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Worksheetsबाज और साँप
Total questions: 15
Worksheet time: 8mins
जब बाज़ आसमान के बात कर रहे थे, तो साँप उस बारे में क्या दर्शन सोच रहा था?
उड़ना और रेंगना यात्रा करने के दो तरीके हैं और उन पर बहस करने में कोई मतलब नहीं है।
उडने और रेंगने में कौन सा भारी अंतर है और, आखिरकार अंत में तो सबके भाग्य में मरना ही लिखा है - शरीर मिट्टी का है, मिट्टी में ही मिल जाएगा।
कोई भी नहीं।
१ और २
बाज़ ने साँप के गुफे के अंदर क्या देखा?
पर्वत की अँधेरी घाटियों में एक नदी का बहना।
धूप में झिलमिलाती लहरें।
नदी और समुद्र का मिलाप।
चट्टानों में पड़ी दरारों से पानी का गुफा में टपकना।
बाज आकाश से कैसे गिरे?
खून से लथपथ
पंखों को फड़फड़ाता हुआ
सिकुड़कर
लपकता हुआ
नदी और समुद्र के मिलाप की जगह में टकराती लहरें कैसे दिखती थी?
दही-सी सफेद
माखन-सी सफेद
दूध की झाग-सी सफेद
पनीर-सी सफेद
साँप को क्या अच्छा लगता था?
अकेला रहना
रेंगना
पत्नी के साथ रहना
आसमान में उड़ना
इन में से बाज का चित्र चुनिए।
बाज अपने मौत से साँप के मन में क्या सवाल छोड़ा?
बाकी दुनिया से मिलजुलकर रहना कैसा होगा।
परिवार के साथ रहना कैसा है।
समुद्र के पार उड़ना का अनुभव क्या होगा।
आसमान के असीम शून्यता में क्या आकर्षण छिपा है।
लहरें चट्टानों पर सिर धुनकर किसलिए आँसू बहा रहे थे?
बाज़ की ज़ख्मी होने पर।
बाज के मृत्यु पर शोक मनाकर।
बाज़ की न उड़ पाने पर।
बाज के अवस्था पर।
लहर के अनुसार बाज साहस और वीरता से अपने जीवन बलिदान देने के बाद भी वह कैसा रहेगा ?
डरपोक
वीर
अमर
साहसी
साँप ने चट्टान के नीचे से क्या आवाज़ सुना ?
बाज का चीखने की आवाज़
लहरों का मधुर गीत का आवाज़
नदी का लपकने की आवाज़
बिजली खडकने का आवाज़
लहरों का गीत किसके लिये गा रहे थे ?
लहर के अनुसार बाज के धीरता से क्या होगा ?
लोग डरपोक बनेंगे
धीर लोग मूर्ख बनेंगे
सभी दुखी हो जाएंगे
बहादुर दिलों में स्वतंत्रता और प्रकाश के लिए प्रेम पैदा करेगी
बाज का मृत्यु कैसे हुआ ?
उड़ने के कोशिश में नीचे गिरकर
शत्रुओं से लडते हुए
उड़ते वक्त चट्टान पर टकराकर
चट्टान से गिरकर
लहर के गीत कैसा था ?
हमारा गीत ज़िंदगी के उन पागलों के लिए है मरकर भी सभी से डरते है।
हमारा गीत ज़िंदगी के उन डरपोक के लिए है मारकर भी मृत्यु से बहुत डरते है।
हमारा गीत ज़िंदगी के उन साहसी लोगों के लिए है मारकर भी साहस को नहीं छोड़ते।
हमारा गीत ज़िंदगी के उन दीवानों के लिए है मरकर भी मृत्यु से नहीं डरते।
बाज और साँप नामक पाठ का लेखक कौन है?
प्रेमचंद
निर्मल वर्मा
पी. साईनाथ
संजय
