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Worksheetsहिंदी कहानी - अपना अपना भाग्य
Total questions: 10
Worksheet time: 2mins
अपना अपना भाग्य के लेखक का नाम क्या है ?
मुंशी प्रेमचंद
यशपाल
जयशंकर प्रसाद
जैनेन्द्र कुमार
जैनेन्द्र कुमार के उपन्यास हैं ?
देशद्रोही , झूठा-सच
गोदान,सेवासदन
सुनीता , सुखदा
कंकाल , तितली
कहानी में लेखक तथा उनके मित्र कहाँ घुमने गए थे ?
शिमला
नैनीताल
ऋषिकेश
कश्मीर
लेखक का मित्र बैंच पर से क्यों नहीं उठना चाहता था?
वह थका हुआ था
वह होटल नहीं जाना चाहता था
वह किसी का इन्तजार कर रहा था
वहाँ के प्राकृतिक दृश्य देखना उसे अच्छे लग रहे थे
माथा जैसे अभी से झुरियाँ कहा रहा था? लडके के चेहरे पर झुरियों का क्या कारण था?
उसकी उम्र
उसकी बीमारी
उसकी निर्धनता
उसकी लापरवाही
लडके को सेठ के यहाँ काम के बदले क्या मिलता था?
दो रुपए और खाना
कपड़े और खाना
एक रुपया और खाना
सिर्फ खाना
लडके की मौत से पहचान किसकी मृत्यु हो गई थी ?
मित्र की
सेठ की
माता-पिता की
रिश्तेदार
लेखक तथा मित्र ,लडके को नौकरी के लिए कहाँ लेकर गए?
अपने होटल में
अपने वकील मित्र के पास
सेठ के पास
स्वयं ही नौकर के रूप में रख लिया
"यह संसार है यार" किसने ,किससे कहा ?
मित्र ने लेखक से
वकील साहब ने दोनों से
बालक ने अपने मित्र से
लेखक ने मित्र से
मोटर में सवार होते ही उन्हें क्या समाचार मिला ?
बालक उनसे मिलने आया है
पहाड़ी बालक मर गया है
पहाड़ी बालक अपने घर चल गया है
