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Worksheetsस्वर्ग बना सकते हैं
Total questions: 20
Worksheet time: 10mins
कुरुक्षेत्र , रेणुका , हुंकार , रसवंती , रश्मिरथी , परशुराम की प्रतीक्षा किनकी प्रसिद्ध काव्य रचनाएँ हैं ?
कबीरदास
रामधारी सिंह ' दिनकर '
गिरिधर कविराय
इनकी रचनाओं में किसकी गूँज है ?
भारतीयता
लखनवी
राष्ट्रीयता
किस रचना पर इन्हें ' भारतीय ज्ञानपीठ ' पुरस्कार की प्राप्ति हुई ?
मेनका
शकुंतला
उर्वशी
इनका जन्म कब हुआ था ?
28 सितंबर , 1907
30 सितंबर , 1908
27 सितंबर , 1906
सम का पर्याय है -
विषम
सामान
समान
कौन किसकी राह रोककर खड़ेहुए हैं ?
बाधाएँ पर्वत के समान रास्ता रोककर खड़ी हुई हैं |
आशाएँ रास्ता रोककर खड़ी हुई हैं |
परिस्थितियाँ रास्ता रोककर खड़ी हुई हैं |
सही कथन पहचानिए -
ईश्वर ने जितनी वस्तुएँ दी हैं उसके अनुपात में प्राणियों की संख्या बहुत कम है |
यदि सभी मनुष्य समान रूप से ईश्वर तथा प्रकृति प्रदत्त उपहारों का सदुपयोग करें तो सभी सुखी जीवन नहीं बिता सकते हैं |
इस धरती पर स्वर्ग की कल्पना को साकार किया नहीं जा सकता है |
उपर्युक्त सभी
मनुष्य मात्र के सुखी एवं संतुष्ट होने में कौन रुकावट बन रहा है ?
मनुष्य का लोभी स्वभाव एवं उसका आचरण
दानी प्रवृत्ति
इनमें से कोई नहीं
कुरूक्षेत्र के मैदान में कौन उपदेश दे रहें है ?
भीष्मपितामह
अर्जुन
कृष्ण
युधिष्ठिर
कुरूक्षेत्र के मैदान में किसको उपदेश दिया जा रहा है ?
भीष्मपितामह
अर्जुन
युधिष्ठिर
भीम
क्रीत शब्द का क्या अर्थ है ?
बिकाऊ
दासी
बेचीं
खरीदी
धरती को स्वर्ग बनाने के लिए निम्न चीजे आवश्यक हैं |
मुक्त प्रकाश
एकता
मुक्त हवा
मानवता
न्यायोचित सुख मिलते ही धरती पर क्या स्थापित हो जायेगा ?
शांति
एकता
मानवता
भाईचारा
प्रभु के दिए हुए सुख कैसे हैं?
विकीर्ण
संकीर्ण
सबको प्रकाश कैसे मिलना चाहिए?
असमान
मुक्त
'समीरण' शब्द का अर्थ है -
धरती
आकाश
प्रकाश
वायु
रामधारी सिंह 'दिनकर' जी का जन्म कहाँ हुआ था ?
सिमरिया गाँव में
सोनमर्ग गाँव में
सोलंकी गाँव में
सोनपुर गाँव में
रामधारी सिंह 'दिनकर' की किस रचना पर इन्हें ज्ञानपीठ पुरस्कार प्राप्त हुआ था ?
रेणुका
हुंकार
उर्वशी
रश्मिरथी
भीष्म , युद्धिष्ठिर को किस नाम से पुकारते हैं ?
धर्मपुत्र
धर्मवीर
धर्मगुरु
धर्मराज
मनुष्य को धरती पर चैन कब तक नहीं मिल पाएगा ?
जब तक धरती को दासी समझेंगे |
जब तक पथ पर अनेक विघ्न अड़े हुए हैं |
जब तक सबको मुक्त प्रकाश नहीं मिल जाता |
जब तक न्यायोचित सुख मानव को सुलभ नहीं होंगे |
