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Worksheetsजॉर्ज पंचम की नाक
Total questions: 48
Worksheet time: 24mins
नई दिल्ली में किस के स्वागत की तैयारी हो रही थी?
एलिजाबेथ प्रथम
एलिजाबेथ द्वितीय
जॉर्ज पंचम
इनमें से कोई नहीं
'जॉर्ज पंचम की नाक ' पाठ के लेखक का नाम बताइए
शिवपूजन सहाय
कमलेश्वर
यशपाल
इनमें से कोई नहीं
रानी एलिजाबेथ द्वितीय कहां की रानी है ?
जापान की
इंग्लैंड की
अमेरिका की
ऑस्ट्रेलिया की
प्रस्तुत कहानी में श्री कमलेश्वर जी ने किस पर व्यंग्य किया है
भारतीयों के गुलाम मानसिकता पर
भारतीयों की अमीरी पर
भारतीयों के गरीबी पर
इनमें से कोई नहीं
'ऐसी कौन सी चीज है जो हिंदुस्तान में मिलती नहीं ' यह कथन किसका है?
मूर्तिकार का
रानी का
सभापति का
दर्जी का
जॉर्ज पंचम की खोई हुई नाक का माप किसने लिया?
सभापति ने
मूर्तिकार ने
दर्जी ने
रानी ने
दिल्ली में फौरन हाजिर होने का हुक्म किसे दिया गया
पहरेदारों को
मूर्तिकार को
स्वर्णकार को
पुरातत्त्व विभाग को
बिहार सेक्रेटरिएट के सामने बच्चे कब शहीद हुए थे
1924
1824
1942
1842
जॉर्ज पंचम की नाक लगाने वाले दिन गौर करने योग्य बात थी?
सभी अखबार खबरों से भरे हुए थे
सभी अखबार खबरों से खाली थे
दोनों
इनमें से कोई नहीं
जॉर्ज पंचम की नाक इस पाठ में देश की किन स्थितियों पर व्यंग्य किया गया है?
सत्ता से जुड़े लोगों की मानसिकता
केवल दिखावे के लिए या दूसरों को खुश करने के लिए अपनों की इज्जत के साथ खिलवाड़
भारतीय जनता के आत्मसम्मान पर प्रहार
ये सब
मूर्तिकार ने नाक लगाने के लिए क्या क्या प्रयास किए?
जॉर्ज पंचम की नाक के निर्माण में प्रयुक्त पत्थर खोजने का प्रयास किया
देश भर में घूम-घूम कर शहीद नेताओं की मूर्तियों की नाकों का नाप लिया
1942 में बिहार सेक्रेटेरिएट के सामने शहीद हुए बच्चों की मूर्तियों की नाकों का नाप लिया
ये सब
मूर्तिकार ने नाक लगाने के लिए क्या क्या प्रयास किए?
जॉर्ज पंचम की नाक के निर्माण में प्रयुक्त पत्थर खोजने का प्रयास किया
देश भर में घूम-घूम कर शहीद नेताओं की मूर्तियों की नाकों का नाप लिया
1942 में बिहार सेक्रेटेरिएट के सामने शहीद हुए बच्चों की मूर्तियों की नाकों का नाप लिया
ये सब
दिल्ली की कायापलट क्यों होने लगी थी
इंग्लैंड की रानी एलिजाबेथ द्वितीय अपने पति के साथ हिंदुस्तान पधारने वाली थी।
लोगों ने आंदोलन कर दिया था
कायापलट मतलब शासन में परिवर्तन होने लगा था
पता नहीं
रानी एलिजाबेथ का दरजी परेशान था क्योंकि_
भारत पाकिस्तान और नेपाल यात्रा के समय रानी किस अवसर पर क्या पहनेगी
उसे कपड़े सिलने नहीं आते थे
वह खुद क्या पहनेगा इसको लेकर परेशान था
वह विदेश यात्रा पर नहीं जाना चाहता था इसलिए वह परेशान था
जॉर्ज पंचम की नाक लगने वाली खबर के दिन अखबार चुप थे क्योंकि
वे लज्जित महसूस कर रहे थे
यह दिन भारतीयों के आत्मसम्मान पर चोट पहुंचाने वाला था
यह कृत्य बहुत ही शर्मिंदगी से परिपूर्ण था
ये सब
जॉर्ज पंचम की नाक पर किसी भी भारतीय नेता यहां तक कि भारतीय बच्चों की नाक फिट ना बैठने की बात से लेखक किस और संकेत करना चाहता है?
भारतीय नेता और उनका बलिदान तथा भारतीय बच्चों का सम्मान जॉर्ज पंचम से कई गुना बड़ा है।
हमारे देश में लोगों की नाकें इतनी लंबी होती है कि किसी पर भी आसानी से फिट नहीं बैठ सकती
जॉर्ज पंचम भारतीय नेताओं और भारतीय बच्चों से कहीं बढ़कर था
यह तो लेखक है जाने कि वह किस और संकेत करना चाहता है!!
महारानी एलिजाबेथ के भारत आगमन के समय अखबारों में क्या छप रहा था?
अखबारों में यहां की जाने वाली शाही तैयारियों की चर्चा हो रही थी
रानी के द्वारा पहनी जाने वाली पोशाकों की चर्चा हो रही थी
रानी एलिजाबेथ की जन्मपत्री भी अखबारों में छपी थी
ये सब
जॉर्ज पंचम की नाक पाठ में सरकारी तंत्र का मजाक उड़ाया गया है क्योंकि
सरकारी तंत्र स्वतंत्र होकर भी मानसिक रूप से गुलाम दिखाई देता है
सरकारी तंत्र को राष्ट्र के सम्मान की थोड़ी भी चिंता नहीं है
मीटिंग बुलाना, मशवरा करना ,जिम्मेदारी एक दूसरे पर डालना ,दिखावटी चिंता करना , यह सब सरकारी तंत्र का मजाक ही है
यह सब
नाक लगाने को लेकर जो चिंता या बाधा सी सरकारी तंत्र में दिखाई देती है उससे उनकी........
गुलाम और औपनिवेशिक मानसिकता दिखाई पड़ती है
अयोग्यता और अदूरदर्शिता दिखाई पड़ती है
उनकी मूर्खता दिखाई पड़ती है
यह सब
नई दिल्ली में सब था... सिर्फ नाक नहीं थी। लेखक ने ऐसा कहा क्योंकि
भारतीय स्वतंत्रता प्राप्त करने के बाद भी मानसिक रूप से गुलाम बने रहे
भारतीयों में उस समय आत्मसम्मान , निर्भयता,और स्वाभिमान की भावना नहीं थी
उनमें हीन भावना भरी थी
ये सब
मूर्तिकार ने अंत में क्या सुझाव दिया?
मूर्तिकार ने कहा कि मैं अपनी नाक काट कर जॉर्ज पंचम की नाक पर लगाऊंगा
40 करोड़ में से किसी की भी जिंदा नाक काट कर लगा दी जाए
जॉर्ज पंचम की मूर्ति पूरी तरह से तोड़ दी जाए
जॉर्ज पंचम की मूर्ति की जगह किसी और अंग्रेज की मूर्ति बिठा दी जाए।।
मूर्तिकार ने नाक लगाने के लिए क्या क्या प्रयास किए?
जॉर्ज पंचम की नाक के निर्माण में प्रयुक्त पत्थर खोजने का प्रयास किया
देश भर में घूम-घूम कर शहीद नेताओं की मूर्तियों की नाकों का नाप लिया
1942 में बिहार सेक्रेटेरिएट के सामने शहीद हुए बच्चों की मूर्तियों की नाकों का नाप लिया
ये सब
हुक्काम का अर्थ होता है
हुक्का और आम
शासक
बड़ा काम
शाही महल का भंडारी
कायापलट होना का अर्थ होगा-
शासन में परिवर्तन होना
पूरी तरह बदलाव
केवल पहला अर्थ सही है
केवल दूसरा अर्थ सही है
दिमाग खरोचना- का अर्थ होगा
सिर खुजलाना
दिमाग लगाना
किसी को परेशान करना
पता नहीं
मूर्ति के आसपास का तालाब साफ करके उसमें ताजा पानी डाला गया ताकि
मूर्ति अच्छी लगे
जिंदा नाक सूखने ना पाए
ताकि कोई उसके पास ना जा पाए
पता नहीं क्यों
इस पाठ में सब की परेशानी का कारण क्या है?
रानी एलिजाबेथ की भारत यात्रा
जॉर्ज पंचम की नाक का ना होना
यह दोनों ही
यह दोनों ही नहीं
हमारे समाज में नाक प्रतीक मानी जाती है-
अपमान का
इज्जत का
केवल पहला सही है
पहला नहीं, दूसरा सही है
रानी एलिजाबेथ इनमें से कौन से देश की यात्रा पर नहीं जाने वाली थी?
पाकिस्तान
नेपाल
श्रीलंका
भारत
मूर्तिकार के बारे में क्या गलत है?
मूर्तिकार कलाकार था
वह आर्थिक दृष्टि से मजबूत था
मूर्तिकार नाक की तलाश में देश के दौरे पर निकल पड़ा था
अंत में उसने जिंदा नाक लगाने का निर्णय लिया
