हैं,
वे क्या कहलाते है ?
प्रत्यय
उपसर्ग
उनके मुख पर प्रसन्नता झलकी‘ वाक्य में आए प्रसन्नता शब्द का
संज्ञा भेद बताइए-
जातिवाचक संज्ञा
भाववाचक संज्ञा
व्यक्तिवाचक संज्ञा
ऐसे शब्दांश जो शब्द के अंत में लगकर नए शब्द बनाते हैं,
क्या कहलाते है ?
उपसर्ग
प्रत्यय
लिंग के कितने भेद हैं ?
तीन
चार
दो
'सर्वनाम’ के कितने भेद होते है ?
चार
पाँच
छह
‘विशेषण’ के कितने भेद है ?
चार
पाँच
छह
‘उसने मुझे अपनी --------- शॉल उतारकर दे दी’ वाक्य मे
रिक्त स्थानों के लिए अर्थ की दृष्टि से उपयुक्त शब्द बताइए-
बहुमूल्य
अमूल्य
‘दिल काँपना’ मुहावरे का सही अर्थ बताइए-
हार मानना
भयभीत होना
दिल जलना
‘पेट काटना’ मुहावरे का सही अर्थ बताइए-
अपने भोजन तक में बचत
खाली पेट भजन करना
पेट पकड़ना
‘सिर पिटना’ मुहावरे का सही अर्थ बताइए-
हकलाना
पछताना
सर फोड़ना
‘उदार’ शब्द की भाववाचक संज्ञा क्या है बताइए-
उखारना
उदारता
उद्गम
‘जगत’ शब्द के पर्यायवाची शब्द को बताइए-
विद्यालय
संसार
आनंदित
‘शिक्षालय’ शब्द का संधि-विच्छेद बताइए-
शिक्ष + आलय
शिक्षा + आलय
शिक्षा + अलय
‘स्पर्श व्यंजन में कितने वर्ग होते है ?
पाँच
छह
सात
दो वर्णों के मेल से जो विकार उत्पन्न होता है उसे क्या कहते है ?
संज्ञा
संधि
समास
संज्ञा के स्थान पर आनेवाले शब्द क्या कहलाते है ?
संधि
विशेषण
सर्वनाम
‘आड़े हाथों लेना’ मुहावरे का अर्थ बताइए-
हाथ में लेना
कठोरता से पेश आना
हाथ जोड़ना
‘परतंत्र’ शब्द का विलोम शब्द बताइए-
मूलतंत्र
स्वतंत्र
परिवर्तन
निम्न’ शब्द का विलोम शब्द बताइए-
भिन्न
अन्न
उच्च
‘तमिलनाडु’ शब्द का संज्ञा भेद बताइए-
जातिवाचक संज्ञा
व्यक्तिवाचक संज्ञा
भाववाचक संज्ञा
‘फल’ शब्द का संज्ञा भेद बताइए-
व्यक्तिवाचक संज्ञा
भाववाचक संज्ञा
जातिवाचक संज्ञा
‘विद्या की चाह रखनेवाला’ क्या कहलाता है ?
विद्यार्थी
विद्यालय
विद्या का घर
‘जिसके हृदय में दया हो’ उसे क्या कहते है ?
दानव
दैत्य
दयालु
‘चाँद का टुकड़ा’ मुहावरे का अर्थ बताइए-
बहुत अच्छा होना
बहुत सुंदर होना
चाँद का टुकड़ा हाथ में लेना
‘गंगा हिमालय से निकलती है’ वाक्य में कारक के भेद को बताइए-
कर्म कारक
सम्बन्ध कारक
अपादान कारक
‘सम्प्रदान कारक’ के विभक्ति चिह्न को बताइए-
में
के लिए
के
‘मैने उसे पढ़ाया’ वाक्य में कारक के भेद को बताइए-
कर्ता कारक
सम्बन्ध कारक
कर्म कारक
बादलों को टकराकर पानी बनने का क्या आशय है ?
वर्षा होना
नदियाँ बहना
बाढ़ आना
एक पत्र माँ के नाम’ पाठ में किस स्थिति में लेखक ने जीवन
को व्यर्थ माना है ?
अब भी न जागने पर
कोई श्रेष्ट काम न कर सकने पर
कुछ काम धाम न करने पर
मुत्तुलक्ष्मी’ पाठ में सौ में से दस छात्र किस परीक्षा में पास हुए ?
मैट्रिक
स्नातक
मेडिकल
‘विभु काका’ पाठ में काका ने घर-घर जाकर लोगों को
क्या समझाया ?
स्वच्छ रहने के लाभ
बच्चों को पाठशाला भेजो
अन्न की पैदावार बढ़ाओ
‘एलबम’ पाठ में शादीराम ने पैसा-पैसा बचाकर अस्सी रुपए क्यों जोड़े ?
वे एलबम बनवाना चाहते थे ।
उन्हें रुपए जोड़ने का शौक था ।
वे लाला सदानंद का कर्ज चुकाना चाहते थे ।
'गोभी का फूल’ पाठ में अंत में लेखक ने गोभी के फूल कहाँ
से खरीदे ?
लखनऊ से
इलाहाबाद से
बनारस से
