WorksheetsGrade-6 S.A-II हिन्दी [MM: 51] (2021-2022)
Total questions: 51
Worksheet time: 38mins
निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िये तथा नीचे दिए गए प्रश्नों के लिए सही विकल्प चुनकर उत्तर लिखिए ।
{अपठित गद्यांश}
आज आदमी धन के पीछे अंधाधुंध दौड़ रहा है । पाँच रुपए मिलने पर दस, दस मिलने पर सौ और सौ मिलने पर पर हजा़र की लालसा लिए वह इस अंधी दौड़ में शामिल है । धन की इस दौड़ का कोई अंत नहीं ।इसमें सभी पारिवारिक और मानवीय संबध पीछे छुट गए । व्यक्ति सत्य-असत्य, उचित-अनुचित,न्याय-अन्याय और अपने-पराये में फर्क को भी भूल गया है । उसके पास अपने परिवार के लिए भी समय नहीं । धन की लालसा व्यक्ति को गलत कार्य करने के लिए उकसाती है । इस लालसा का ही परिणाम है कि जगह-जगह अपराध बढ़ रहे है ।इस रोगी मनोवृत्ति को बदलने के लिए हमें हर स्तर पर प्रयत्न करने होंगे ।
आज आदमी किसके पीछे दौड़ रहा है ?
सत्य के पीछे
असत्य के पीछे
धन के पीछे
निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िये तथा नीचे दिए गए प्रश्नों के लिए सही विकल्प चुनकर उत्तर लिखिए ।
{अपठित गद्यांश}
आज आदमी धन के पीछे अंधाधुंध दौड़ रहा है । पाँच रुपए मिलने पर दस, दस मिलने पर सौ और सौ मिलने पर पर हजा़र की लालसा लिए वह इस अंधी दौड़ में शामिल है । धन की इस दौड़ का कोई अंत नहीं ।इसमें सभी पारिवारिक और मानवीय संबध पीछे छुट गए । व्यक्ति सत्य-असत्य, उचित-अनुचित,न्याय-अन्याय और अपने-पराये में फर्क को भी भूल गया है । उसके पास अपने परिवार के लिए भी समय नहीं । धन की लालसा व्यक्ति को गलत कार्य करने के लिए उकसाती है । इस लालसा का ही परिणाम है कि जगह-जगह अपराध बढ़ रहे है ।इस रोगी मनोवृत्ति को बदलने के लिए हमें हर स्तर पर प्रयत्न करने होंगे ।
इस अंधाधुंध दौड़ में वह क्या खो रहा है ?
(क) पारिवारिक संबंध
(ख) मानवीय संबध
(क) और (ख) दोनों
निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िये तथा नीचे दिए गए प्रश्नों के लिए सही विकल्प चुनकर उत्तर लिखिए ।
{अपठित गद्यांश}
आज आदमी धन के पीछे अंधाधुंध दौड़ रहा है । पाँच रुपए मिलने पर दस, दस मिलने पर सौ और सौ मिलने पर पर हजा़र की लालसा लिए वह इस अंधी दौड़ में शामिल है । धन की इस दौड़ का कोई अंत नहीं ।इसमें सभी पारिवारिक और मानवीय संबध पीछे छुट गए । व्यक्ति सत्य-असत्य, उचित-अनुचित,न्याय-अन्याय और अपने-पराये में फर्क को भी भूल गया है । उसके पास अपने परिवार के लिए भी समय नहीं । धन की लालसा व्यक्ति को गलत कार्य करने के लिए उकसाती है । इस लालसा का ही परिणाम है कि जगह-जगह अपराध बढ़ रहे है ।इस रोगी मनोवृत्ति को बदलने के लिए हमें हर स्तर पर प्रयत्न करने होंगे ।
इस रोगी मनोवृत्ति को बदलने के लिए हमें क्या प्रयत्न करने होंगे ।
अंधाधुंध प्रयत्न करने होंगे ।
निरंतन प्रयत्न करने होंगे ।
हर स्तर पर प्रयत्न करने होंगे ।
निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िये तथा नीचे दिए गए प्रश्नों के लिए सही विकल्प चुनकर उत्तर लिखिए ।
{अपठित गद्यांश}
आज आदमी धन के पीछे अंधाधुंध दौड़ रहा है । पाँच रुपए मिलने पर दस, दस मिलने पर सौ और सौ मिलने पर पर हजा़र की लालसा लिए वह इस अंधी दौड़ में शामिल है । धन की इस दौड़ का कोई अंत नहीं ।इसमें सभी पारिवारिक और मानवीय संबध पीछे छुट गए । व्यक्ति सत्य-असत्य, उचित-अनुचित,न्याय-अन्याय और अपने-पराये में फर्क को भी भूल गया है । उसके पास अपने परिवार के लिए भी समय नहीं । धन की लालसा व्यक्ति को गलत कार्य करने के लिए उकसाती है । इस लालसा का ही परिणाम है कि जगह-जगह अपराध बढ़ रहे है ।इस रोगी मनोवृत्ति को बदलने के लिए हमें हर स्तर पर प्रयत्न करने होंगे ।
धन की लालसा बढ़ने पर क्या हो रहा है ?
धन की लालसा व्यक्ति को गलत कार्य करने के लिए रोकती है
धन की लालसा व्यक्ति को गलत कार्य करने के लिए उकसाती है
निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िये तथा नीचे दिए गए प्रश्नों के लिए सही विकल्प चुनकर उत्तर लिखिए ।
{अपठित गद्यांश}
आज आदमी धन के पीछे अंधाधुंध दौड़ रहा है । पाँच रुपए मिलने पर दस, दस मिलने पर सौ और सौ मिलने पर पर हजा़र की लालसा लिए वह इस अंधी दौड़ में शामिल है । धन की इस दौड़ का कोई अंत नहीं ।इसमें सभी पारिवारिक और मानवीय संबध पीछे छुट गए । व्यक्ति सत्य-असत्य, उचित-अनुचित,न्याय-अन्याय और अपने-पराये में फर्क को भी भूल गया है । उसके पास अपने परिवार के लिए भी समय नहीं । धन की लालसा व्यक्ति को गलत कार्य करने के लिए उकसाती है । इस लालसा का ही परिणाम है कि जगह-जगह अपराध बढ़ रहे है ।इस रोगी मनोवृत्ति को बदलने के लिए हमें हर स्तर पर प्रयत्न करने होंगे ।
‘पारिवारिक’ शब्द में कौन-सा प्रत्यय है ?
ईक
इक
पारि
निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िये तथा नीचे दिए गए प्रश्नों के लिए सही विकल्प चुनकर उत्तर लिखिए ।
{अपठित गद्यांश}
कभी निराश न होना ।‘असंभव शब्द मूर्खों के शब्दकोश में होता है ; यह ध्यान रखो । कोई ऐसा कार्य नहीं है जिसे धैर्य, परिश्रम,निष्ठा और स्वाध्याय से तुम पूरा न कर सको । याद रखो कि सफलता का मूल्य तुम्हें चुकाना पड़ेगा। इसके लिए तुम्हें अधिक परिश्रम करना पड़ सकता है, सतत परिश्रम करना पड़ सकता है, बार-बार परिश्रम करना पड़ सकता है, पर हर काम हो सकता है । याद रखो कि उद्यमी मनुष्य के लिए सुमेरु पहाड़ की चोटी भी बहुत ऊँची नहीं , उसके लिए रसातल भी अधिक नीचा नहीं है और वह समुद्र को भी अथाह नहीं समझता ।परिश्रम मानव जीवन का वह हथियार है जिसके बल पर वह भारी से भारी संकटों पर भी जीत हासिल कर सकता है ।
‘असंभव शब्द किन मनुष्यों के शब्दकोश में होता है ?
ज्ञानी मनुष्यों के
मूर्ख मनुष्यों के
चालाक मनुष्यों के
निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िये तथा नीचे दिए गए प्रश्नों के लिए सही विकल्प चुनकर उत्तर लिखिए ।
{अपठित गद्यांश}
कभी निराश न होना ।‘असंभव शब्द मूर्खों के शब्दकोश में होता है ; यह ध्यान रखो । कोई ऐसा कार्य नहीं है जिसे धैर्य, परिश्रम,निष्ठा और स्वाध्याय से तुम पूरा न कर सको । याद रखो कि सफलता का मूल्य तुम्हें चुकाना पड़ेगा। इसके लिए तुम्हें अधिक परिश्रम करना पड़ सकता है, सतत परिश्रम करना पड़ सकता है, बार-बार परिश्रम करना पड़ सकता है, पर हर काम हो सकता है । याद रखो कि उद्यमी मनुष्य के लिए सुमेरु पहाड़ की चोटी भी बहुत ऊँची नहीं , उसके लिए रसातल भी अधिक नीचा नहीं है और वह समुद्र को भी अथाह नहीं समझता ।परिश्रम मानव जीवन का वह हथियार है जिसके बल पर वह भारी से भारी संकटों पर भी जीत हासिल कर सकता है ।
कार्य करने के लिए क्या आवश्यक है ?
धैर्य
परिश्रम
धैर्य,परिश्रम निष्ठा और स्वाध्याय सभी
निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िये तथा नीचे दिए गए प्रश्नों के लिए सही विकल्प चुनकर उत्तर लिखिए ।
{अपठित गद्यांश}
कभी निराश न होना ।‘असंभव शब्द मूर्खों के शब्दकोश में होता है ; यह ध्यान रखो । कोई ऐसा कार्य नहीं है जिसे धैर्य, परिश्रम,निष्ठा और स्वाध्याय से तुम पूरा न कर सको । याद रखो कि सफलता का मूल्य तुम्हें चुकाना पड़ेगा। इसके लिए तुम्हें अधिक परिश्रम करना पड़ सकता है, सतत परिश्रम करना पड़ सकता है, बार-बार परिश्रम करना पड़ सकता है, पर हर काम हो सकता है । याद रखो कि उद्यमी मनुष्य के लिए सुमेरु पहाड़ की चोटी भी बहुत ऊँची नहीं , उसके लिए रसातल भी अधिक नीचा नहीं है और वह समुद्र को भी अथाह नहीं समझता ।परिश्रम मानव जीवन का वह हथियार है जिसके बल पर वह भारी से भारी संकटों पर भी जीत हासिल कर सकता है ।
सफलता का मूल्य कैसे चुकाना पड़ेगा ?
(क) अधिक परिश्रम करके
(ख) सतत परिश्रम करके
(क) और (ख) दोनो
निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िये तथा नीचे दिए गए प्रश्नों के लिए सही विकल्प चुनकर उत्तर लिखिए ।
{अपठित गद्यांश}
कभी निराश न होना ।‘असंभव शब्द मूर्खों के शब्दकोश में होता है ; यह ध्यान रखो । कोई ऐसा कार्य नहीं है जिसे धैर्य, परिश्रम,निष्ठा और स्वाध्याय से तुम पूरा न कर सको । याद रखो कि सफलता का मूल्य तुम्हें चुकाना पड़ेगा। इसके लिए तुम्हें अधिक परिश्रम करना पड़ सकता है, सतत परिश्रम करना पड़ सकता है, बार-बार परिश्रम करना पड़ सकता है, पर हर काम हो सकता है । याद रखो कि उद्यमी मनुष्य के लिए सुमेरु पहाड़ की चोटी भी बहुत ऊँची नहीं , उसके लिए रसातल भी अधिक नीचा नहीं है और वह समुद्र को भी अथाह नहीं समझता ।परिश्रम मानव जीवन का वह हथियार है जिसके बल पर वह भारी से भारी संकटों पर भी जीत हासिल कर सकता है ।
किस मनुष्य के लिए सुमेरु पहाड़ की चोटी भी बहुत ऊँची नहीं है ?
मूर्ख
उद्यमी
चालाक
निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िये तथा नीचे दिए गए प्रश्नों के लिए सही विकल्प चुनकर उत्तर लिखिए ।
{अपठित गद्यांश}
कभी निराश न होना ।‘असंभव शब्द मूर्खों के शब्दकोश में होता है ; यह ध्यान रखो । कोई ऐसा कार्य नहीं है जिसे धैर्य, परिश्रम,निष्ठा और स्वाध्याय से तुम पूरा न कर सको । याद रखो कि सफलता का मूल्य तुम्हें चुकाना पड़ेगा। इसके लिए तुम्हें अधिक परिश्रम करना पड़ सकता है, सतत परिश्रम करना पड़ सकता है, बार-बार परिश्रम करना पड़ सकता है, पर हर काम हो सकता है । याद रखो कि उद्यमी मनुष्य के लिए सुमेरु पहाड़ की चोटी भी बहुत ऊँची नहीं , उसके लिए रसातल भी अधिक नीचा नहीं है और वह समुद्र को भी अथाह नहीं समझता ।परिश्रम मानव जीवन का वह हथियार है जिसके बल पर वह भारी से भारी संकटों पर भी जीत हासिल कर सकता है ।
मनुष्य भारी से भारी संकटों पर भी जीत कैसे हासिल कर सकता है ?
परिश्रम करने पर
हथियार लाने पर
सुमेरु पहाड़ की चोटी चढ़ने पर
निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िये तथा नीचे दिए गए प्रश्नों के लिए सही विकल्प चुनकर उत्तर लिखिए ।
{पठित गद्यांश}
वेनका की आँखों से टप-टप आँसू गिरने लगे । उसने अपनी आँखें पोंछीं, नाक साफ की और फिर लिखने लगा ।वेनका ने लंबी साँस ली । उसे याद आया, वह अपने दादा जी के साथ क्रिसमस पेड़ लाने जंगल जाता था । चारों तरफ बरफ होती थी । जब कभी वह बरफ में लुढ़क जाता तो दादा जी ठहाका लगाकर हँसते और फिर लपककर गोद में उठा लेते थे । दादा जी क्रिसमस पेड़ काटते-काटते वेनका को खूब हँसाते । सहसा कोई खरगोश वहाँ से गुज़रता तो वे चिल्लाते-वेनका, पकड़ो इस छोटी दुमवाले शैतान को ! वेनका दौड़ता, लुढ़कता और फिर दोनों की हँसी से जंगल गूँज उठता ।
वेनका दादाजी के साथ जंगल क्यों जाता था ?
पीपल पेड़ लाने
क्रिसमस पेड़ लाने
आम पेड़ लाने
निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िये तथा नीचे दिए गए प्रश्नों के लिए सही विकल्प चुनकर उत्तर लिखिए ।
{पठित गद्यांश}
वेनका की आँखों से टप-टप आँसू गिरने लगे । उसने अपनी आँखें पोंछीं, नाक साफ की और फिर लिखने लगा ।वेनका ने लंबी साँस ली । उसे याद आया, वह अपने दादा जी के साथ क्रिसमस पेड़ लाने जंगल जाता था । चारों तरफ बरफ होती थी । जब कभी वह बरफ में लुढ़क जाता तो दादा जी ठहाका लगाकर हँसते और फिर लपककर गोद में उठा लेते थे । दादा जी क्रिसमस पेड़ काटते-काटते वेनका को खूब हँसाते । सहसा कोई खरगोश वहाँ से गुज़रता तो वे चिल्लाते-वेनका, पकड़ो इस छोटी दुमवाले शैतान को ! वेनका दौड़ता, लुढ़कता और फिर दोनों की हँसी से जंगल गूँज उठता ।
वेनका के गिरने पर दादा जी ठहाका लगाकर क्यों हँसते थे ?
वेनका खेत में लुढ़क जाता था
वेनका बरफ में लुढ़क जाता था
वेनका घर में लुढ़क जाता था
निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िये तथा नीचे दिए गए प्रश्नों के लिए सही विकल्प चुनकर उत्तर लिखिए ।
{पठित गद्यांश}
वेनका की आँखों से टप-टप आँसू गिरने लगे । उसने अपनी आँखें पोंछीं, नाक साफ की और फिर लिखने लगा ।वेनका ने लंबी साँस ली । उसे याद आया, वह अपने दादा जी के साथ क्रिसमस पेड़ लाने जंगल जाता था । चारों तरफ बरफ होती थी । जब कभी वह बरफ में लुढ़क जाता तो दादा जी ठहाका लगाकर हँसते और फिर लपककर गोद में उठा लेते थे । दादा जी क्रिसमस पेड़ काटते-काटते वेनका को खूब हँसाते । सहसा कोई खरगोश वहाँ से गुज़रता तो वे चिल्लाते-वेनका, पकड़ो इस छोटी दुमवाले शैतान को ! वेनका दौड़ता, लुढ़कता और फिर दोनों की हँसी से जंगल गूँज उठता ।
खरगोश को देखकर दादा जी वेनका से क्या कहते थे ?
पकड़ो इस मोटी दुमवाले शैतान को
पकड़ो इस बड़ी दुमवाले शैतान को
पकड़ो इस छोटी दुमवाले शैतान को
निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िये तथा नीचे दिए गए प्रश्नों के लिए सही विकल्प चुनकर उत्तर लिखिए ।
{पठित गद्यांश}
वेनका की आँखों से टप-टप आँसू गिरने लगे । उसने अपनी आँखें पोंछीं, नाक साफ की और फिर लिखने लगा ।वेनका ने लंबी साँस ली । उसे याद आया, वह अपने दादा जी के साथ क्रिसमस पेड़ लाने जंगल जाता था । चारों तरफ बरफ होती थी । जब कभी वह बरफ में लुढ़क जाता तो दादा जी ठहाका लगाकर हँसते और फिर लपककर गोद में उठा लेते थे । दादा जी क्रिसमस पेड़ काटते-काटते वेनका को खूब हँसाते । सहसा कोई खरगोश वहाँ से गुज़रता तो वे चिल्लाते-वेनका, पकड़ो इस छोटी दुमवाले शैतान को ! वेनका दौड़ता, लुढ़कता और फिर दोनों की हँसी से जंगल गूँज उठता ।
दादा जी क्रिसमस पेड़ काटते-काटते वेनका को क्या करते थे ?
खूब हँसाते थे
खूब दौड़ाते थे
खूब खिलाते थे
निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िये तथा नीचे दिए गए प्रश्नों के लिए सही विकल्प चुनकर उत्तर लिखिए ।
{पठित गद्यांश}
वेनका की आँखों से टप-टप आँसू गिरने लगे । उसने अपनी आँखें पोंछीं, नाक साफ की और फिर लिखने लगा ।वेनका ने लंबी साँस ली । उसे याद आया, वह अपने दादा जी के साथ क्रिसमस पेड़ लाने जंगल जाता था । चारों तरफ बरफ होती थी । जब कभी वह बरफ में लुढ़क जाता तो दादा जी ठहाका लगाकर हँसते और फिर लपककर गोद में उठा लेते थे । दादा जी क्रिसमस पेड़ काटते-काटते वेनका को खूब हँसाते । सहसा कोई खरगोश वहाँ से गुज़रता तो वे चिल्लाते-वेनका, पकड़ो इस छोटी दुमवाले शैतान को ! वेनका दौड़ता, लुढ़कता और फिर दोनों की हँसी से जंगल गूँज उठता ।
वेनका ने अपनी आँखें पोंछीं, नाक साफ की और फिर क्या करने लगा ?
पढ़ने लगा
लिखने लगा
हँसने लगा
16. उत्कृष्ट शब्द का वर्ण-विच्छेद बताइए-
उ + त् + क् + ऋ + ष + अ + ट् + +
उ + त् + क् + ऋ + ष् + ट् + अ
उ + त् + क् + ऋ + ष् + ट + अ
17. ‘राजा ने खाना खाएगा’ वाक्य का शुद्ध रूप बताइए-
राजा ने खाना खाया
राजा ने खाना खाये
राजा ने खाने खाएगा
मानवीय’ शब्द की भाववाचक संज्ञा बताइए-
मानता
मानवीयता
मानवता
‘दर्शनीय’ शब्द की भाववाचक संज्ञा बताइए-
देखने योग्य
दर्शन
दर्शक
‘जन्म से अंधा’ वाक्यांश के लिए एक शब्द बताइए-
जन्मअंधा
जन्मआंध
जन्मांध
‘प्रतिबिंब’ शब्द का अर्थ बताइए-
प्रतिशोध
प्रतिज्ञा
परछाई
‘कायापलट’ शब्द का अर्थ बताइए-
भारी नुकसान
भारी गिरावट
भारी परिवर्तन
‘चैत्र’ महीना अंग्रेजी के किस महीनों के साथ आते है ?
मार्च-अप्रैल
अप्रैल-मई
मई-जून
‘वह लंबी साँस लेकर लिखने लगा’ ‘लंबी’ का विशेषण-भेद बताइए-
परिमाणवाचक
संख्यावाचक
गुणवाचक
‘क्रिसमस से पहली शाम थी ।‘ ‘पहली’ शब्द का विशेषण-भेद बताइए-
गुणवाचक
संख्यावाचक
परिमाणवाचक
‘परिश्रम’ शब्द का विलोम शब्द बताइए-
आलस्य
मेहनत
आश्रम
‘सुबह-शाम’ सामासिक-शब्द का सामासिक-विग्रह बताइए-
सुबह और शाम
सुबह से शाम
सुबह में शाम
‘999’ को हिन्दी में कैसे लिखते है ?
नौ सौ नौ
नौ नौ निन्यानवे
नौ सौ निन्यानवे
‘2005’ को हिन्दी में कैसे लिखते है ?
दो हज़ार पाँच
दो सौ पाँच
दो हज़ार पाँच सौ
‘जो बीत गया हो’ वाक्यांश के लिए एक शब्द बताइए-
अतीत
व्यतीत
अटल
‘घन’ शब्द का समानार्थ शब्द बताइए-
बदला
बादल
भँवरा
‘सपना’ शब्द का तत्सम रूप बताइए-
अपना
स्वप्न
स्वयं
‘जो दूसरे की स्त्री हो’ वाक्यांश के लिए एक शब्द बताइए-
स्त्रीयाँ
परस्त्री
मिस्त्री
‘जिसमें स्वार्थ भावना न हो’ वाक्यांश के लिए एक शब्द बताइए-
स्वार्थी
निश्चित
निस्वार्थ
‘पुत्रवधु’ शब्द की लिंग-भेद बताइए-
पुल्लिंग
स्त्रीलिंग
‘समर्थन’ शब्द का अर्थ बताइए-
अभिवादन
सहमति
समझ
‘चिकित्सालय’ शब्द का सही संधि-विच्छेद बताइए-
चिकीत्सा + आलय
चिकित्सा + आलय
चिकितसा + आलय
‘आँखों से ओझल होना’ मुहावरे का अर्थ बताइए-
गायब हो जाना
गाँव जाना
आँखो में बसना
‘महिला’ शब्द की संज्ञा-भेद बताइए-
भाववाचक
व्यक्तिवाचक
जातिवाचक
‘साप्ताहिक’ शब्द में ‘प्रत्यय’ शब्द बताइए-
ईक
इक
इत
‘खुशी’ शब्द की संज्ञा-भेद बताइए-
व्यक्तिवाचक
भाववाचक
जातिवाचक
‘चार पैरों वाला’ क्या कहलाता है ?
चतुर्थ
चौपाल
चौपाया
‘तीन लीटर दूध’ का विशेषण भेद बताइए-
सार्वनामिक
परिमाणवाचक
गुणवाचक
‘आँखों के आगे अँधेरा छाना’ मुहावरे का अर्थ बताइए-
कुछ समझ न आना
होश में आना
आँख मलना
‘योग’ का शब्द परिवार बताइए-
महल
योगासन
व्यायाम
‘भारत की वास्तुकला’ पाठ में मोहनजोदड़ो और हड़प्पा के मकान कैसे थे ?
नदी के किनारे बने हुए
दोमंजिले और पक्के
गाँवों के बीच बने हुए
‘भारत की वास्तुकला’ पाठ में तंजावूर किस लिए प्रसिद्ध है ?
नटराज की मूर्ति के कारण
मीनाक्षी मंदिर के कारण
बृहदेश्वर मंदिर के कारण
‘वेनका की चिट्ठी’ पाठ में वेनका का मालिक पेशे से क्या था ?
लेखक
मोची
चौकीदार
‘वेनका की चिट्ठी’ पाठ में वेनका ने दादा जी को लिखे पत्र का क्या किया?
बार-बार पढ़ने लगा
डाक के डिब्बे में डाल दिया
मालिक को दे दिया
‘सच्चा वीर’ पाठ में क्रोध में तमतमाते हुए शिवाजी ने सोनदेव से क्या कहा ?
परस्त्री का अपमान कर तुमने अपनी विजय के गौरव को धुँधला कर दिया ।
परस्त्री का सम्मान कर तुमने अपनी विजय के गौरव को धुँधला कर दिया ।
‘फागुन में सावन’ पाठ में पतझड़ की डाले असमय वर्षा होने से कैसे हो गई ?
उनमें यौवन पुलक उठा
वे सुख गई
उनमें फूल खिल उठे
