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Worksheetsक्या निराश हुआ जाए
Total questions: 15
Worksheet time: 8mins
ईमानदारी को पर्याय समझ जाने लगा है -
भीरुता का
बेबसी का
मूर्खता का
भोलेपन का
आजकल लोग उसमें दोष खोजने लगते है -
जो कुछ नहीं करता
जो कुछ करता है
जो भोले-भाले है
जो निरीह है
'फलना - फूलना' का अर्थ है -
आगे बढ़ना
खुश होना
उन्नति करना
मौज करना
भारतवर्ष ने कभी भी अधिक महत्व नहीं दिया है -
भौतिक वस्तुओं के संग्रह को
काम-क्रोध को
लोभ-मोह को
मान-सम्मान को
आज भी भारतीय समाज में सम्मान कि दृष्टि से देखा जाता है -
ईमानदारी को
उच्च आदर्शों को
परोपकार को
धर्म को
'क्या निराश हुआ जाए' पाठ के लेखक है -
हरिशंकर परसाई
जयशंकर प्रसाद
हजारी प्रसाद द्विवेदी
मैथिलीशरण गुप्त
आजकल समाचार पत्रों में क्या छपते है ?
ठगी और डकैती
चोरी और तस्करी
भ्रष्टाचार
उपर्युक्त सभी
प्रत्येक व्यक्ति को किस दृष्टि से देखा जाता है ?
घृणा की दृष्टि से
प्रेम की दृष्टि से
संदेह की दृष्टि से
मित्र की दृष्टि से
कौन कानून कि त्रुटियों का लाभ उठाने से संकोच नहीं करते ?
अफसर
देशभक्त
धर्मभीरु
युद्धवीर
लेखक ने टिकट बाबू को कितने का नोट दिया ?
पचास
सौ
दस
बीस
भारतवर्ष सदैव किसे धर्म के रूप में देखता है?
शिक्षा
अध्यात्मक
सेवा
कानून
लेखक के अनुसार आज के समय में कौन सुखी है ?
जो बहुत काम करता है
जो कम काम करता है
जो सब कुछ करता है
जो कुछ नहीं करता है
आज के माहौल में कैसे श्रमजीवी पीस रहे है -
निरीह, भोले-भाले
चालाक, तेज-तर्रार
आलसी, ढीले-ढाले
कामचोर, मुफ्तखोर
भीरु और बेबस लोगों के हिस्से में क्या आया है ?
जूठ
सच
न्याय
अन्याय
भीतर-भीतर भारतवर्ष अब भी यह अनुभव कर रहा है -
कानून धर्म से बड़ी चीज है
धर्म कानून से बड़ी चीज है
धर्म और कानून समान है
धर्म और कानून असमान है
