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Worksheetsपापा खो गए
Total questions: 15
Worksheet time: 10mins
"पापा खो गए" नाटक के लेखक कौन हैं ?
विजय तेंदुलकर
रामधारी
शिवमंगल
रमेश प्रसाद
"पापा खो गए" नाटक के लिए कोई दूसरा उपयुक्त शीर्षक होगा-
लालताऊ
खम्भे महराज
पापा नहीं खोए
अनोखा अपहरण
नाटक में प्रतिभाग करने से कौन- से लाभ होते हैं ?
एक्टिंग अच्छी होती है
झिझक मिटती है
प्रिसिद्धि मिलती है
उपर्युक्त तीनों
आसमान से आकर बिजली कहाँ गिर पड़ी थी ?
लेटरबक्स पर
पेड़ पर
खंभे पर
अपहरण कर्ता पर
अपहरण कर्ता लड़की को छोड़कर कहाँ चला गया था ?
सोने
खाना खाने
चोरी करने
उपर्युक्त तीनों गलत हैं
फ़ीस के पैसे क्या फोकट में आते हैं? इस वाक्य-का भाव क्या है ?
(a) फ़ीस मुफ्त में आती है
(b) पढ़ाई मुफ्त में होनी चाहिए
(c) फ़ीस के पैसे बड़ी मुश्किल से आते हैं
(d) फ़ीस अवश्य जमा करना चाहिए
अधोलिखित पंक्तियों के आधार पर सबसे अधिक सही विकल्प का चयन कीजिए-
तब भी बरसात की रातों से तो ये रातें कहीं अच्छी हैं, पेड़राजा! बरसात की रातों में तो रातभर भीगते रहो, बादलों से आनेवाले पानी की मार खाते रहो, तेज़ हवाओं में भी बल्ब को कसकर पकड़े बराबर एक टाँग पर खड़े रहो-बिलकुल अच्छा नहीं लगता। उस वक्त लगता है, इससे तो अच्छा था…न होता बिजली के खंभे का जन्म! बल्ब फेंक, तब दूर कहीं भाग जाने का जी होता है।
प्रश्न- 1 खम्भे राजा को कौन-सी ऋतु पसंद नहीं है-
बरसात
शीत
शिशिर
वसंत
अधोलिखित पंक्तियों के आधार पर सबसे अधिक सही विकल्प का चयन कीजिए-
तब भी बरसात की रातों से तो ये रातें कहीं अच्छी हैं, पेड़राजा! बरसात की रातों में तो रातभर भीगते रहो, बादलों से आनेवाले पानी की मार खाते रहो, तेज़ हवाओं में भी बल्ब को कसकर पकड़े बराबर एक टाँग पर खड़े रहो-बिलकुल अच्छा नहीं लगता। उस वक्त लगता है, इससे तो अच्छा था…न होता बिजली के खंभे का जन्म! बल्ब फेंक, तब दूर कहीं भाग जाने का जी होता है।
प्रश्न- खंभे की परेशानी क्या है?
(a) बारिश में भींगना
(b) एक टाँग पर खड़े रहना
(c) तेज़ आँधी तूफान में बल्ब को सँभाल कर रखना
(d) उपर्युक्त सभी।
अपने पत्तों का कोट पहनकर मुझे सरदी, बारिश या धूप में उतनी तकलीफ़ नहीं होती, तो भी तुमसे बहुत पहले का खड़ा हूँ मैं यहाँ। यहीं मेरा जन्म हुआ-इसी जगह। तब सब कुछ कितना अलग था यहाँ। वहाँ के, वे सब ऊँचे-ऊँचे घर नहीं थे तब। यह सड़क भी नहीं थी। वह सिनेमा का बड़ा सा पोस्टर और उसमें नाचनेवाली औरत भी तब नहीं थी। सिर्फ सामने का यह समुद्र था। बहुत अकेलापन महसूस होता था। तुम्हें जब यहाँ लाकर खड़ा किया तो सोचा, चलो कोई साथी तो मिला-इतना ही सही। लेकिन वो भी कहाँ? तुम शुरू-शुरू में मुझसे बोलने को ही तैयार नहीं थे। मैंने बहुत बार कोशिश की, पर तुम्हारी अकड़ जहाँ थी वहीं कायम! बाद में मैंने भी सोच लिया, इसकी नाक इतनी ऊँची है तो रहने दो। मैंने भी कभी आवाज़ नहीं लगाई, हाँ! अपना भी स्वभाव ज़रा ऐसा ही है।
प्रश्न- जब पेड़ का जन्म हुआ तो उस स्थान पर विशेष रूप से क्या था?
चौराहा
समुद्र के किनारा
घर के किनारा
रेड लाइट का किनारा
मैं बच्चे उठानेवाला हूँ । दूसरा कोई काम करने की मेरी इच्छा नहीं होती। अभी थोड़ी देर पहले एक घर से यह लड़की उठाई है मैंने। गहरी नींद सो रही थी। अब तक उठी नहीं है। उठेगी भी नहीं, मैंने इसे थोड़ी बेहोशी की दवा जो दी है। अब मुझे लगी है भूख। दिनभर कुछ खाने का वक्त ही नहीं मिला। पेट में जैसे चूहे दौड़ रहे हों!..तो ऐसा किया जाए…इसे यहीं लेटाकर अपने ज़रा कुछ खाने की तलाश करें…देखें कुछ मिल जाए तो! इतनी रात गए यहाँ इस वक्त अब किसी का आना मुमकिन नहीं।
प्रश्न- उसने लड़की को कहाँ से उठाया था?
(a) सड़क पर से
(b) खेल के मैदान से
(c) सोई हुई लड़की को उसके घर से
(d) विद्यालय से
मैं बच्चे उठानेवाला हूँ । दूसरा कोई काम करने की मेरी इच्छा नहीं होती। अभी थोड़ी देर पहले एक घर से यह लड़की उठाई है मैंने। गहरी नींद सो रही थी। अब तक उठी नहीं है। उठेगी भी नहीं, मैंने इसे थोड़ी बेहोशी की दवा जो दी है। अब मुझे लगी है भूख। दिनभर कुछ खाने का वक्त ही नहीं मिला। पेट में जैसे चूहे दौड़ रहे हों!..तो ऐसा किया जाए…इसे यहीं लेटाकर अपने ज़रा कुछ खाने की तलाश करें…देखें कुछ मिल जाए तो! इतनी रात गए यहाँ इस वक्त अब किसी का आना मुमकिन नहीं।
प्रश्न-पेट में चूहे दौड़ने का अर्थ है-
चूहे परेशान कर रहे हैं
पेट में चूहे चले गए हैं
बहुत ज्यादा भूख नहीं लगी है-
बहुत ज्यादा भूख लगी है-
‘मुमकिन’ शब्द का तात्पर्य है-
(a) संभव
(b) असंभव
(c) मँगाना
(d) मारना
कौआ उसके कान में कुछ कहता है। लैटरबक्स स्वीकृति में गरदन हिलाता है। अँधेरा। कुछ देर बाद उजाला। सुबह होती है। खंभा अपनी जगह पर टेढ़ा होकर खड़ा है। पेड़ सोई हुई लड़की पर झुककर अपनी छाया किए हुए है। कौए की काँव-काँव ज़ोर-ज़ोर से सुनाई दे रही है और सिनेमा के पोस्टर पर बड़े-बड़े अक्षरों में लिखा है-पापा खो गए हैं। पोस्टर पर बनी नाचनेवाली की इससे मेल खानेवाली भंगिमा। लेटर बॉक्स धीरे से सरकता हुआ प्रेक्षकों की ओर आता है।
प्रश्न- खंभा क्यों झुक गया?
(a) आँधी आने के कारण
(b) लोगों व पुलिस को आकर्षित करने के लिए
(c) लड़की को बचाने के लिए
(d) तेज़ बारिश के कारण
कौआ उसके कान में कुछ कहता है। लैटरबक्स स्वीकृति में गरदन हिलाता है। अँधेरा। कुछ देर बाद उजाला। सुबह होती है। खंभा अपनी जगह पर टेढ़ा होकर खड़ा है। पेड़ सोई हुई लड़की पर झुककर अपनी छाया किए हुए है। कौए की काँव-काँव ज़ोर-ज़ोर से सुनाई दे रही है और सिनेमा के पोस्टर पर बड़े-बड़े अक्षरों में लिखा है-पापा खो गए हैं। पोस्टर पर बनी नाचनेवाली की इससे मेल खानेवाली भंगिमा। लेटर बॉक्स धीरे से सरकता हुआ प्रेक्षकों की ओर आता है।
प्रश्न- कौआ ज़ोर से काँव-काँव क्यों कर रहा था?
(a) उसे भूख लगी थी
(b) लड़की को जगाने के लिए
(c) पुलिस को बुलाने के लिए
(d) अपहरण कर्ता व्यक्ति से बचाने के लिए
सिनेमा के पोस्टर पर बड़े-बड़े अक्षरों में क्या लिखा था?
(a) लड़की चोरी हो गई
(b) लड़की का नाम
(c) पापा खो गए
(d) माता-पिता का नाम
