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Worksheetsबालबोध पाठमाला भाग १ , २ , 3
Total questions: 25
Worksheet time: 13mins
णमोकार मंत्र में कितने पद ,अक्षर और मात्राएं है।
5 , 35 , 58
5 , 36 , 57
5 , 32 , 56
5 , 34 , 58
जो मोह राग द्वेष रूपी पापों को गलावे और सच्चा सुख उत्पन्न करे । उसे कहते है।
णमोकार मंत्र
मंगल
उत्तम
शरण
शरण किसे कहते है।
सहारे
आधार
जीवन
इनमें से कोई नहीं
जो वीतरागी और सर्वज्ञ होते हैं उन्हें कहते है।
तीर्थंकर
भगवान
देव
मनुष्य
अरनाथ भगवान की प्रतिमा पर ____ चिन्ह है।
शूकर
बकरा
मछली
सेही
यदि हम आत्मा को समझकर उसमें लीन हो जावे तो बन सकते है।
संसारी जीव
बहिरात्मा
अंतरात्मा
परमात्मा
मुनि ऋषभदेव ने वीतरागता और सर्वज्ञता को कैसे प्राप्त किया।
स्वार्थ से
पुरूषार्थ से
कर्मो से
इनमें से कोई नहीं
मुनि ऋषभदेव का सर्वप्रथम आहार कितने समय बाद हुआ।
13 महिने , 9 दिन
13 महिने , 8 दिन
12 महिने , 9 दिन
12 महिने , 8 दिन
जो आत्मा को कसे उसे क्या कहते है।
पाप
कषाय
योग
द्रव्य
अवस्था की अपेक्षा से जीव के कितने भेद होते है।
2
5
7
9
आचार्य कुंदकुंद देव मुनि पद पर कितने वर्ष तक रहें।
11 वर्ष
33 वर्ष
55 वर्ष
75 वर्ष
आठों ही कर्म किसके निमित्त है।
सुख के
स्वर्ग के
दुःख के
मोक्ष के
किसका नाश किए बिना धर्म का आरंभ नहीं होता है।
मिथ्यात्व का
संसार का
सुख का
इनमें से कोई नहीं
जैन धर्म में व्यक्ति का महत्व नहीं है ____का महत्व है।
समय
गुणों
वस्तु
मान
भावों की कुटिलता कौनसी गति का कारण है।
मनुष्य
तिंर्यच
देव
नरक
विश्व किसे कहते है।
गुणों के समूह को
द्रव्यों के समूह को
गुणों के परिणमन को
द्रव्यों के परिणमन को
पुद्गल का सबसे छोटा अंश क्या कहलाता है।
परमाणु
स्कन्द
द्रव्य
इनमें से कोई नहीं
मूर्तिक द्रव्य कौन सा है।
जीव
पुद्गल
धर्म
आकाश
दिन में भोजन करने की मर्यादा शास्त्रानुसार क्या है।
सूर्योदय से 48 मिनिट बाद से सूर्यास्त से 48 मिनिट पहले तक
सूर्योदय होने से सूर्यास्त तक
सूर्योदय से पहले और सूर्यास्त तक
इनमें से कोई नहीं
आचार्य समन्तभद्र को कौनसा रोग हुआ था।
भस्मक व्याधि
चेचक
कुष्ठ
पीलिया
मैं हूं अखण्ड चैतन्य पिण्ड , _ रस में रमने वाला हूं। पंक्ति पूर्ण करे।
शुभ
अमृत
निज
पर
ज्ञान से ही बोली में ___ आता है।
स्पष्टता ,आत्म विश्वास
स्पष्टता , डर
मान , अपमान
लोभी , क्रोध
अनुजीवी गुण किसे कहते है।
वस्तु के अभाव स्वरूप गुणों को
वस्तु के भाव रूप गुणों को
वस्तु के भाव- अभाव स्वरूप गुणों को
इनमें से कोई नहीं
मोहनीय कर्म के आस्रव के कारण क्या है।
तत्वाभ्यास में रूचि
तत्वाभ्यास में अरूचि
इनमें से कोई नहीं
प्रदेशत्व गुण के परिणमन को कहते है।
अर्थ पर्याय
व्यंजन पर्याय
स्वभाव पर्याय
इनमें से कोई नहीं
