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Worksheetsअगर नभ में बादल होते-मिलान कीजिए।
Total questions: 14
Worksheet time: 7mins
अगर न नभ में बादल होते
अगर न नभ में बादल होते।
उमड़-घुमड़, जग में बरसाता?
गरमी में तप-खप दिन खोते,
कौन सिंधु से जल भर लाता?
उमड़-घुमड़, जग में बरसाता?
अगर न नभ में बादल होते।
कभी न बिजली चमक दिखाती,
गरमी में तप-खप दिन खोते,
कौन सिंधु से जल भर लाता?
कभी न बिजली चमक दिखाती,
कभी न बहते झरने सोते,
दुनिया में क्या दमक दिखाती।
गरमी में तप-खप दिन खोते,
कौन सिंधु से जल भर लाता?
मोर न खुश हो शोर मचाते,
कभी न बहते झरने सोते,
दुनिया में क्या दमक दिखाती।
गरमी में तप-खप दिन खोते,
मेंढक कभी न तान सुनाते।।
कभी न बहते झरने सोते,
अगर न नभ में बादल होते।
दुनिया में क्या दमक दिखाती।
गरमी में तप-खप दिन खोते,
कौन सिंधु से जल भर लाता?
प्यासों मरती चिड़िया-तोते,
अगर न नभ में बादल होते।
दुनिया में क्या दमक दिखाती।
गरमी में तप-खप दिन खोते,
कौन सिंधु से जल भर लाता?
सूखी होती नदियाँ नहरें,
अगर न नभ में बादल होते।
दुनिया में क्या दमक दिखाती।
होती कहीं न सुंदर लहरें।
कौन सिंधु से जल भर लाता?
कहाँ नहाते खाते गोते?
अगर न नभ में बादल होते।
दुनिया में क्या दमक दिखाती।
होती कहीं न सुंदर लहरें।
कौन सिंधु से जल भर लाता?
कौन लगाता फिर फुलवारी?
अगर न नभ में बादल होते।
कैसे होती खेती-बारी?
होती कहीं न सुंदर लहरें।
कौन सिंधु से जल भर लाता?
कहाँ किसान बीज को बोते?
अगर न नभ में बादल होते।
कैसे होती खेती-बारी?
होती कहीं न सुंदर लहरें।
कौन सिंधु से जल भर लाता?
नहीं घटाएँ फिर घहराती,
नहीं छटाएँ फिर छहरातीं।
कैसे होती खेती-बारी?
होती कहीं न सुंदर लहरें।
कौन सिंधु से जल भर लाता?
जाड़ा आता, गरती आती, पर,
नहीं छटाएँ फिर छहरातीं।
कैसे होती खेती-बारी?
होती कहीं न सुंदर लहरें।
वर्षा ऋतु नहीं दिखाती।
सब आँसू से गाल भिगोते,
अगर न नभ में बादल होते।
कैसे होती खेती-बारी?
होती कहीं न सुंदर लहरें।
कौन सिंधु से जल भर लाता?
हम रिमझिम बूंदों को रोते,
अगर न नभ में बादल होते।
कैसे होती खेती-बारी?
होती कहीं न सुंदर लहरें।
कौन सिंधु से जल भर लाता?
