Worksheetsगद्यतारा और सक्कुबाई
Total questions: 25
Worksheet time: 15mins
सक्कुबाई का असली नाम --- थी
सक्कुबाई
शकुन्तला
लक्ष्मी
"गरीब का बीमार होने से अच्चा है,उसका मर जाना "| यह राय किसका है ?
नितिन
यशवंत
सक्कुबाई
महादेवी वर्मा की हिरनी का नाम गोधूली थी |
गलत
सही
हरिबिंदी कहानी की नायिका को सूर्य के प्रकाश में घुटन महसूस होती थी |
सही
गलत
कल्लन सुरजा का पिता था |
गलत
सही
कल्लन को लगा ------इंसान को सब कुछ है |
खेत
जीत
जात
जीना
सब पुराने अच्छे नहीं होते ,सब ने खराब नहीं होते | यह किसका कथन है ?
कालिदास
हजारीप्रसाद द्विवेदी
महादेवी वर्मा
ओमप्रकाश वाल्मीकी
सुख मिलने के लिए हमें --------
अंदर नहीं बाहर देखना है
बाहर नही अंदर देखना है
दूसरों को देखना है
आसमान देखना है
नाख़ून क्यों बढ़ता है के बारे में कौन कौनसी बाते सही है | चुनिए
यह एक ललित निबन्ध है
नाख़ून का बढना पशुता का प्रतीक है
नाख़ून अत्यंत आवश्युक चीज़ है
मनुष्य की चरितार्थता --- में है
प्रेम में
युद्द्ध में
जाती में
धन में
स्वाधीनता का अर्थ है -----
अपने अधीन रहना
औरों के अधीन रहना
शासकों के अधीन रहना
'यामा' के लिए महादेवी वर्मा को ज्ञानपीठ पुरस्कार मिली थी
सही
गलत
मनुष्य के एकांत शून्य को भरनेवाला ----- है
पशु
हिरन
कुत्ता
बिल्ली
अब भ्रष्टाचार ---- हो गया है
ईश्वर
सर्वत्र
हर कहीं
कौनसी पात्र पाठशाला जाने के लिए बहुत रोई थी ?
महादेवी वर्मा
स्क्कुबाई
सायली
पूजा
आज अनपढ़ लोग और पढ़े लिखे लोग नौकरी के लिए घूम रहे है -सही या गलत
सही
गलत
सदियों से जीवन संग्राम में लड़नेवाले कौन है ?
नर
नारी
बच्चे
सैनिक
सही वाक्य चुनिए
सायली सक्कुबाई को पढाना चाहती है |
लक्ष्मी सक्कुबाई को पढाना चाहती है |
यशवंत सक्कुबाई को पढाना चाहती है |
सुमन ----- का पात्र है
सक्कुबाई नाटक का
शवयात्रा का
यामा का
कौनसा पात्र क्रिकेट खेलने में शौक रहते है ?
रोकी
सक्कुबाई
मीना
यशवंत
समस्त वर्णों और समस्त जातियों का सामान्य आदर्श है ----
अपने ही बन्धनों से अपने को बांधना
अपने ही बन्धनों से दूसरों पने को बांधना
अपने ही बन्धनों से किसी को बांधना
कल्लन अपने इच्छा के अनुसार गाँव में घर बनाने का निर्णय किया था | सही या गलत ?
गलत
सही
महादेवी वर्मा --- को नहीं पालने का निर्णय की थी
बिल्ली को
हिरन को
कुत्ते को
अब --- से ----की और लोग बह रहे है
गाँव से शहर की और
गाँव से गाँव की और
गाँव से मंडी की और
शहर से गाँव की और
"हम यहाँ काम करने आई है |अपने रिवाज़ बिकने के लिए नहीं |" यह वाक्य किसका है ?
सक्कुबाई की
लक्ष्मी की
सायिली की
