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Worksheetsसुबह कविता - मिलान कीजिए
Total questions: 9
Worksheet time: 5mins
सूरज की किरणें आती हैं.
बहते हैं उनके मीठे स्वर।
चलती है जैसे मस्तानी।
सारी कलियाँ खिल जाती हैं।
सब जग सुंदर हो जाता है।
अंधकार सब खो जाता है.
बहते हैं उनके मीठे स्वर।
चलती है जैसे मस्तानी।
सारी कलियाँ खिल जाती हैं।
सब जग सुंदर हो जाता है।
चिड़ियाँ गाती हैं मिल-जुलकर,
बहते हैं उनके मीठे स्वर।
चलती है जैसे मस्तानी।
सारी कलियाँ खिल जाती हैं।
सब जग सुंदर हो जाता है।
ठंडी-ठंडी हवा सुहानी.
बहते हैं उनके मीठे स्वर।
चलती है जैसे मस्तानी।
सारी कलियाँ खिल जाती हैं।
सब जग सुंदर हो जाता है।
नई ताज़गी, नई कहानी,
आलस बहुत बड़ा दुर्गुण है।
मेहनत प्यारी लगती जिनको।
और काम लगता है प्यारा।।
नया जोश पाते हैं प्राणी।।
खो देते हैं, आलस सारा,
आलस बहुत बड़ा दुर्गुण है।
मेहनत प्यारी लगती जिनको।
और काम लगता है प्यारा।।
नया जोश पाते हैं प्राणी।।
सुबह भली लगती है उनको
आलस बहुत बड़ा दुर्गुण है।
मेहनत प्यारी लगती जिनको।
और काम लगता है प्यारा।।
नया जोश पाते हैं प्राणी।।
मेहनत सबसे अच्छा गुण है,
आलस बहुत बड़ा दुर्गुण है।
मेहनत प्यारी लगती जिनको।
और काम लगता है प्यारा।।
नया जोश पाते हैं प्राणी।।
अगर सुबह भी अलसा जाए,
आलस बहुत बड़ा दुर्गुण है।
मेहनत प्यारी लगती जिनको।
तो क्या जग सुंदर हो पाए?
नया जोश पाते हैं प्राणी।।
