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Total questions: 48
Worksheet time: 24mins
मनुष्यता कविता में कवि ने किन महान व्यक्तियों के उदाहरण धारण दिए हैं ?
कुंती पुत्र कर्ण
राजा रंतिदेव
महर्षि दधीचि
उपर्युक्त सभी
ब्राह्मण के वेश में आए देवराज इंद्र को कर्ण ने क्या दान दे दिया ?
अपना रक्षा कवच
अपने गले की माला
अपना मुकुट
अपनी तलवार
कवि ने किसे पशु के समान नहीं माना है ?
जो झूठी प्रशंसा करें
जो बड़ों को सम्मान ना दे
जो दूसरों के काम आता है
जो केवल अपनी भलाई सोचता है
महात्मा बुदध अपनी कौन- सी भावना के कारण संसार में प्रसिद्ध हुए ?
धनी होने के कारण
रक्षा भाव
दया भाव
सत्यवादी होने के कारण
महाविभूति किसे कहा गया है ?
अहंकार को
दानशीलता को
मानवता को
सहानुभूति को
कवि ने भाग्यहीन किसे कहा है ?
जो उच्चता का भाव रखें
जो धैर्य नहीं रखता
जो डरता रहता है
जो मदांध है
स्वयंभू पिता का क्या तात्पर्य है ?
स्वयं को पिता मानने वाला
घर का मुखिया
स्वयं का पोषण करने वाला
परमपिता परमेश्वर
हमें किस बात पर गर्व नहीं करना चाहिए ?
धनी होने पर
सगे संबंधियों के साथ होने पर
समर्थ होने पर
उन्नति करने में सक्षम होने पर
सच्चा मनुष्य कौन है ?
जो दूसरों पर प्राण न्योछावर करें
जो अभीष्ट मार्ग में आगे बढ़ता रहे
जो तरक्की करें
जो दूसरों की बड़ाई करें
राजा शिवि किसकी रक्षा के लिए अपने प्राणों का बलिदान देने के लिए तैयार हो गए ?
मोर की
कबूतर की
बाज की
हंस की
कवि ने भाग्यहीन किसे कहा है ?
जो उच्चता का भाव रखें
जो धैर्य नहीं रखता
जो डरता रहता है
जो मदांध है
पशु प्रवृत्ति क्या है ?
पशुओं जैसा स्वभाव
पशुओं जैसा जीवन
पशुओं जैसा बल
पशुओं जैसा आहार
अनंत अंतरिक्ष में खड़े देव अपनी बाहें क्यों बढ़ा रहे हैं ?
मदद के लिए
स्वास्थ्य दान के लिए
समृद्धि के लिए
मार्गदर्शन के लिए
मर्त्य शब्द का क्या अर्थ है ?
असुर
मरणशील
सुर
यमराज
मनुष्यता कविता के कवि का नाम लिखिए ।
सियाराम शरण गुप्त
रवींद्रनाथ टैगोर
मैथिलीशरण गुप्त
लीलाधर मंडलोई
उदार व्यक्ति की पहचान कैसे हो सकती है?
परोपकारी होता है
दूसरों की चिंता करता है
लोक कल्याण के लिए अपना जीवन त्याग देता है।
उपर्युक्त सभी
' मनुष्य मात्र बन्धु है ' से आप क्या समझते हैं ?
हम सब मनुष्य भाई - बन्धु हैं
दुनिया में कोई भी अनाथ नहीं है
मनुष्य परोपकार की राह को चुनता है
परोपकार ही सच्ची मनुष्यता
कवि ने सबको एक होकर चलने की प्रेरणा क्यों दी है ?
महानता के कारण
दूसरों के दुखों की चिंता
सबका कल्याण और समृद्धि संभव
व्यक्ति भाग्यहीन है
कवि ने दधीचि और राजा रंतिदेव के उदाहरणों द्वारा हमें किस बात की प्रेरणा दी है ?
स्वार्थ पूर्ति
त्याग व परोपकार
स्वास्थ्य रक्षा
प्रेम की
कवि ने मनुष्यता के लिए क्या सन्देश दिया है ?
परोपकार और अच्छे कर्म ही मनुष्यता की पहचान है
अपना भला करना मनुष्य का काम है
अपनों का ध्यान रखना मनुष्य का काम है
ईश्वर का स्मरण करने का
कवि ने किस बात की प्रेरणा सब को दी है ?
एक होकर चलने की
अनेकता की
एकता में अनेकता की
भिन्नता की
कवि ने सब को एक होकर चलने को क्यों कहा है ?
कल्याण और समृद्धि के लिए
आपसी समझ न बिगाड़ने के लिए
भेदभाव न हो
सभी
कबूतर को बचाने के लिए अपना मांस किसने दिया था ?
रंतिदेव ने
उशीनर के राजा शिबि ने
प्रह्लाद ने
राजा ने
कवि के अनुसार सभी मनुष्य क्या हैं ?
मतभेदी
दुश्मन
दोस्त
भाई बन्धु
मनुष्य को अपने चुने हुए मार्ग पर किस तरह चलना चाहिए ?
मजबूती से
दुखी ह्रदय से
मन से
ख़ुशी से
कौन बहुत दयावान है ?
ईश्वर
राजा शिबि
महात्मा बुद्ध
परोपकारी लोग
कवि के अनुसार महात्मा बुद्ध को क्यों आज भी लोग याद करते हैं ?
क्योंकि वे भगवान् हैं
क्योंकि वे महान हुए
क्योंकि उन्होंने राज पाठ छोड़ दिया था
उनके दयालु भाव के कारण
गुप्त जी की काव्य की कथावस्तु पाठक के सामने क्या प्रस्तुत करती है ?
भारत के अतीत का स्वर्ण चित्र
भारत के भविष्य का स्वर्ण चित्र
भारत के वर्तमान का स्वर्ण चित्र
सभी
गुप्त जी के छोटे भाई कौन थे ?
सियाराम शरण
रामनाथ शरण
भरतनाथ शरण
कोई नहीं
मनुष्यता कविता के रचयिता कौन हैं....
मैथिलीशरण गुप्त
सियारामशरण गुप्त
प्रेमचंद
महादेवी वर्मा
कवि ने किस मृत्यु का वर्णन कविता में किया है
महान मृत्यु
स्वर्ग मृत्यु
सूमृत्यु
अमृत मृत्यु
रंतिदेव ने क्या दान में दिया था
सोना
भोजन
अनाज
जमीन
जो केवल अपने लिए जीते हैं उन्हें कवि ने क्या कहा है
श्रेष्ठ मानव
महान मनुष्य
उदार मनुष्य
पशु तुल्य
राजा ऊंशीनर ने क्या दान दिया था
धन
वस्त्र
नेत्र
स्वमास
करन ने किसे दान दिया था
भगवान गणेश
भगवान शंकर
भगवान इंद्र
भगवान विष्णु
उदार व्यक्ति की कथा कौन बखानती हैं
सरस्वती
लक्ष्मी
दुर्गा
भगवान गणेश
दया का प्रवाह किसने बहाया
भगवान विष्णु
भगवान कार्तिकेय
भगवान शंकर
भगवान बुद्ध
स्वभाव को बढ़ाकर देवता कहां खड़े हैं
अंतरिक्ष
पाताल
आकाश
धरती
हमारे वेद किस बात का प्रमाण देते हैं
मित्रता भाव
बंधुत्व भाव
पितृत्व भाव
सहनशील भाव
हमें किस बात पर गर्व नहीं करना चाहिए
धन
सोना
स्वभाव
ह्रदय
किस के अनुरूप बाहय़ भेद किए गए हैं
मृत्यु
कर्म
उदारता
संपत्ति
मनुष्य को किसका घमंड भूलकर भी नहीं करना चाहिए ?
धन-दौलत
अमीरी
गरीबी
शक्ति
कविता के अनुसार भाग्यहीन कौन है ?
जो अधीर हो
जो ईश्वर के होते खुद को सर्वोच्च समझे
जो धन दौलत से भरपूर हो
जो गरीबों को धिक्करता हो
कविता के अनुसार किसके हाथ विशाल हैं ?
धनी व्यक्ति के
मदांध व्यक्ति के
दयालु दीनबंधु के
सच्चा मनुष्य कौन है ?
जो स्वयं को सर्वोच्च समझे
जो परमार्थ में अपने प्राण भी दे दे
जो ईश्वर पर विश्वास न करे
‘त्रिलोकनाथ साथ है’ का अर्थ है -
तीन लोकों के स्वामी ईश्वर सबके रक्षक हैं
त्रिलोकीनाथ नामक व्यक्ति सबके साथ है
कोई भी अनाथ नहीं है
देवता किसके सहायक बनते हैं ?
कलंकित के
परोपकारी के
ज्ञानी के
काव्यांश में किस तरह रहने के लिए कहा गया है ?
अपना स्वार्थ साधन करके
दूसरों की उपेक्षा करके
दूसरों के भले का काम करके
