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Worksheets46. श्रीमद्भगवद्गीता यथारूप_प्रश्नोत्तरी श्रृंखला_10.8–10.13
Total questions: 40
Worksheet time: 23mins
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भगवत गीता 10.8 में किसको समस्त अध्यात्मिक एवम भौतिक जगत का कारण कहा गया है ?
कृष्ण
शिव
ब्रह्म
दुर्गा
प्रारम्भ में कृष्ण ने ब्रह्मा को वेदों का ज्ञान प्रदान किया और उन्होंने भूतकाल में वैदिक ज्ञान का प्रचार किया’’ यह कौन से उपनिषद में कहा गया है
गोपालतापनी उपनिषद्
मुंडक उपनिषद्
नारायण उपनिषद्
ये कहीं नहीं कहा गया है
प्रजापति किस से उत्पन्न होते हैं ?
शिव
ब्रह्म
नारायण
निराकार ब्रह्म
नारायण किस के अंश है ?
शिव
कृष्ण
दोनों के
किसी के भी नहीं
‘देवकी पुत्र, कृष्ण, ही भगवान् हैं’. ये श्लोक 10.8 के अनुसार किस उपनिषद में कहा गया है ?
नारायण उपनिषद्
गोपालतापनी उपनिषद्
महा उपनिषद्
ईशोपनिषद
शिवजी परमेश्र्वर के __________ से उत्पन्न हुए है ?
मस्तक से
छाती से
हाथो से
पैर से
निम्नलिखित में से सही वाक्य चुने ?
सभी देवी देवता कृष्ण के नियन्ता है
निराकार ब्रह्म सर्वश्रेष्ठ है
कृष्ण से बढ़कर कोई परम नियन्ता नहीं है
सभी वाक्य गलत है
श्लोक संख्या 10.9 मे शुद्ध भक्तों के कौन से लक्षण बताए गए है ?
सदा भगवान के गुणो की चर्चा करते हैं
सदा भगवान लीलाओं का गान करते हैं
हृदय निरन्तर कृष्ण में निमग्न रहताहैं
सभी वाक्य सही है
भक्ति बीज मुख्यता किस प्रक्रिया से अंकुरित होता है ?
श्रवण तथा कीर्तन से
पादसेवनम
दास्यम
किसी भी प्रक्रिया से नही
गीता के अनुसार उच्चतम गंतव्य किसको कहा गया है ?
गोलोक वृन्दावन धाम
ब्रह्मज्योति
स्वर्ग लोक
ब्रह्म लोक
भक्तिरूपी पौधे का विस्तार वर्णन मुख्यता किस ग्रंथ में हुआ है ?
भक्ति रसामृत सिंधु
भागवतम
चैतन्य चरितामृत
सभी में हुआ है
पूर्णयोग किसे कहते हैं ?
कृष्णभावनामृत में रहकर कार्य करना
मानसिक चिन्तन द्वारा परम लक्ष्य को समझना
कर्मफल की इच्छा से कार्य करना
पूर्णयोग कुछ नहीं होता
परम सत्य श्री कृष्ण को किस विधि से जाना जा सकता है ?
मात्र चिन्तन से
केवल भक्ति से
दोनो वाक्य सही है
दोनो ही सही नहीं है, क्योंकि परम सत्य तो निराकार ब्रह्म है
कोन सा नवधा भक्ति का अंग इनमे से नही है ?
कीर्तन
स्मरण
वंदना
अनर्थ-निवृत्ति
भगवत गीता को हम कैसे सीखना चाहिए ?
परमाणिक परम्परा-प्रणाली से
अपने बल और बुद्धि से समझ सकते हैं
किसी भी उन्नत भौतिक ज्ञान से
किसी भी अप्राणिक साधु से
क्या मनुष्य देह मे रहते हुए जन्म मृत्यु के बंधन से छुटकारा पाया जा सकता है?
नहीं, ये संभव ही नहीं है
हा, मनुष्य देह में देवताओं को प्रसन्न कर के ये संभव है
नहीं, जन्म मृत्यु का चक्कर सनातन है जो कभी नहीं खत्म होगा
हा, पूर्ण रूपेन कृष्णा की शरणगति से संभव है
क्या परम सत्य कृष्ण को समझने के लिए अपने प्रयास उपयुक्त है?
हाँ , अपना प्रयास ही काफ़ी है
नहीं, कृष्णा को उन्ही की कृपा होने पर समझ सकते हैं
हाँ, कृष्णा को दीक्षा के बाद बिना प्रयास के समझ सकते हैं
सभी वाक्य गलत है
निरन्तर भगवान का ध्यान कर ने का अर्थ क्या है।?
हर समय उनके पवित्र नाम का कीर्तन करना
उनके लीला का स्मरण करना
कृष्ण संबंध चर्चा करना
सभी वाक्य सही है
भक्ति करने का परिपक्व क्या है ?
भौतिक भोग
ब्रह्मज्योति की प्राप्ति
स्वर्गीय सुख
भगवत्प्रेम
कौन व्यक्ति इस तथ्य को तत्व से जान सकता है की कृष्ण परम ईश्वर है ?
जो शास्त्रों को पढ़े
जो व्यक्ति शास्त्रों को आचार्यों से सुने
जो शास्त्रों की वाणी को आचार्यों के अनुसार पालन करे
जो उपरोक्त सभी का पालन करे
गोपलतापिनी उपनिषद कौन से शास्त्र का भाग है ?
अथर्व वेद का
श्री मद भागवतम का
महाभारत का
विष्णु पूरण का
निमन्लिखित में से कौन से भक्त ऐसे है जिन्होंने श्री भगवान कृष्ण को मात्र कथा का श्रवण करके प्राप्त किया ?
हनुमान जी
परीक्षित महाराज जी
महाराज जनक जी
काक भिशुंडी जी
चैतन्य महाप्रभु के भक्ति लता से सम्बन्धित उपदेश निम्न में से किसको दिया ?
श्रील रूप गोस्वामी
श्रील सनातन गोस्वामी
श्रील वास ठाकुर
श्रील प्रकाश नंदन सरस्वती
भक्ति लता का बीज किसकी कृपा से प्राप्त हुआ है ?
पूर्वजन्म के पुण्य से
गुरु और कृष्ण से
शास्त्रों से
तीर्थो के भ्रमण से
भक्ति लता का सिंचन प्रमुखता किस क्रिया से होता है अर्थात भक्ति को कैसे बढाया जा सकता है ?
भगवान के शरणागत होकर
श्रवण और कीर्तन से
कर्मयोग से
तीर्थो में नहाकर
श्रीमदभागवतम भक्तो को सर्वाधिक प्रिय क्यों है ?
क्योंकि यह सुनकर परीक्षित महाराज ने भगवद धाम को प्राप्त किया था ?
क्योंकि श्रीमदभागवतम में भगवान और भक्तों की मधुर दिव्य लीलाओं का वर्णन है
क्योंकि श्रीमदभागवतम मुक्ति का मार्ग प्रशस्त करता है
क्योंकि श्रीमदभागवतम शुकदेव गोस्वामी द्वारा बोला गया है
श्रीमदभागवतम में निम्न में से कौन सी इच्छा को स्वार्थमय बताया गया है ?
धर्म / कर्म कांड
अर्थ
मोक्ष
उपरोक्त सभी
श्लोक संख्या 10.9 के अनुसार श्री कृष्ण जी क्या शिक्षा दे रहे है ?
भक्तों के संग में रह कर कृष्ण कथा का श्रवण और कीर्तन करना
सदैव कृष्ण का स्मरण करना
उपरोक्त दोनों
उपरोक्त में से कोई नही
श्लोक संख्या 10.10 में प्रयुक्त शब्द "बुद्धि योगम" का वर्णन इस से पूर्व श्री कृष्ण भगवान ने कौन से अध्याय में किया है ?
अध्याय 9 में
अध्याय 2 में
अध्याय 7 में
अध्याय 4 में
"बुद्धि योग" का अर्थ क्या है ?
बुद्धि के द्वारा कृष्ण को प्राप्त करना
योगाभ्यास से बुद्धि को तीव्र करना
महात्मा बुद्ध द्वारा बताये गये मध्यम मार्ग का पालन करना
कृष्ण चेतना में रह कर अपने समस्त कार्य करना
जो निरन्तर प्रेम पूर्वक कृष्ण का भजन करते है उन भक्तों पर कृष्ण क्या कृपा करते है ?
सुख सम्पति देते है तथा तन का कष्ट मिटाते है
स्वर्ग प्रदान करते है
उन्हें ऐसी बुद्धि प्रदान करते है जिस से वे कृष्ण को प्राप्त कर सके
मोक्ष प्रदान करते है
निम्न में से कौन से श्लोक में कृष्ण अर्जुन को बताते है की वह अभक्तों के समक्ष कभी प्रकट नही होते अर्थात अभक्त कृष्ण को समझ नही सकते ?
10.10
9.13
6.47
7.25
मायावादी कभी कभी भक्तों को भावुक कह कर उपहास करते है किन्तु श्लोक संख्या 10.11 के अनुसार भक्त भावुक नही अपितु सर्वाधिक बुद्धिमान है क्योंकि ?
क्योंकि भगवान कृष्ण ऐसे भक्तों के ह्रदय में अंधकार का नाश करते है
क्योंकि भक्तों नको भगवान मोक्ष देते है
क्योंकि बुद्धिमान व्यक्ति ही भक्त बनता है
उपरोक्त में से कोई भी नही
वनारस में श्री चैतन्य महाप्रभु ने कौन से मायावादी सन्यासी को उपदेश दिया जो बाद में भक्त बन गये ?
सर्व भौमाचार्य जी
प्र्काशानंदन सरस्वती जी
कांची पीठ के शन्कराचार्य जी
केशव कश्मीरी जी
भगवद गीता का सार आचार्यो के मत के अनुसार कौन से श्लोकों में निहित है जो चतुर्श्लोकी गीता के नाम से जानी जाती है ?
9.10 से 9.13
10.8 से 10.11
10.15 से 10.18
8.14 से 8.17
श्री कृष्ण जब ह्रदय में प्रकट होते है तब ह्रदय का अंधकार दूर हो जाता है क्या इसी प्रकार का फल देवताओं की उपासना करके प्राप्त होता है ?
हाँ , क्योंकि परम सत्य तो निराकार है और उसे किसी भी रूप में भजन किया जाये तो बराबर फल प्राप्त होता है
हाँ, क्योंकि माया शक्ति देवताओं के अधीन है
नहीं , क्योंकि कृष्ण त्रिगुणमयी माया से परे है और उसके स्वामी है किन्तु देवता माया के अधीन है
नहीं, क्योंकि सिर्फ निराकार ब्रह्म के ध्यान से ही माया को जीता जा सकता है
