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Worksheetsगलता लोहा -
Total questions: 35
Worksheet time: 18mins
गलता लोहा कहानी के लेखक कौन हैं ?
अमरकांत
कृष्णा सोबती
मन्नू भंडारी
हिमांशु जोशी
'गलता लोहा' कहानी किस विषय को आधार बनाकर लिखी गई है ?
जातिगत विभाजन
प्राचीन शिक्षा पद्धति
शहरी जीवन
उपरोक्त में से कोई भी नहीं
कौन , किस उद्देश्य से हँसुए को लेकर घर से निकला ?
धनराम , हँसुए पर धार लगाने के लिए
मोहन , हँसुए पर धार लगवाने के लिए
मास्टर त्रिलोक सिंह , हँसुए पर धार लगवाने के लिए
उपरोक्त में से कोई भी नहीं
लोग वंशीधर का सम्मान क्यों करते थे ?
वह पुरोहित हैं
वह अपना कार्य निष्ठापूर्वक करते हैं
वह व्रत -उपवास रखकर संयम का जीवन जीते हैं
उपरोक्त सभी
मास्टर त्रिलोक सिंह ने धनराम को जबान की चाबुक क्यों लगाई ?
धनराम पढाई की बजाय लोहा पीटने के काम में अधिक ध्यान देता था
वह मार खाने के बाद भी तेरह का पहाड़ा याद नहीं कर पाया था
उसके पिता उसे लोहे के काम में लगाए रखते थे
उपरोक्त सभी
धनराम के पिता ने उसे कौन सी विद्या सिखाई और कैसे ?
लोहार का कार्य , कार्य में गलती होने पर दंड देकर
पढाई का कार्य , कार्य में गलती होने पर दंड देकर
खेती का कार्य , खेतों में कार्य कराके
उपरोक्त में से कोई भी नहीं
धनराम किस प्रकार कामकाजी बन गया ?
पिता के द्वारा बचपन में ही लोहे के काम में लगा देने से
पिता के द्वारा लोहे का सारा कार्य सिखा देने से
पिता के देहांत के बाद उनका कार्य सँभाल लेने से
उपरोक्त सभी
वंशीधर अपने पुत्र मोहन को क्यों पढाना चाहते थे ?
मोहन पढने में प्रतिभाशाली था
वंशीधर पुरोहित के कार्य से संतुष्ट नहीं थे , वह मोहन की नौकरी के द्वारा परिवार की गरीबी मिटाना चाहते थे
मोहन को प्राइमरी स्कूल के बाद छात्रवृत्ति मिली थी
उपरोक्त सभी
मोहन की पढाई - लिखाई में क्या कठिनाई थी ?
प्राइमरी स्कूल के बाद उच्च विद्यालय गाँव से चार मील दूर था
उच्च विद्यालय पहुँचने के लिए दो मील की ऊँचाई पर चढ़ना पड़ता था
विद्यालय के रास्ते में एक नदी को पार करना पड़ता था
उपरोक्त सभी
रमेश कौन था और वह मोहन को किस उद्देश्य से लखनऊ ले गया ?
गाँव का एक युवक , मोहन को आगे पढ़ाने -लिखाने के लिए
गाँव का एक युवक , मुफ्त में नौकर का कार्य करने के लिए
गाँव का एक युवक , पुरोहित का कार्य करने के लिए
उपरोक्त में से कोई भी नहीं
लखनऊ में मोहन का समय कैसे बीता ?
पढने की बजाय घर के कार्य करके
उसके साथ नौकरों जैसा व्यवहार किया गया
उसे पढने के लिए समय नहीं दिया गया
उपरोक्त सभी
मेधावी मोहन लखनऊ के विद्यालय में अपनी पहचान क्यों नहीं बना पाया ?
रमेश के घर के सदस्यों द्वारा दिन भर काम कराए जाने के कारण
अत्यधिक गृहकार्य के कारण थक जाने से पढ़ न पाने के कारण
घरेलू नौकरों के जैसे व्यवहार से प्रतिभा - प्रदर्शन न कर पाने से
उपरोक्त सभी
गर्मियों की छुट्टियों में भी मोहन अपने गाँव क्यों नहीं जा पाता था ?
अत्यधिक पढाई के कारण
घरेलू नौकर का कार्य करने के कारण
लखनऊ में मन लग जाने के कारण
उपरोक्त में से कोई भी नहीं
मोहन ने अपनी परिस्थितियों से समझौता क्यों कर लिया था ?
उसके पिता साधन हीन थे
उसके पास पढने का कोई अन्य उपाय नहीं था
वह जान गया था कि रमेश उसे पढ़ने के बदले उसकी पूरी सेवा लेंगे
उपरोक्त सभी
मोहन ने लोहा ढालने की कारीगरी कैसे सीखी होगी ?
तकनीकी विद्यालय में अभ्यास करके
धनराम को कार्य करते हुए देखकर
अपने आप
उपरोक्त में से कोई भी नहीं
मास्टर त्रिलोक सिंह ने धनराम को जबान की चाबुक क्यों लगाई ?
धनराम पढाई की बजाय लोहा पीटने के काम में अधिक ध्यान देता था
वह मार खाने के बाद भी तेरह का पहाड़ा याद नहीं कर पाया था
उसके पिता उसे लोहे के काम में लगाए रखते थे
उपरोक्त सभी
धनराम के पिता ने उसे कौन सी विद्या सिखाई और कैसे ?
लोहार का कार्य , कार्य में गलती होने पर दंड देकर
पढाई का कार्य , कार्य में गलती होने पर दंड देकर
खेती का कार्य , खेतों में कार्य कराके
उपरोक्त में से कोई भी नहीं
धनराम किस प्रकार कामकाजी बन गया ?
पिता के द्वारा बचपन में ही लोहे के काम में लगा देने से
पिता के द्वारा लोहे का सारा कार्य सिखा देने से
पिता के देहांत के बाद उनका कार्य सँभाल लेने से
उपरोक्त सभी
त्रिलोक सिंह कौन थे और उन्होंने क्या भविष्यवाणी की थी ?
मोहन के पिता , मोहन के पुरोहित बनने की
धनराम के पिता , धनराम के लोहार बनने की
मोहन के अध्यापक , मोहन के बड़े आदमी बनने की
उपरोक्त में से कोई भी नहीं
धनराम को किस बात पर आश्चर्य हुआ ?
मोहन ने यह काम सीखे बिना कुशलता से गोले को ढाल कैसे लिया
पुरोहित खानदान का होते हुए भी लोहार का कार्य कैसे किया
लोहार के निम्न कोटि के कार्य को करने का साहस मोहन कैसे जुटा पाया
उपरोक्त सभी
मोहन ने लखनऊ में रमेश के दुर्व्यवहार के बारे में अपने पिता को क्यों नहीं बताया ?
वह लखनऊ जाकर खुशा था
वह अपने पिता को दुःख पहुंचाना नहीं चाहता था
घरेलू नौकर का कार्य पढने से ज्यादा अच्छा लग रहा था
उपरोक्त में से कोई भी नहीं
वंशीधर कौन हैं ? उनकी आजीविका का साधन क्या है ?
एक ब्राह्मण , पुरोहित का कार्य करके
लोहार , लोहे के औज़ार बनाकर
एक अध्यापक , अध्यापन करके
उपरोक्त में से कोई भी नहीं
'जबान की चाबुक' का क्या आशय है ?
जबान की लगाम बनाना
व्यंग्य वचन कहना
जबान और लगाम को समान मानना
उपरोक्त में से कोई भी नहीं
मोहन की पढाई - लिखाई में क्या कठिनाई थी ?
प्राइमरी स्कूल के बाद उच्च विद्यालय गाँव से चार मील दूर था
उच्च विद्यालय पहुँचने के लिए दो मील की ऊँचाई पर चढ़ना पड़ता था
विद्यालय के रास्ते में एक नदी को पार करना पड़ता था
उपरोक्त सभी
वंशीधर को रमेश में साक्षात् भगवान के दर्शन क्यों हुए ?
वंशीधर मोहन को पढ़ाना चाहते थे , किन्तु साधन हीन थे
वह न तो मोहन को गाँव से चार मील दूर स्कूल में भेज सकते थे न ही किसी अन्य शहर में
बिरादरी के युवक रमेश ने मोहन को अपने साथ लखनऊ ले जाने के लिए कहा था
उपरोक्त सभी
बंशीधर को कौन से गांव जाकर रुद्रीपाठ करना था
रामनगर
मोहनपुर
जग्गनाथपुर
गणनाथ
धनराम ने जब वंशीधर से मोहन के विषय में पूछा तो वंशीधर ने कैसे बताया
आँख नीचे करके
हाथ उदठाकर
जीभ दबाकर
दांत में तिनका दबाकर
