Worksheetsउत्तर प्रदेश सहायक अभियोजन अधिकारी मॉक टेस्ट 9
Total questions: 100
Worksheet time: 50mins
मृत्युदंड विरल से विरलतम ( Rerest of Rare Case ) अपराधो में ही दिया जाना चाहिए , यह अभिनिर्धारित किया गया था
बच्चन सिंह Vs पंजाब राज्य
रामेश्वर वीएस उत्तर प्रदेश
TV व्थेस्वरन Vs तमिलनाडु राज्य
उत्तर प्रदेश बनाम M K एंथोनी
ब्लातसंग की पीड़ित का परिचय प्रकट करना आईपीसी की किस धारा के अंतर्गत दंडनीय है
220
228 A
376 A
376 B
A , B को घोर उपहति के भय में डालकर बेइमानी से B, को उत्प्रेरित करता है कि वह एक कोरे कागज पर हस्ताक्षरित कर दे और उसे A, को परिदत्त कर दे । B, उस कागज पर हस्ताक्षर करके A, को परिदत्त कर देता है । A, ने परिदत्त कर देता है ,A, ने :---
चोरी की
लूट
डकैती
उद्यापन
प्रवंचना ( Deception ) निम्न के से किसका आवशयक तत्त्व है
अपराधिक न्यास भंग
कूट रचना
छल
सभी
A, एक मजिस्ट्रेट के समक्ष J, पर सद्वावनापूर्वक अभियोग लगाया है
A, ने कोई अपराध नही किया है
A, ने मानहानि का अपराध किया है
A, ने मानहानि का अपराध किया किंतु वह IPC की धारा 93 के अंतर्गत अपना बचाब कर सकता है
उपरोक्त में से कोई नही
आईपीसी की धारा 498 A के अंतर्गत Cruelty में निहित है
केवल शारीरिक cruelty
केवल मानसिक Curelty
स्त्री का उत्पीड़न
पत्नी द्वारा curelty
निम्न में से आईपीसी के अंतर्गत दण्डनीय नही है
राज्य के विरुद्ध युद्ध करने की तैयारी
डकैती करने की तैयारी
किसी मित्र शक्ति के राज्य क्षेत्र में लूटपाट करने की तैयारी
हत्या की तैयारी
चोरी का अपराध लूट बन जाता है जब
5 या अधिक व्यक्तियों द्वारा किया जाता है
2 से अधिक किंतु 5 से कम व्यक्तियों द्वारा किया जाता हैं
उसके बल जुड़ जाता है
कोई नही
निम्न में से " विधि विरुद्ध जमाव " का आवश्यक तत्व नहीं है
5 या अधिक व्यक्ति
समान्य उद्देश्य
सामान्य आशय
विधिक प्रक्रिया के निष्पादन का परिरोध
निम्न मे कौन सा वर्ग मानहानि के वाद में उपलब्ध प्रतिरक्षायों को सही रूप से इंगित करता है
विशेषाधिकार , सत्यता, उचित टीका टिप्पणी
उचित टीका टिप्पणी , भूल , विशेषाधिकार
उचित, टीका टिप्पणी , भूल , सत्यता
भूल , विशेषाधिकार , सत्यता
IPC की निम्न धाराओं में से किसके अंर्तगत मृत्युदंड दिए जाने का प्रवधान है
1) section 194 और 449
2.) 132 और 194
3. 364 A और 396
4) 124 A और 132
1 और 2
2 और 3
3 और 4
1 और 4
निम्न में से नशे पर कौन सा प्रमुख वाद है
नाथूलाल बनाम मध्य प्रदेश। राज्य
डायरेक्टर पब्लिक प्रॉसिक्यूटर बनाम बयार्ड
बेरो बनाम आइजैक
कोई नही
विधि विरुद्ध जमाव से अभिप्रेत है
5 या 5 से अधिक व्यक्तियों का जमाव
5 या 5 से अधिक व्यक्तियों का घातक हथियार के साथ जमाव
अपराध करने हेतु सामान्य उद्वेश्य से 5 या 5 से अधिक व्यक्तियों का जमाव
कम से कम 2 व्यक्तियों का जमाव
A, एक पुलिस अधिकारी ने Y, को यह संस्वीकृति करने को , कि उसने अपराध किया है , उत्तप्रेरित करते हुए यातना देता है , उसने A ने अपराध किया है
IPC 331
330
333
332
किस वाद को लेमिंगटन रोड शूटिंग षड्यंत ,नामक वाद वाद के रूप में जानते है
R Vs black और tai
इन री एन रामरतनम
इंपोरर्र बनाम वैशमाप्यान
मिर्जा अकबर बनाम किंग एंपोरर
A, एक पुजारी ,जानते हुए भी एक व्यक्ति का दूसरा विवाह संपादित कराता है , A, दोषी है
संयंत्र का
उकसाने द्वारा दुस्प्रेरण का
दुविवाह का प्रयत्न का
साशय सहायता के द्वारा दुष्प्रेरण का
निम्न वाद में सर्वप्रथम प्रतिनिधित्व दायित्व का सिद्धांत निर्णीत किया गया
R Vs हिगिंस का वाद
R vs stephen
R Vs tolson
R Vs प्रिंस
आईपीसी के कुछ उपवंधो को संशोधित किया गया
प्रशानिक अधिकरण अधिनियम 1985 द्वारा
मध्यस्थम और सुलह अधिनियम 1996 द्वारा
सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम 2000 द्वारा
कोई नही
एक जलाशय के किनारे पर अव्यवस्थित होटल अपने दूषित जल को जलाशय में छोड़ रहा है जिससे जलाशय का पानी गंदा हो रहा है होटल मालिक को IPC की किस अपराध के अधिरोपित किया जा सकता है
277
276
278
282
आईपीसी में पुरुष ( He) वाचक प्रयोग किए गए है
नारी हेतु
नर हेतु
हर व्यक्ति हेतु चाहे नर हो या नारी
कोई नही
एक व्यक्ति धारा 326 A आईपीसी वर्णित अपराध का दोषी पाए जाने पर कारावास से दंडनीय किए जाने का अधिकारी होगा ,। जिसकी अवधि 10 वर्ष से कम नहीं होगी किन्तु आजीवन कारावास तक हो सकेगी ,और जुर्माने से भी दंडनीय होगा । जो की पीड़ित को देय होगा । ऐसा जुर्माना ----
1 लाख रुपए से कम नहीं होगा
50K रुपए से कम नही होगा
पीड़ित का उपचार के चिकिसय खर्चा को पूरा करने के लिए न्यायोचित एवम युक्तियुक्त होगा
न्यायालय द्वारा अवधारित किया जाएगा ,किंतु किसी भी स्थिति में 5 लाख रुपया से कम नहीं होगा
न्यायालय द्वारा जमानत bail दिए जाने का आदेश प्रस्तुत करने के पश्चात भी एक पुलिस अधिकारी एक व्यक्ति को हवालात में निरुद्ध करता है ,ऐसा पुलिस अधिकारी दोषी है
अपहरण
सदोष अवरोध का
सदोष परिरोध का
व्यापहरण
एक व्यक्ति लोगो के समूह की भावनाओ को आघात पहुंचाने को ज्ञान होते हुए , अंत्येष्टि क्रियाओं के लिए पृथक रखे गए स्थान पर अतिचार करता है , तो वह ऐसा अपराध करता है । ट्रेसपास है जो वर्णित है
298
297
295
296
एक पुलिस अधिकारी द्वारा यातायात नियमों का ऊलंघन करने वालों व्यक्तियों से 50k रुपया का जुर्माना प्राप्त किया गया है । जुर्माने का राजकीय कोष में जमा करने के बजाय वह उसका स्वयं के हितार्थ उपयोग कर लेता है । पुलिस अधिकारी ने आईपीसी के अंतर्गत कौन सा अपराध किया है
अपराधिक न्यासभंग
रिष्टि
सरकार का छल
कोई नही
A, Z की सम्मति ( Consent ) के बिना उसके कब्जे में से एक वृक्ष बेईमानी से लेने के आशय से Z , की भूमि पर लगे वृक्ष को काट डालता है , A, किस अपराध के लिए दाई है
चोरी
रिष्टि
न्यास भंग
लूट
किस धारा के अनुसार महिला का लाज भंग करने से सम्बन्धित हमला दंडनीय है
आईपीसी 363
509
511
354
सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम 2000 द्वारा आईपीसी की निम्न धाराओं में संशोधन हुआ
463
466 एवम 477A
A और B दोनो सही है
केवल B सही है
A ,यह जानते हुए कि उसके पति B, ने हत्या की है , B, का वैध दंड से बचाने के लिए छुपा लेती है , A, ऊत्तरादयी है
सामान्य आशय रखने के कारण हत्या के लिए
संश्रय देने के लिए
सहायता द्वारा दुष्प्रेरण के लिए
A ने कोई अपराध नहीं किया है
कौन सी धारा किसी स्त्री का पूछा करना को दंडनीय बनाया गया है
354 A
354 B
353 C
354 D
किस समिति की रिपोर्ट के आधार पर दंड विधि संशोधन अधिनियम 2013 पारित किया गया
शांग्लू समिति
J s Varma समिति
लिंगदोह समिति
C रंगराजन समिति
संपति का प्राइवेट लिमिटेड प्रतिरक्षा में कब हत्या नहीं की जा सकती है
उद्यापन
लूट
रात्रो गृह भेदन
अग्नि द्वारा रिष्टि
दांडिक विधि के अपराध से निकटता का सिद्धांत जिस अपराध के lye दायित्व का विनिश्चय करने का असंगत है वह है
चोरी और डकैती
अपराधिक मानव वध और हत्या
दुष्प्रेरन और षडयंत्र
अपहरण और व्यपहरण
सूक्ति , volentinon fit injuria, IPC किस धारा में समाविष्ट है
87
90
92
100
अभयानंद मिश्र बनाम बिहार राज्य नमक प्रसिद्ध वाद निम्न में से किससे संबंधित है
दुष्प्रेरन
अपराधिक मन : स्थिति
प्राइवेट प्रतिरक्षा
अपराधिक प्रयास
आईपीसी की किस धारा में फिरौती के लिए व्यपहरण का प्रवधान है
364
362
363 A
364 A
IEA के किस धारा के लोक दस्तावेज का उल्लेख है
72
73
74
75
Evidence Act के अंतर्गत सुसंगतता एवम ग्रह्यता है
समनार्थी
सह विस्तृत
न समनार्थी और न ही सह विस्तृत
समनार्थी एवम सह विस्तृत दोनो
क्वीन Vs abdulla नामक वाद निम्न में से किससे संबंधित है
आचरण
परिणाम
हेतुक
तैयारी
शिनाख्त कार्यवाही निम्न में से किस धारा के अधीन है
IEA 6
9
19
119
स्वीकृति किसके द्वारा हो सकती है ?
कार्यवाही के पक्षकार
पक्षकार के अभिकर्ता
जिनका प्रकरण की विषय वस्तु में हित है
उपरोक्त सभी
साक्ष्य विधि एक ----
सारभूत विधि है
प्रक्रिया विधि है
सारभूत एवम प्रकिरियात्मक दोनो है
विशुद्ध सारभूत विधि है
IEA कब से लागू है ??
1 sep 1872
1 Oct 1876
1 Nov 1872
15 DEC 1872
साक्ष्य विधि का प्रमुख सिद्धांत है
साक्ष्य का विवाधक तथ्य तक ही सीमित होना चाहिए
सर्वोत्तम साक्ष्य को ही पेश किया जाना चाहिए
केवल A
A और B दोनों
शिनाख्त परेड पर निम्न से कौन सा प्रमुख वाद है
रामनाथ Vs Tamilnadu state
Ram lochan Vs west bengal
क्वीन बनाम अब्दुल्ला
सभी
भारतीय साक्ष्य अधिनियम की धारा 57 (1)) के अधीन न्यायालय को न्यायिक आवेक्षा करनी होगी
भारत क्षेत्र में प्रवृत्त सभी विधियों की
सभी विधियों की जिसमें विदेशी विधियां भी है
सभी भारतीय एवं एशियाई विधियों की
सभी भारतीय एवं 1950 तक की ब्रिटिश विधियों की
अनेक प्रकार के तथ्य जो कि एक ही मामले से किसी विशिष्ट प्रकार से संबंधित हो सुसंगत है
धारा 6 साक्ष्य अधिनियम
धारा 7 साक्ष्य अधिनियम
धारा 8 साक्ष्य अधिनियम
धारणा साक्ष्य अधिनियम
रूठी के प्रमाण का ढंग दिया गया है
साक्ष्य अधिनियम की धारा 32 (4 )के अंतर्गत
Sakshi adhiniyam ki dhara 32 (7 )ke antargat
साक्ष्य अधिनियम की धारा 48 के अंतर्गत
सभी
प्रमाणित प्रतिलिपि है
प्राथमिक साक्ष्य
सेकेंडरी साक्ष्य
दोनों में से कोई नहीं
उपरोक्त सभी
साक्ष्य अधिनियम की धारा 85 सी के अंतर्गत न्यायालय डिजिटल हस्ताक्षर प्रमाण पत्र के सही होने के उपधारणा:--
कर सकेगा
करेगा
नही करेगा
नहीं कर सकेगा
" गवाह झूठ बोल सकता है , किंतु परिस्थितियां नही" यह कथन किस विद्वान का है
मैकडोनाल्ड
स्टीफेन
वेस्ट महोदय का
पेबी का
खोजी कुत्तों द्वारा खोजा गया साक्ष्य किस श्रेणी में आता है
मौखिक साक्ष्य
दस्तावेजी साक्ष्य
Hearshay evidence
वैज्ञानिक साक्ष्य
IEA में तुकाराम बनाम महाराष्ट्र राज्य 1979 SC नामक वाद निम्न में से किस धारा से संबंधित है
112
113
113A
114A
IEA में कौन सी धारा दंड विधि संशोधन अधिनियम 2013 द्वारा जोड़ा गया
113 A
114A
53 A
65 A
Indian evidence Act , 1872 का उद्वेश्य , उद्देशिका के अनुसार है
साक्ष्य विधि को परिभाषित एवम संशोधित करना
साक्ष्य विधि का समेकन , परिभाषा और संशोधन करना
साक्ष्य विधि का प्रकटन , परिभाषा और समेकन करना
साक्ष्य का विधि का प्रकटन , समेकन , परिभाषा एवम संशोधन करना
जहां कि अनेक दस्तावेजो को एकरूपत्मक प्रक्रिया द्वारा बनाया जाता है जैसे कि मुद्रण , शिलामुद्रान ,या फोटो चित्रण में होता है , वहां उनमें से हर एक :--
शेष सबकी अंतर्वस्तु का द्वितीयक साक्ष्य है
शेष सबकी अंतर्वस्तु का प्रत्यक्ष साक्ष्य है
शेष सबकी अंतर्वस्तु का प्राथमिक साक्ष्य है
शेष सबकी अंतर्वस्तु का दस्तावेज साक्ष्य है
IEA की निम्न में से किस धारा में शील का साक्ष्य देने वाले साक्षी के प्रतिरक्षा और पुनः परिक्षण से संबंधित प्रावधान अंतर्विष्ठ है
139
140
141
142
प्रश्न यह है कि क्या A, ने किसी अमुक दिन कोलकाता में अपराध किया । इस प्रश्न के उत्तर में निम्नालिखित में से कौन सा तथ्य सुसंगत है ??
A , उस दिन मुंबई में था
A, कोलकाता जाने का अभ्यासी था
A, अपराध करने का अभ्यासी था
कोई नही
किसी साक्षी की प्रतिपरीक्षा के पश्चात् , उसकी us पक्षकार द्वारा जिसने उसे बुलाया था , परीक्षा उसकी :--
मुख्य परीक्षा है
अतिरिक्त परीक्षा है
पुनः परीक्षा है
पुनः प्रति परीक्षा
प्रथा का साक्ष्य निम्न में से किसे स्थापित करने हेतु नहीं दिया जा सकता है
दीवानी अधिकार
सुरक्षाधिकार
प्रशनगत अधिकार
अपराधिक अधिकार
निम्न में से किस धारा में स्वीकृति को परिभाषित किया गया है
15
17
19
21
CrPC Section 357 A जोड़ा गया
CrPC Amendment Act 2005
Crpc Amendment Act 2006
Crpc Amendment Act 2009
इनमे से कोई नहीं
कौन सा कथन अभ्यासिक अपराधियों ( Habitual Offender ) से सदाचार के प्रतिभूति के बारे में असत्य हैं
केवल कार्यपालक मजिस्ट्रेट बंधनपत्र देने के आदेश दे सकता है
ऐसा बंधनपत्र प्रतिभूओ सहित होना चाहिए
ऐसा बंधनपत्र प्रतिभुओ रहित हो सकता है
ऐसा बंधनपत्र 3 वर्ष से अधिक का नहीं होना चाहिए
Crpc का कौन सा अध्याय , प्ली बार्गेनिंग , से संबंधित है
XXII - A
XXIV - A
XXV - A
XXI - A
कोई प्राइवेट व्यक्ति बिना वारंट गिरफ्तार कर सकता है
किसी ऐसे व्यक्ति को जो उसकी उपस्थिति में सज्ञेय और अजमानतीय अपराध कर सकता है
किसी उदघोषित अपराधी को
A और B दोनो को
प्राइवेट व्यक्ति बिना वारंट गिरफ्तारी नहीं कर सकता
DK बशु Vs West Bengal , राज्य नामक वाद संबंधित है
विचारण से
गिरफ्तारी से
आरोप से
अपील से
जहां सत्र न्यायालय ने अभियुक्त व्यक्ति को दोषी होने के अभिवाक़ पर दोष सिद्धि किया है तब :--
वह उच्च न्यायालय में अपील नही कर सकता है
वह उच्च न्यायालय में अपील कर सकता है
वह अपील केवल दंड के परिणाम के बारे में कर सकता है
वह अपील दंड के परिणाम एवम वैधता के बारे में कर सकता है
कौन सा वाद त्रुटी पूर्ण investigation se सम्बन्धित है ?
D K bashu Vs west bengal state
जाहिरा सेख Vs गुजरात राज्य
साक्षी बनाम भारत संघ
दीपेश चंडक बनाम भारत संघ
CrPC के निम्न धाराओं में से किसमें सत्र न्यायालय के समक्ष विचारण का प्रावधान है
260 से 265
238 से 250
251 से 259
225 से 237
क्या एक मजिस्ट्रेट किसे स्थान की जिसकी तलाशी के लिए तलाशी वारंट जारी करने के लिए सशक्त है अपनी उपस्थिति में तलाशी के लिए जाने का आदेश दे सकता है
हां , सीआरपीसी 103 के अंतर्गत
हां , CrPC 104 के अंतर्गत
हां ,सीआरपीसी 105 के अंतर्गत
नहीं
समन मामले का अर्थ है
ऐसा मामला जो वारंट मामला नहीं है
एक ऐसा मामला जिसने प्रतिभूति की आवश्यकता नहीं है
ऐसा मामला जिसमे विचारण के दौरान केवल समन ही जारी किया जा सकता है
ऐसा मामला जिसमे चोरी के अपराध का विचारण होता है
सीआरपीसी की धारा 308 के अंतर्गत एक सह अपराधी जो क्षमादान की शर्तों को पूरा नहीं करता है का झूठा साक्ष्य देने हेतु अलग से विचारण हो सकता है ,लेकिन निम्न की अनुमति से
सेशन न्यायालय
उच्च न्यायालय
राज्य सरकार
मुख्यमंत्री
सीआरपीसी की धारा 77 के अंतर्गत वारंट निष्पादित किया जा सकता है
उच्च न्यायालय के अधिकार क्षेत्र में जिसने वारंट जारी किया था
सत्र न्यायालय के अधिकार क्षेत्र में
राज्य के किसी भी स्थान पर
भारत में किसी स्थान भी स्थान पर
असंगेज्ञ अपराध से अभिप्रेत है ऐसा अपराध जिसमें
एक पुलिस अधिकारी वारंट के बिना गिरफ्तार नहीं कर सकता है
एक पुलिस अधिकारी अपने विवेक के आधार पर व्यापार कर सकता है
एक पुलिस अधिकारी बिना वारंट के गिरफ्तार कर सकता है
परिवादी के निवेदन पर गिरफ्तार कर सकता है
अपराध शब्द को परिभाषित किया गया है
CrPC Section 2 ( T)
CrPC Section 2 ( M )
CrPC Section 2 ( K )
CrPC Section 2 ( N)
अपराध शब्द को परिभाषित किया गया है
CrPC Section 2 ( T)
CrPC Section 2 ( M )
CrPC Section 2 ( K )
CrPC Section 2 ( N)
सीआरपीसी में शामनीय एवम अशामनिय अपराधो का वर्गीकरण दिया गया है
प्रथम अनुसूची में
दूतिये अनुसूची में
सेक्शन 320 में
Section 321
दूतीय श्रेणी मजिस्ट्रेट को सीआरपीसी की धारा 29 के अनुसार कितना दंड देने का अधिकार ह
1 वर्ष
2 वर्ष
3 वर्ष
4 वर्ष
सीआरपीसी किस धारा के अधीन गिरफ्तार व्यक्ति का गिरफ्तारी के बाद सरकारी स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा परीक्षण किया जाता है
55 A
60 A
54
55
एक उदघोषित व्यक्ति जिसकी संपति कुर्क की गई है कुर्की की तारीख से निम्न अवधि के अंदर हाजिर होने पर अपनी कुर्क सम्पत्ति अथवा विक्रय के शुद्ध आगमो का दावा कर सकता है ,
6 माह के अंदर
2 वर्ष के अंदर
3 वर्ष के अंदर
1 वर्ष के अंदर
जमानतीय अपराध , से ऐसा अपराध अभिप्रेत है जो जमानतीय के रूप में दिखाया गया है
सीआरपीसी की प्रथम अनुसूची
सीआरपीसी की दूतीये अनुसूचि
कोई नही
सभी
Crpc , Investigation define ??
2 D
2 F
2 E
2 H
न्यायहित में मजिस्ट्रेट के पास यह सत्य है कि वह समन मामले का विचारण वारंट मामले की तरह कर सकता है यदि वह दंडनीय है
6 माह से अधिक के कारावास से
4 माह से अधिक के कारावास से
1 वर्ष से अधिक के करावास से
कोई नही
धारा 145 सीआरपीसी के अंतर्गत कार्यवाइयों का उद्देश्य शांति भंग के खतरे का निवारण करना है ना कि सवातत्व का निर्धारण करना निम्न में से किस मामले में यह कहा गया था
भारत संघ बनाम अजीबुन निशा खातून
नंदी राम बनाम चंदीराम
रोशन लाल बनाम राज्य
रामदीन बनाम श्यामा देवी
सीआरपीसी की धारा 468 के अनुसार 2 वर्ष की अवधि से दंडनीय अपराध के लिए परिसीमा काल है
6 माह
1 वर्ष
2 वर्ष
3 वर्ष
जब किसी मामले में कोई न्यायाधीश या मजिस्ट्रेट व्यक्तिगत रूप से हितवध है तो मामले का तब तक ना तो विचरण करेगा और ना ही ऐसे मामले में कोई अपील सुनेगा , जब तक कि
उच्च न्यायालय की अनुज्ञा न ली गई है
उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश की अनुज्ञा न ली गई हो
उसके अपीलीय न्यायालय की अनुज्ञा न li गई हो
कोई नही
निम्नलिखित में से कौन सा वाद अग्रिम जमानत से संबंधित है
हरियाणा राज्य बनाम जय सिंह
गजानंद अग्रवाल बनाम उड़ीसा राज्य
जोगिंदर बनाम हरियाणा राज्य
कल्याण चंद सरकार बनाम राजेश रंजन
सीआरपीसी की किस धारा के अनुसार यथासंभव आईपीसी की धारा 376 और 376 क से घ तक के अपराधों के विचारण महिला न्यायाधीश को करना चाहिए
Section 26 A
Section 26 B
55 A
कोई नही
पुलिस अधिनियम की कौन सी धारा निरसित नहीं की गई है
धारा 37
धारा 38
39
40
पुलिस अधिनियम की निम्न किस धारा में विशेष पुलिस अधिकारी का प्रावधान है
14
15
16
17
पुलिस उत्तर प्रदेश संशोधन अधिनियम 1939 कब लागू किया गया
1 जनवरी 1939
1 मई 1939
1 जुलाई 1939
1 मार्च 1939
उत्तर प्रदेश पुलिस विनियम रेगुलेशन के अंतर्गत हिस्ट्री शीट, यंत्रक के कितने वर्ग बनाए गए हैं
2 वर्ग
3 वर्ग
4 वर्ग
कोई वर्ग नही
दुष्चरित्र के निगरानी से संबंधित उपबंध उत्तर प्रदेश विनियम के किस अध्याय में दिए गए है
19
20
21
कोई नही
पुलिस अधिनियम 1861 के अंतर्गत पुलिस शब्द में ऐसे व्यक्ति सम्मिलित है जो इस अधिनियम के अंतर्ग
भर्ती किए गए है
प्रशिक्षित किए गए हैं
नियुक्त किए गए हैं
चयनित किए गए हैं
पुलिस अधिनियम की कौन सी धारा सधारण डायरी का प्रावधान करती है
36
43
44
45
पुलिस अधिनियम की धारा 25 के अंतर्गत जब संपत्ति के व्ययन अधिकार निम्न में से किसको प्राप्त है
पुलिस अधीक्षक को
थाना प्रभारी को
जिला मजिस्ट्रेट को
कोई नही
A, भाग के ऐसे हिस्ट्रीशीटर जिन्हे तारांकित न किया गया हो ,के लिए निगरानी अवधि क्या है
1 वर्ष
2 वर्ष
3 वर्ष
5 वर्ष
शव परिक्षण के सम्बन्ध में अपनाई जाने वाली प्रक्रिया का प्रावधान निम्न में से किस पैरा के अंतर्गत किया गया है
पैरा 134 - 135
पैरा 133 से 134
पैरा 234 - 235
इनमे से कोई नही
उत्तर प्रदेश में पुलिस परीक्षेत्र का प्रधान अधिकारी होता है
महानिदेशक
पुलिस महानिरीक्षक
पुलिस आयुक्त
मुख्य पुलिस आयुक्त
निम्नलिखित में से कौन-सा पद पुलिस अधिनियम में परिभाषित नहीं है
राज्य शासन
संपत्ति
व्यक्ति
पशु
पुलिस अधिनियम की धारा 33 किसकी शक्तियों को व्यक्त करती है
राज्य सरकार
पुलिस अधीक्षक
जिलाधिकारी
पुलिस महानिदेशक
