NEW
Font size
Worksheetsचाँद का कुरता
Total questions: 11
Worksheet time: 6mins
हठ कर बैठा चांद एक दिन -----------------------
यह मौसम है जाने का
मोटा एक झिंगोला
माता से वो बोला
यात्रा पूरी करता हूं
सन -सन चलती हवा रात भर ---------------------------
जाड़े की तो बात ठीक है
मौसम है जाने का
जाड़े से मरता हूं
पर मैं तो डरती हूं
आसमान का सफर और ---------------------------
जाड़े से मरता हूं
यात्रा पूरी करता हूं
तुझको देखा करती हूं
यह मौसम है जाड़े का
बड़ा किसी दिन हो जाता है ---------------------------
और किसी दिन गोल
और किसी दिन बड़ा
और किसी दिन छोटा
कभी एक फुट मोटा
कभी एक अंगुल भर चौड़ा ---------------------------
और किसी दिन गोल
और किसी दिन बड़ा
और किसी दिन छोटा
कभी एक फुट मोटा
सन -सन चलती हवा रात भर ---------------------------
जाड़े की तो बात ठीक है
मौसम है जाड़े का
जाड़े से मरता हूं
पर मैं तो डरती हूं
चांद किस मौसम में ठिठुर-ठिठुर कर अपनी यात्रा पूरी करता है?
गर्मी
सर्दी
बरसात
बसंत
क्या चांद हमेशा एक नाक में रहता है?
हाँ
नहीं
मालूम नहीं
चांद किससे अपनी बात कहता है?
मांँ से
धरती से
सूरत से
आसमान से
इस कविता का नाम क्या है?
मौसम
चांद का सफर
आसमान का सफर
चांद का कुर्ता
इस कविता के कवि कौन हैं?
राम प्रसाद द्विवेदी
रामधारी सिंह दिनकर
सोहन लाल चतुर्वेदी
विजय गुप्त
