WorksheetsGrade-5 S.A-II हिन्दी [MM:35] (2021-2022)
Total questions: 35
Worksheet time: 26mins
निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िये तथा नीचे दिए गए प्रश्नों के लिए सही विकल्प चुनकर उत्तर लिखिए ।
{अपठित गद्यांश }
हमारे जीवन में परिश्रम का बहुत महत्व है । मनुष्य मेहनत के बल पर ही जीवन में उन्नति कर सकता है । परिश्रम के बल पर ही मनुष्य चाँद तक पहुँच पाया है । परिश्रम से हर व्यक्ति अपनी इच्छा पूरी कर सकता है । छोटी सी चींटी भी मेहनत से अपने लिए भोजन जुटाती है । प्रकृति भी हमें परिश्रम करने की सीख देती है । परिश्रम से ही सब काम पूरे होते हैं । इस प्रकार कह सकते हैं - परिश्रम सफलता की कुंजी है ।
मनुष्य के जीवन में किसका महत्व है ?
उन्नति
व्यक्ति
परिश्रम
निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िये तथा नीचे दिए गए प्रश्नों के लिए सही विकल्प चुनकर उत्तर लिखिए ।
{अपठित गद्यांश }
हमारे जीवन में परिश्रम का बहुत महत्व है । मनुष्य मेहनत के बल पर ही जीवन में उन्नति कर सकता है । परिश्रम के बल पर ही मनुष्य चाँद तक पहुँच पाया है । परिश्रम से हर व्यक्ति अपनी इच्छा पूरी कर सकता है । छोटी सी चींटी भी मेहनत से अपने लिए भोजन जुटाती है । प्रकृति भी हमें परिश्रम करने की सीख देती है । परिश्रम से ही सब काम पूरे होते हैं । इस प्रकार कह सकते हैं - परिश्रम सफलता की कुंजी है ।
प्रकृति हमें क्या करना सिखाती है ?
इच्छा पूरी करना
भोजन करना
परिश्रम करना
निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िये तथा नीचे दिए गए प्रश्नों के लिए सही विकल्प चुनकर उत्तर लिखिए ।
{अपठित गद्यांश }
हमारे जीवन में परिश्रम का बहुत महत्व है । मनुष्य मेहनत के बल पर ही जीवन में उन्नति कर सकता है । परिश्रम के बल पर ही मनुष्य चाँद तक पहुँच पाया है । परिश्रम से हर व्यक्ति अपनी इच्छा पूरी कर सकता है । छोटी सी चींटी भी मेहनत से अपने लिए भोजन जुटाती है । प्रकृति भी हमें परिश्रम करने की सीख देती है । परिश्रम से ही सब काम पूरे होते हैं । इस प्रकार कह सकते हैं - परिश्रम सफलता की कुंजी है ।
परिश्रम किसकी कुंजी है ?
सफलता
बल
जीवन
निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िये तथा नीचे दिए गए प्रश्नों के लिए सही विकल्प चुनकर उत्तर लिखिए ।
{अपठित गद्यांश }
हमारे जीवन में परिश्रम का बहुत महत्व है । मनुष्य मेहनत के बल पर ही जीवन में उन्नति कर सकता है । परिश्रम के बल पर ही मनुष्य चाँद तक पहुँच पाया है । परिश्रम से हर व्यक्ति अपनी इच्छा पूरी कर सकता है । छोटी सी चींटी भी मेहनत से अपने लिए भोजन जुटाती है । प्रकृति भी हमें परिश्रम करने की सीख देती है । परिश्रम से ही सब काम पूरे होते हैं । इस प्रकार कह सकते हैं - परिश्रम सफलता की कुंजी है ।
परिश्रम के बल पर मनुष्य कहाँ तक पहुँच चुका है ?
चींटी तक
चाँद तक
धरती तक
निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िये तथा नीचे दिए गए प्रश्नों के लिए सही विकल्प चुनकर उत्तर लिखिए ।
{अपठित गद्यांश }
हमारे जीवन में परिश्रम का बहुत महत्व है । मनुष्य मेहनत के बल पर ही जीवन में उन्नति कर सकता है । परिश्रम के बल पर ही मनुष्य चाँद तक पहुँच पाया है । परिश्रम से हर व्यक्ति अपनी इच्छा पूरी कर सकता है । छोटी सी चींटी भी मेहनत से अपने लिए भोजन जुटाती है । प्रकृति भी हमें परिश्रम करने की सीख देती है । परिश्रम से ही सब काम पूरे होते हैं । इस प्रकार कह सकते हैं - परिश्रम सफलता की कुंजी है ।
परिश्रम से हर व्यक्ति क्या पूरी कर सकता है ?
उन्नति
अपना काम
अपनी इच्छा
निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िये तथा नीचे दिए गए प्रश्नों के लिए सही विकल्प चुनकर उत्तर लिखिए ।
{पठित गद्यांश }
कार्निवाल के मैदान में बिजली जगमगा रही थी । हँसी और विनोद का कलनाद गूँज रहा था । तभी मेरी श्रीमती जी ने कहा, “ खेल दिखलाओ जी, भला कुछ तो मन बहले ।“ उस दिन कार्निवाल के सब खिलौने उसके खेल में अपना अभिनय करने लगे । भालू मनाने लगा । बिल्ली रूठने लगी । चिड़िया का ब्याह हुआ । ताश के सब पत्ते लाल हुए, लट्टू अपने आप नाच रहे थे । श्रीमती जी ने छोटे जादूगर को एक रुपया दे दिया । वह उछल पड़।ा
श्रीमती जी ने क्या दिखलाने को कहा ?
ताश
खिलौना
खेल
निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िये तथा नीचे दिए गए प्रश्नों के लिए सही विकल्प चुनकर उत्तर लिखिए ।
{पठित गद्यांश }
कार्निवाल के मैदान में बिजली जगमगा रही थी । हँसी और विनोद का कलनाद गूँज रहा था । तभी मेरी श्रीमती जी ने कहा, “ खेल दिखलाओ जी, भला कुछ तो मन बहले ।“ उस दिन कार्निवाल के सब खिलौने उसके खेल में अपना अभिनय करने लगे । भालू मनाने लगा । बिल्ली रूठने लगी । चिड़िया का ब्याह हुआ । ताश के सब पत्ते लाल हुए, लट्टू अपने आप नाच रहे थे । श्रीमती जी ने छोटे जादूगर को एक रुपया दे दिया । वह उछल पड़ा ।
श्रीमती जी खेल क्यों देखना चाहती थीं ?
मन तोड़ने के लिए
मन बहलाने के लिए
अभिनय देखने के लिए
निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िये तथा नीचे दिए गए प्रश्नों के लिए सही विकल्प चुनकर उत्तर लिखिए ।
{पठित गद्यांश }
कार्निवाल के मैदान में बिजली जगमगा रही थी । हँसी और विनोद का कलनाद गूँज रहा था । तभी मेरी श्रीमती जी ने कहा, “ खेल दिखलाओ जी, भला कुछ तो मन बहले ।“ उस दिन कार्निवाल के सब खिलौने उसके खेल में अपना अभिनय करने लगे । भालू मनाने लगा । बिल्ली रूठने लगी । चिड़िया का ब्याह हुआ । ताश के सब पत्ते लाल हुए, लट्टू अपने आप नाच रहे थे । श्रीमती जी ने छोटे जादूगर को एक रुपया दे दिया । वह उछल पड़ा ।
किस मैदान में बिजली जगमगा रही थी ?
विनोद
कार्निवाल
जादूगर
निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िये तथा नीचे दिए गए प्रश्नों के लिए सही विकल्प चुनकर उत्तर लिखिए ।
{पठित गद्यांश }
कार्निवाल के मैदान में बिजली जगमगा रही थी । हँसी और विनोद का कलनाद गूँज रहा था । तभी मेरी श्रीमती जी ने कहा, “ खेल दिखलाओ जी, भला कुछ तो मन बहले ।“ उस दिन कार्निवाल के सब खिलौने उसके खेल में अपना अभिनय करने लगे । भालू मनाने लगा । बिल्ली रूठने लगी । चिड़िया का ब्याह हुआ । ताश के सब पत्ते लाल हुए, लट्टू अपने आप नाच रहे थे । श्रीमती जी ने छोटे जादूगर को एक रुपया दे दिया । वह उछल पड़ा ।
एक रुपया मिलने पर छोटे जादूगर ने क्या किया ?
दौड़ पड़ा
गिर पड़ा
उछल पड़ा
निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िये तथा नीचे दिए गए प्रश्नों के लिए सही विकल्प चुनकर उत्तर लिखिए ।
{पठित गद्यांश }
कार्निवाल के मैदान में बिजली जगमगा रही थी । हँसी और विनोद का कलनाद गूँज रहा था । तभी मेरी श्रीमती जी ने कहा, “ खेल दिखलाओ जी, भला कुछ तो मन बहले ।“ उस दिन कार्निवाल के सब खिलौने उसके खेल में अपना अभिनय करने लगे । भालू मनाने लगा । बिल्ली रूठने लगी । चिड़िया का ब्याह हुआ । ताश के सब पत्ते लाल हुए, लट्टू अपने आप नाच रहे थे । श्रीमती जी ने छोटे जादूगर को एक रुपया दे दिया । वह उछल पड़ा ।
खेल के अभिनय में किसका ब्याह हुआ ?
भालू
बिल्ली
चिड़िया
‘झोपड़ी’ का बहुवचन बताइए-
झोपड़िया
झोपड़ीयाँ
झोपड़ियाँ
‘रुपया’ का बहुवचन शब्द बताइए-
रुपये
रूपए
रुपए
‘रस्सी’ का बहुवचन शब्द बताइए-
रस्सिया
रस्सियाँ
रस्सीयाँ
‘मैदान’ शब्द का संज्ञा-भेद बताइए-
व्यक्तिवाचक
भाववाचक
जातिवाचक
‘प्रसन्नता’ शब्द का संज्ञा-भेद बताइए-
जातिवाचक
भाववाचक
व्यक्तिवाचक
‘जादूगर’ शब्द का संज्ञा-भेद बताइए-
भाववाचक
जातिवाचक
व्यक्तिवाचक
‘सिर पर पैर रखकर भागना’ मुहावरे का अर्थ बताइए-
सिर पर पैर रखना और भागना
बहुत दूर भागना
बहुत तेज भागना
नीचे दिए गए शब्दों में ‘गोबिंद’ शब्द का पर्यायवाची शब्द
नहीं है बताइए-
भगवान
ईश्वर
शिक्षक
नीचे दिए गए शब्दों में ‘मित्र’ शब्द का पर्यायवाची शब्द कौन-सा
है बताइए-
बैरी
दोस्त
शत्रु
‘घृणा’ शब्द का विलोम शब्द बताइए-
शत्रु
प्यास
प्यार
‘सुमिरन’ शब्द का अर्थ बताइए-
{क} स्मरण
{ख} याद
{क} और {ख} दोनों
‘विषाद’ शब्द का वर्ण-विच्छेद बताइए-
व + ई + ष् + आ + द् + अ
व + इ + ष् + अ + द् + अ
व् + इ + ष् + आ + द् + अ
‘दिल्ली-चंडीगढ़ वाली बस अभी-अभी आई है ।‘ दिए गए वाक्य में क्रियाविशेषण बताइए-
चंडीगढ़
दिल्ली
अभी-अभी
‘99’ को हिन्दी में कैसे लिखते है बताइए-
उनहत्तर
नवासी
निन्यानवे
‘मै खा रहा हूँ ।‘ दिए गए वाक्य का काल-भेद बताइए-
भूतकाल
भविष्यत् काल
वर्तमान काल
‘मै कल खाऊँगा ।’ दिए गए वाक्य का काल-भेद बताइए-
भूतकाल
वर्तमान काल
भविष्यत् काल
‘राजकुमारी’ शब्द का लिंग-भेद बताइए-
पुल्लिंग
स्त्रीलिंग
‘राम लिख रहा था ।‘ दिए गए वाक्य का काल-भेद बताइए-
वर्तमान काल
भविष्यत् काल
भूतकाल
‘59’ को हिन्दी में कैसे लिखते है ?
उनचालीस
उनचास
उनसठ
नवम्बर के पहले कौन सा महीना आता है ?
दिसम्बर
अक्टूबर
जनवरी
‘छोटा जादूगर’ पाठ में पहली बार लेखक ने लड़के की माँ को झोपड़ी में किस दशा में देखा ?
खाना पकाते हुए
चिथड़ों में लिपटे और काँपते हुए
खाट पर आराम करते हुए
‘दानी पेड़’ पाठ में लड़का बाजार में बेचने के लिए क्या ले गया ?
लड़की
फल
फूल
‘दानी पेड़’ पाठ में पेड़ को खुश रहने के लिए क्या चाहिए था
हरा-भरा जंगल
फूल और पत्ते
एक साथी
‘बापू की सीख’ पाठ में खद्दर को कैसे बुना जाता है ?
हाथों से
पैरों से
मशीन से
‘छोटा जादूगर’ पाठ में लड़का कार्निवाल के मैदान में परदे के पीछे
क्यों नहीं जा सकता ?
वह जाना नहीं चाहता था
वहाँ टिकट लगता था
उसका कोई साथी नहीं था
