Worksheetsउत्तर प्रदेश सहायक अभियोजन अधिकारी परीक्षा मॉक टेस्ट 6
Total questions: 100
Worksheet time: 50mins
पुलिस थाने पर रखी जाने वाली पंजिका तथा संचिकाओ का उल्लेख उत्तर प्रदेश पुलिस विनियम की निम्न में से किस परिशिष्ट में किया गया है
द्वितीय परिशिष्ट
प्रथम परिशिष्ट
तृतीय परिशिष्ट
चतुर्थ परिशिष्ट
पुलिस थाने पर रखी जाने वाली पंजिकाओ तथा वहां से प्रेषित विवरणियों की सूची दी गई है
प्रथम तथा द्वितीय परिशिष्ट में
द्वितीय तथा तृतीय परिशिष्ट में
तृतीय तथा चतुर्थ परिशिष्ट में
पंचम परिशिष्ट में
ग्राम अभ्यास पुस्तिका के प्रथम भाग में किस चीज की प्रविष्ट की जाती है
थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्रामों की जनसंख्या
थाना क्षेत्र में सुदूर स्थित ग्रामों का विवरण
थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्रामों के मुखिया के नाम
उपयुक्त सभी का
ग्राम अपराध पुस्तिका रखी जाती है
प्रत्येक पुलिस थाने पर
मुख्यालय पर
पुलिस थाने तथा मुख्यालय दोनो स्थलो पर
पुलिस अधीक्षक के कार्यालय में
ग्राम अपराध पुस्तिका के भाग 5 B के अपराधी पर सामान्यतः निगरानी अवधि कितनी होती है
10 वर्ष
20 वर्ष
2 वर्ष
जीवन पर्यत्न
ग्राम अपराध के भाग 5 B के ऐसे अपराधी जिन्हे तारांकित न किया गया हो ,उनके निगरानी की अवधि कितनी होती है
2 वर्ष
7 वर्ष
4 वर्ष
5 वर्ष
ग्रामीण अपराध पुस्तिका के भाग 5 को क्या कहते है
निगरानी पंजिका
Investigation अभिलेख
ग्राम अभिलेख
हिस्ट्रीशीट
निम्न में कौन सा सशत्र पुलिस का कर्तव्य नहीं है
खतरनाक अपराधियो का पीछा करना ,तथा उनकी गिरफ्तारी करना
अपराधो का दमन करना
यातायात नियंत्रण
सुरक्षा तथा संरक्षण
उत्तर प्रदेश पुलिस विनियम के अंतर्गत सशत्र पुलिस के प्रधान आरक्षी के कर्तव्यों से संबंधित उपबंध हैं
पैरा 65
पैरा 66
पैरा 67
पैरा 68
उत्तर प्रदेश विनियम का कौन पैरा सशत्र पुलिस बल के उपनिरीक्षक के कर्तव्य से संबंधित है
पैरा 67
पैरा 66
पैरा 68
पैरा 69
यह कौन सुनिश्चित करेगा की सशस्त्र बल पर नियंत्रण रखने वाले अधिकारी उतरदायी तथा सक्षम हो
पुलिस उप महानिरीक्षक
पुलिस अधीक्षक
सशस्त्र पुलिस बल का उप निरक्षक
जनपद मजिस्ट्रेट
सशस्त्र बल पर विषेश प्रभार किसका होता है
उप महानिरक्षक का
पुलिस अधीक्षक का
जनपद मजिस्ट्रेट का
राज्य शासन का
सशस्त्र और सिविल पुलिस के कांस्टेबलों की भर्ती निम्न में से किसके द्वारा की जाती है
पुलिस महा निरीक्षक
पुलिस महा निरीक्षक
पुलिस अधीक्षक
जिला मजिस्ट्रेट
उत्तर प्रदेश पुलिस विनियम के अधीन सशस्त्र पुलिस पर विशेष प्रकार निम्न में से किसका होता है
पुलिस अधीक्षक
जिला मजिस्ट्रेट
उप महा निरीक्षक
महानिदेशक
जनपद हेतु आवंटित सशस्त्र पुलिस से अतिरिक्त , सशस्त्र बल हेतु अभयार्थना ,किसके समक्ष की जानी चाहिए ??
जनपद मजिस्ट्रेट
पुलिस उप महानिरीक्षक
पुलिस अधीक्षक
राज्य शासन
पुलिस विनियम ,1861 के अंतर्गत सशस्त्र पुलिस विषयक उपबंध है
पैरा 65 से 72
पैरा 79 से 88 A
पैरा 89 से 96A
पैरा 104 से 128
जब वह व्यक्ति , जो अपराधिक प्रक्रिया संहिता की धारा 320 के अधीन अपराध का शमन करने के लिए अन्यथा सक्षम होता , मर जाता है तब ---
अपराध के शमन किया जा सकता
किसी चक्षुदर्शी साक्षी द्वारा अपराध का शमन किया जा सकता है
ऐसे व्यक्ति का विधिक प्रतिनिधि न्यायलय की संपति के बिना अपराध का शमन कर सकता है
ऐसे व्यक्ति का विधिक प्रतिनिधि न्यायलय की संपति से अपराध का शमन कर सकता है
यदि किसी दांडिक अपील में अभियुक्त की मृत्यु हो जाती है एवम उसके नजदीकी रिश्तेदार अपील को जारी रखना चाहते है उन्हे कितनी अवधि के अंदर आवेदन देना चाहिए
4 महीने
3 महीने
60 दिन
30 दिन
यदि कोई दंडाधिकारी विधि द्वारा अधिकृत न हो तब किसी स्थिति में उसके द्वारा की गई कार्यवाही विदुषित होगी ??
सीआरपीसी की धारा 94 के अंतर्गत तलाशी वारंट जारी करता है
सीआरपीसी की धारा 176 के अंतर्गत मृत्यु समीक्षा करता है
अभियुक्त का संक्षिप्त विचारण करता है
CRPC की धारा 306 के अंतर्गत क्षमादान देता है
कौन सा कथन सही है
समन मामला हुआ है जो वारंट मामला नहीं है
समन मामला हुआ है जिस में जमानत की आवश्यकता नहीं है
समन मामला वह है जिसमे विचारण के दौरान केवल समन भेजा जाता है
इनमे से कोई नहीं
अधीनस्थ न्यायिक मजिस्ट्रेट के कार्य के वितरण के विषय में कौन नियम बना सकता है या विशेष आदेश दे सकते है
कार्यपालक दंडाधिकारी
जिला दंडाधिकारी
अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट
विशेष लोक अभियोजक की नियुक्ति के लिए कितने वर्षों का विधि व्यवसाय आवश्यक होता है
7
10
15
5
सीआरपीसी के अंतर्गत जांच की जाती है
केवल मजिस्ट्रेट द्वारा
पुलिस अधीक्षक द्वारा
सत्र न्यायालय द्वारा
मजिस्ट्रेट या न्यायालय द्वारा
एक मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी दंडादेश दे सकता ह
3 वर्ष से अंधिक अवधि के के लिए कारावास का या 5 हजार रूपए से अनधिक जुर्माने का या दोनों का
5 वर्षों से अनधिक अवधि के कारावास या 10 हजार रूपए से अनधिक जुर्माना या दोनों का
7 वर्षों से अनधिक अवधि के कारावास या जो किसी भी राशि तक का हो सकेगा या दोनों का
7 वर्ष से अंधिक अवधि के लिए कारावास का या 1 लाख रुपए से अनधिक जुर्माने का या दोनो का
दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 482 के अंतर्गत अंत निर्हित शक्तियोँ का प्रयोग किया जा सकता है
किसी भी दंड न्यायालय द्वारा
उच्चतम न्यायालय द्वारा
सत्र न्यायालय और उच्च न्यायालय द्वारा
उच्च न्यायालय द्वारा
असंज्ञेय अपराध का क्या अभिप्रेत है
ऐसा अपराध जिसमें पुलिस अधिकारी बिना वारंट के गिरफ्तार कर सकता है
ऐसे अपराध में पुलिस बिना वारंट के गिरफ्तार नहीं कर सकता
ऐसे अपराध पुलिस के विवेक पर गिरफ्तार किया जा सकता है
परिवादी के निवेदन पर गिरफ्तार किया जा सकता है
A, किसी स्त्री का घूंघट बिना उसकी सहमति के उसे डराने के लिए हटा देता है ,A, उत्तरदयी है
हमले के लिए
अपराधिक बल के लिए
उपहती के लिए
मान हानि के लिए
A, ने लगभग 2 वर्षो की एक बालिका जो सो रही थी , के कमरे में घुसकर उसके गुप्तांगों को क्षति पहुंचाई । इस मामले में
A, ने कोई अपराध नहीं किया है
A, ने IPC की धारा 354 के अधीन अपराध किया है
A, बलात्संग का दोषी है
A, गृह अतिचार का दोषी है
A, एक विधवा के साथ यौन संबंध उसकी सहमति से करता है। A, दोषी है
बलात्कार का
जारकर्म का
विधवा से लज्जा भंग का
कोई अपराध nhi
निम्न में से कौन सा तत्व चोरी में नहीं होता है
बेईमानी
कब्जे के बिना
कोई संपत्ति
कब्जे वाले व्यक्ति की अनुमति के बिना
A, जो ,B , का सेवक है, जिसे C, ने अपनी प्लेट की देखरेख न्यस्त कर दी है , B, की सहमति के बिना प्लेट को लेकर बेईमानी से भाग गया , A, ने किया
अपराधिक दुविर्णियोग्
अपराधिक न्यास भंग
चोरी
छल
A, B, के चेहरे को स्थाई रूप से विदूषित करने हेतु ,B, पर प्रहार करता है m A, ऐसा नहीं कर सका , लेकिन B, को 10 दिनों तक तीव्र शारीरिक पीड़ा कारित होती है , B, ने अपराध कारित किया है
हत्या का प्रत्यन
स्वेच्छाया उपहती करित करना
स्वेक्छाया घोर उपहति कारित करना
साधारण उपहती
भारतीय दंड संहिता की धारा 324 के अंतर्गत अपराध किस न्यायालय द्वारा विचारनीय होगा
न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी
किसी भी मजिस्ट्रेट
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट
2nd Class मजिस्ट्रेट
A एक पुलिस अधिकारी ,, B , को यह संस्वीकृति करने को कि उसने अपराध किया है, उत्प्रेरित करते हुए यातना देता है ,A, ने अपराध किया है
आईपीसी 331 के तहत
333
330
कोई अपराध नहीं किया क्योंकि उसने ये पदभास में किया
एक पुलिस अधिकारी न्यायालय से जमानत के आदेश प्रस्तुत करने के बाबजूद भी एक व्यक्ति को हवालात में बंद कर देता है। पुलिस अधिकारी दोषी है
सदोष अवरोध
सदोष परिरोध
अपहरण
व्यपहरन
A, अपनी कार भोपाल से इंदौर जा रहा था रास्ते में उसे B, मिला और निवेदन किया कि वह उसे उज्जैन तक लेता चले । A, ने उसका निवेदन स्वीकार कर लिया लेकिन उज्जैन पहुंचने पर बार बार कहने पर भी B, को वहां नहीं उतारा । B, के इच्छा के विरुद्ध A, उसे इंदौर तक ले गया यहां ---
A, B के व्यपहरण का दोषी है
A, ने कोई अपराध नही किया है
A, B के अपहरण का दोषी है
A, B का सदोष पतिरोध करीत करने का दोषी है
आईपीसी सदोष लाभ , एवम सदोष हानि ,को परिभाषित किया गया है
धारा 22
23
24
27
ग्रामीण अपराध पुस्तिका के भाग 5 को क्या कहते है
निगरानी पंजिका
Investigation अभिलेख
ग्राम अभिलेख
हिस्ट्रीशीट
आईपीसी की धारा 10 में पुरुष धोतक है कोई नर मानव :--
16 वर्ष का
18 वर्ष का
21 वर्ष का
किसी भी आयु का
आईपीसी की धारा 34 को लागू करने में निम्न में से क्या आवश्यक तत्व नहीं है
सामान्य आशय
अपराध का कारीत करना
अभियोक्तों की संख्या 5 हो
अपराध सामान्य आशय के अग्रसर में हो
किसी आपराधिक कार्य को करने में भारतीय दंड संहिता की धारा 34 में संयुक्त दायित्व के सिद्धांत की अपेक्षा की गई है
अभियुक्त मात्र किसी की तैयारी की योजना बनाने में सम्मिलित हुआ हो
अपराधियों को अनु प्रमाणित करने वाला सामान्य आशय विद्वमान हो
विधि विरुद्ध जमाव के किसी सदस्य द्वारा जमाव के समान्य उद्देश्य को अग्रसर करने में कोई अपराध किया गया हो
उपयुक्त में से कोई नहीं
जब भी कोई अपराधिक कार्य कई व्यक्तियों द्वारा अपने सबके समान आशय को अग्रसर करने में किया जाता है
ऐसा प्रत्येक व्यक्ति उस कार्य के लिए उत्तरदाई है
ऐसा व्यक्तियों में से प्रत्येक व्यक्ति उस कार्य के लिए उसी प्रकार दायित्व के अधीन है मानव वह कार्य अकेले उसी ने किया हो
ऐसा प्रत्येक व्यक्ति अपने दोस्त के अनुसार उत्तरदाई है
उपरोक्त में से कोई सही नहीं है
निम्न वादों में से किस बात को सिंधु नदी वाद के नाम से जाना जाता ह
दुख मोचन पांडे का वाद
महबूब शाह का वाद
वरिंद्र कुमार घोष का
स्वर्ण सिंह का
निम्न में से किस वाद में प्रिवी काउंसिल ने सामान्य आशय एवम समान आशय के मध्य अंतर स्पष्ट किया
महबूब शाह बनाम किंग एंपोरर
बरिंद्र कुमार घोष बनाम एंपोरॉर
श्रीनिवास मल बरोलिया बनाम एंपोरॉर
सभी प्रकरणों में
A, B से सहमत होता है कि वह B, की परीक्षा में नकल करने में उसकी सहायता करेगा ,यह है :--
अपराधिक षड्यंत्र
दुस्प्रेरण
सामान्य आशय
सामान्य उद्देशय
अपराध , परिभाषित है
आईपीसी धारा 41
42
40
39
निम्न में से किस मामले में यह निर्णय लिया गया कि मृत्युदंड विरल से विरलतम मामलों में दिया जाना चाहिए
आर बनाम गोविंदा
हसैन आरा खातून बनाम बिहार राज्य
Sunil batra Vs Delhi Administration
बेचन सिंह बनाम पंजाब राज्य
IEA 1872 में प्रयुक्त " न्यायालय " वर्ड सम्मिलित होते हैं
सभी न्यायाधीश किंतु मजिस्ट्रेट नही
सभी मजिस्ट्रेट किंतु न्यायधीश नहीं
सभी न्यायाधीश मजिस्ट्रेट , व्यक्ति , मध्यस्थ को छोड़ कर जो साक्ष्य लेने k लिए अधिकृत है
सभी investigation और जांच अधिकारी व मध्यस्थ जो साक्ष्य लेने के लिए अधिकृत है
IEA की धारा 121 निम्न में से किसके संबंध में विशेषाधिकार का प्रावधान करता है
पति और पत्नी को
न्यायधीश और मजिस्ट्रेट को
राज्य के कार्यकलापों को
शासकीय संसुचनाये को
न्यायालय की अनुमति के बिना , सूचक प्रश्न पूछा जा सकता है
मुख्य परीक्षा में
किसी भी क्रम में
प्रति परीक्षा में
इनमे से कोई नहीं
बलातसंग से पीड़ित का परिचय या नाम उजागर करना IPC की निम्न में से किस धारा में दंडनीय अपराध है
354 D
288A
229
226 A
कौन सा तत्व लूट को डकैती से भिन्न करता है
समय का
संपति का
संख्या का
स्थान का
A, ने जहरीला हलवा B को मारने के आशय से दिया ,। B, ने एक चम्मच खाया और बगल में रख दिया , C, वहां पर बैठा हुआ था ,और उनसे वह सारा हलवा खा लिया और उसकी मृत्यु हो गई । यहां A, उत्तरदाई है :--
हत्या की श्रेणी में न आने वाले अपराधिक मानव वध
C की हत्या का
A, उत्तरदाई नही है क्योंकि उसका कभी भी C की हत्या का आशय नही था
घोर उपहति कारित करने का
A, B के विरुद्ध एक करार के संबंध में वाद लाता है ,और उसे प्रस्तुत करने के लिए B को नोटिस देता है । विचारण के समय A, दस्तावेज को बुलबाता है। और B, इसे प्रस्तुत करने से इंकार कर देता है , A, इसकी अंतर्वस्तु की सेकेंडरी साक्ष्य देता है । B, सेकेंडरी साक्ष्य को खंडित करने के लिए दस्तावेज को प्रस्तुत करना चाहता है ??
वह ऐसा नही कर सकता
अन्य पक्षकार की सहमति से ऐसा कर सकता है
न्यायालय के आदेश से वह ऐसा कर सकता है
B aur C दोनो
व्यपहरण के मामले में अवयस्क की संपति
पूर्ण रूपेण महत्वहीन
आंशिक रूप से महत्वहीन
का पूर्ण महत्व है
का आंशिक महत्व है
A, B के घर के द्वार की चाभी मिल जाती है जो B, से खो गई थी । वह उस चाबी से द्वार खोलकर B के घर में प्रवेश कर गृह अतिचार करता है , A ने अपराध किया है
प्रचन्न गृह अतिचार
अपराधिक दुविनिर्योग
चोरी के प्रयत्न का
गृह भेदन का
आईपीसी के चैप्टर 4 के अंतर्गत साधारण अपराध के तहत आने वाले कार्य करने वाले व्यक्ति को क्या दंड दिया जा सकता है
कोई दंड नही
उस अपराध के लिए विहित दंड का आधा
उस अपराध के लिए विहित दंड का चौथाई
न्यायालय के विवेक के आधार पर
निम्नलिखित में से किस महत्वपूर्ण मामले में सर्वोच्च न्यायालय में तीन न्यायाधीशों की पीठ ने भारतीय दंड संहिता की धारा 300 तृतीय के संबंध में 4 बिंदु परीक्षण विहित किया गया है
विरसा सिंह बनाम पंजाब राज्य
उत्तर प्रदेश राज्य बनाम रमेश प्रसाद मिश्रा
केएम नानावती बनाम महाराष्ट्र राज्य
नेहरू उर्फ जवाहर बनाम स्टेट
भारतीय साक्ष्य अधिनियम लिखा गया था
लार्ड मैकाले द्वारा
सर जेम्स स्टीफन द्वारा
Haksale द्वारा
सर हेनरी समर मेन द्वारा
यह नीचे दिए गए कुट का प्रयोग करते हुए गलत कथन चुनिए:-
1. भारतीय साक्ष्य अधिनियम मध्यस्थ के समक्ष कार्रवाईयों पर लागू नहीं होता
2. भारतीय साक्ष्य अधिनियम न्यायालय द्वारा साक्षी लेने हेतु नियुक्त किए गए आयुक्त के समक्ष कार्रवाइयों पर लागू नहीं होता
3. न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किए गए शपथ पत्रों पर साक्ष्य अधिनियम लागू होता है
4. भारतीय साक्ष्य अधिनियम सभी प्रकार के सेना न्यायालयों के समक्ष होने वाली न्यायिक कार्यवाही हो पर लागू होता है
2 एवम 3 गलत है
2,3,और 4 गलत है
1 एवम 3 गलत है
कोई गलत नहीं
किसी व्यक्ति को शारीरिक क्षति के भय में डालकर बेईमानी के आशय से अपनी संपत्ति देने के लिए उतप्रेरित करना अपराध है
चोरी का
अपराधिक दुविनिर्योजन
उद्यापन का
अपराधिक अभित्रास का
इस वाद में D, और C दो नाविक थे ,और एक सत्रह वर्षीय बालक था । तीनों व्यक्ति समुद्र में जहाज नष्ट हो जाने के कारण एक छोटी नाव पर सवार होकर बच कर समुद्र से बाहर निकले। कई दिनों तक खाने के लिए कुछ भी न मिलने के कारण वे भूख से मरनास्त्र की स्थिति में पहुंच चुके थे । ऐसी स्थिति में C और D ने एक बालक को मार दिया और उसके मांस से अपनी भूख मिटाई और इस तरह वह जीवित किनारे पर पहुंच गए ।
D और C हत्या के दोषी है
D और C हत्या के दोषी नहीं है
D और C का अपराध विधि द्वारा क्षम्य है
इनमे से कोई नहीं
एक 5 वर्ष के बालक ने किसी व्यक्ति के सिर पर मारा जिससे उसको गंभीर चोट आई क्या बालक ने अपराध किया
बालक अपराधी नहीं है
बालक घोर उपहति के अपराध से दंडनीय है
बालक सिर्फ दुस्प्रेरण का अपराधी होगा
A, और B आपस में पट्टेबाजी करने को सहमत होते हैं इस सहमति में किसी उपहानि को जो ऐसे पट्टेबाजी में खेल के नियम के विरुद्ध ना होते हुए कारित हो। , उठाने की हर एक की सम्मति विवछित है और यदि यथानियम पट्टे बाजी करते हुए B, को उपहती कारित कर देता है तो :--
A, उपहती कारित का अपराधी है
A कोई अपराध नहीं करता है
A, घोर उपहती कारित करने का अपराधी है
बालक सिर्फ दुस्प्रेरण का अपराधी होगा
A, एक शल्य चिकित्सक यह जानते हुए कि एक विशेष ऑपरेशन से C, को जो वेद अन्नापूर्ण वेदना पूर्ण व्याधि से ग्रस्त है मृत्यु का रित होने की संभावना है किंतु C, की मृत्यु कारीत करने के आशय ना रखते हुए और सदभावना पूर्वक C, के फायदे के आशय से एक ही सम्मति से ऑपरेशन करता है और C, ही मृत्यु हो जाती है
A ने अपराध नहीं किया
A , C की मृत्यु का दोषी है
A, अपेक्षा का दोषी है
इनमे से कोई नहीं
A सदभावना पूर्वक अपने शिशु के फायदे के लिए अपने शिशु की सहमति के बिना यह जानते हुए कि शस्त्र कर्म से उस शिशु की मृत्यु तारीख होगी ना कि इस आशय से की उस शिशु की मृत्यु कार्य कर दे शल्य चिकित्सक द्वारा पथरी निकलवाने के लिए अपने शिशु की शल्य क्रिया करता है A, का उद्देश्य शिशु को रोग मुक्त करने का था इसलिए वह इस अपवाद के अंतर्गत आता है
A, ने कोई अपराध नही किया
A ने घोर उपहति का प्रयास किया
A, उपेक्षा का दोषी है
A, दुष्प्रेरण का दोषी है
A, C अपने घोड़े से गिर गया और मूर्छित हो गया । A, एक शल्य चिकित्सक का यह विचार है कि C के कपाल पर शल्यक्रिया आवश्यक है " ए " "सी " की मृत्यु करने के आशय न रखते हुए किंतु सदभावना पूर्वक C के लाभार्थी के समय किसी निर्णय पर पहुंचने की शक्ति प्राप्त करने से पूर्व ही कपाल पर शल्यक्रिया करता है
A ने कोई अपराध नहीं किया
A ने घोर उपहति का प्रयास किया
A उपेक्षा का दोषी है
A , C की हत्या का दोषी है
इंडियन एविडेंस एक्ट 118 के अधीन निम्न में से कौन सक्षम नहीं है
बच्चा
अभियुक्त
पागल ,जो कि अपने पागलपन के कारण उससे किए गए प्रश्नों को समझने से एवम उनके युक्तिसंगत उत्तर देने से निवारित हो
उपर्युक्त सभी
एक मूक व्यक्ति सक्षम साक्षी है ,जैसा कि निम्न के अंतर्गत प्रावधान है
धारा 118 IEA
119 IEA
120 IEA
121 IEA
IEA के अनुसार , मूक साक्षी :-
सक्षम साक्षी नही है
सक्षम साक्षी है
अंशतः अक्षम है
कोई नही
पति और पत्नी दोनो एक दूसरे के पक्ष और विपक्ष के समक्ष साक्षी होते है
दीवानी मामले में
फौजदारी मामले में
दीवानी और फौजदारी दोनो मामले में
न तो दीवानी और और न ही फौजदारी मामले में
कोई सा अपराधी किसी अभियुक्त व्यक्ति के विरुद्ध समक्ष साक्षी होगा यह कथन
सही है
गलत है
अंशत: सही है
इनमे से कोई नहीं
कोई दोषसिद्धि केवल इसलिए अवैध नहीं हो जाती क्योंकि वह सर अभियुक्त के असंपुस्ट परिसाक्ष्य पर दी गई है यह कथन :--
गलत है
सही है
अंशत: सही है
इनमे से कोई नहीं
साक्ष्य अधिनियम के किस धारा के अंतर्गत न्यायधीश साक्षी की ग्राहिता के बारे में निश्चय करेगा
135
136
138
144
पुनः परीक्षा का अर्थ है साक्षी को बुलाने वाले पक्ष कार द्वारा उसकी परीक्षा उसकी
प्रति परीक्षा के बाद
मुख्य परीक्षा के बाद
विरोधी परीक्षा के बाद
इनमें से कोई नहीं
अपराधिक मामलों में वीडियो वार्ता के जरिए साक्षी का परीक्षण
अनुज्ञेय है
अनिज्ञेय नहीं है
साक्षी की इच्छा पर अनुज्ञेय है
अभियुक्त की इच्छा पर अनुज्ञेय है
साक्षियों की पहले की जाएगी
प्रति परीक्षा
पुनः परीक्षा
मुख्य परीक्षा
क्रॉस में परीक्षा
ऐसा उत्तर सुझाने वाला कोई प्रश्न जो प्रश्न पूछने वाला व्यक्ति प्राप्त करना चाहता है या आशा करता है कहलाता है
सूचक प्रश्न
विरोधी प्रश्न
प्रतिकूल प्रश्न
इनमे से कोई नहीं
सामान्यत : सूचक प्रश्न पूछा जाता है
मुख्य परीक्षा में
पुनः परीक्षा में
प्रति परीक्षा में
इनमे से कोई नहीं
सूचक प्रश्न पूछा जा सकता है
मुख्य परीक्षा के दौरान
प्रति परीक्षा के दौरान
पुनः परीक्षा में
किसी भी परिस्थिति में
दंड विधि संशोधन अधिनियम 2005 द्वारा भारतीय साक्ष्य अधिनियम के किस धारा में संशोधित किया गया था
90 A
29
154
159
A को एक बाघ उठा ले जाता है । यह जानते हुए कि जीवन की उपधारणा , उपबंधित है
धारा 106
107
108
109
साक्ष्य अधिनियम की धारा 108 संबंधित है
मृत्यु की अवधारणा से
जीवन के उप धारणा से
नातेदारी के उप धारणा से
कोई नहीं
कब्जा स्वामित्व का प्रथम दृष्टया सबूत है, यह सिद्धांत दिया गया है
109 IEA
110 IEA
111 IEA
112 IEA
भारतीय साक्ष्य अधिनियम की धारा 112 के अधीन धर्मजत्व के निश्चचायक सबूत के लिए व्यक्ति का जन्म उसके माता और किसी पुरुष के बीच वैध विवाह के जारी रहते हुए होना चाहिए ; या
विवाह के विघटन के बाद 290 दिनों के भीतर
विवाह के विघटन के बाद 280 दिनों के भीतर
विवाह के विघटन के बाद 300 दिनों के भीतर
विवाह के विघटन के बाद 270 दिनों के भीतर
भारतीय साक्ष्य अधिनियम की कौन सी धारा निरक्षर साक्षी पर लागू नहीं होती
155
154
159
कोई नही
ब, पर किसी करार पर , य, वाद लाता है और वह ब, को उसे पेश करने की सूचना देता है । विचारण में अ, उस दस्तावेज की मांग करता है और ब, उसे पेश करने से इनकार करता है अ, उसके अंतर्वस्तु का द्वितीयक साक्ष्य देता है अ, द्वारा दिए गए द्वितीयक साक्ष का खंडन करने के लिए ब, दस्तावेज को ही पेश करना चाहता है
वह ऐसा नही कर सकता
वह दूसरे पक्षकार की सहमति से ऐसा कर सकता है
वह न्यायालय की अनुज्ञा से ऐसा कर सकता है
B और C दोनो
IEA की निम्न धाराओं में से किस धारा में यह उपवंधित है कि साक्ष्य का अनुचित ग्रहण या अग्रहण सत्यमेव किसी मामले में नवीन विचारण का आधार नहीं होगा
धारा 166
धारा 167
धारा 163
धारा 150
न्यायालय किन्ही तथ्यों का अस्तित्व उपधारित कर सकेगा का उपबंध साक्ष्य विधि के निम्नलिखित में से किस धारा में किया गया है
114
113
113 A
4 A
उत्तर प्रदेश पुलिस रेगुलेशन के पैरा 399 के अनुसार पुलिस अधीक्षक या उच्च श्रेणी के अधिकारियों की नियुक्ति की जाती है
CM के द्वारा
राज्यपाल द्वारा
पुलिस महानिदेशक द्वारा
पुलिस आयोग द्वारा
पुलिस अधिकारियों तथा कर्मचारियों के पदोन्नति से संबंधित प्रावधान किस पैरा के अंतर्गत किए गए हैं
428 से 46 A
425 से 450
328 से 353
इनमे से कोई नहीं
किसी व्यक्ति का नाम फरार व्यक्तियों की पत्रिका में अंकित कराने हेतु कौन आवेदन कर सकता है
थाना प्रभारी
Investigation अधिकारी
उपरोक्त दोनों
प्रतिवादी या सूचनादाता
कौन सा सही है
B वर्ग की हिस्ट्रीशीटर सदैव खुली रहती है
B ' वर्ग के हिस्ट्रीशीटर पर जीवन प्रयत्न निगरानी रखी जाती है
B,' वर्ग के हिस्ट्रीशीटर को तारांकित करना आवश्यक नहीं होता है
उपरोक्त सभी कथन सत्य है
सही कथन चुनिए
वर्ग " A " तथा वर्ग "B" की हिस्ट्रीशीटर , संदेह के आधार पर खोली जा सकती है
" A " तथा वर्ग "B" की हिस्ट्रीशीटर ,दोषसिद्धि या दोष मुक्ति पर खोली जा सकती है
कोई भी हिस्ट्री शीट ,पुलिस अधीक्षक की अनुमति के बिना नहीं खोली जा सकती है
उपर्युक्त सभी कथन सत्य है
हिस्ट्री शीट के वर्ग " A " तथा वर्ग "B" मे वर्गीकरण का उद्देश्य :--
निगरानी के समय अवधि का विनिमयन करना
निगरानी का प्रकार विनियमित करना है
उपरोक्त दोनों
उपरोक्त में से कोई नहीं
हिस्ट्रीशीटर के दो प्रकार होते हैं दोनों ही प्रकार के हिस्ट्रीशीटर एक ही नमूने के प्रारूप पर लिखी जाती है दोनों में केवल इतना अंतर है कि " क" वर्ग के हिस्ट्रीशीटर हेतु प्रयुक्त फार्म के प्रथम पृष्ठ पर एक---
लाल झंडा खींचा रहता है
तरांकन रहता है
नीला लाल पट्टी रहती है
टिक चिन्ह बना
पैरा 327 के अनुसार किसी विदेशी की मृत्यु की सूचना प्राप्त होने पर थाना प्रभारी सुनिश्चित करेगा :--
मृतक के समस्त विवरण
उसकी मृत्यु का कारण
उसकी राष्ट्रीयता
उपर्युक्त सभी
भारतीय दंड संहिता में निम्नलिखित धारा में अपराधिक मानव वध करने के प्रयत्न का उपबंध है
305
306
307
308
भारतीय दंड संहिता के अधोलिखित धाराओं में से किस धारा के अंतर्गत संयुक्त अपराधिक दायित्व का सिद्धांत लागू होता है
36
39
34
40
निम्न में से कौन अपूर्ण अपराध नहीं है
प्रयत्न
अपराधिक सद्यंत्र
दुष्प्रेरण
व्यपहरण
