WorksheetsBaha'i Writings on Health Hindi
Total questions: 10
Worksheet time: 5mins
एक मनुष्य की जीवन-शैली में सबसे पहले .......... होनी चाहिये
चेतना की स्वतंत्रता
शुद्धता
स्वच्छता
प्रत्येक दूषित या मैली वस्तु को ऐसे जल से स्वच्छ करो जिसमें तीन में से एक भी प्रकार का परिवर्तन न हुआ हो। सावधान रहो कि तुम ऐसे जल का प्रयोग न करो जो हवा अथवा अन्य कारणों से प्रदूषित हो। तुम लोगों के बीच स्वच्छता का सार बनकर रहो। सत्यतः यही है जिसे तुम्हारा स्वामी, अतुलनीय, सर्वप्रज्ञ, तुम्हारे लिए चाहता है।
तीन विधि” से तात्पर्य है, जल के रंग, .... और गंध में परिवर्तन।
तापमान
स्रोत
स्वाद
. … तब तुम एक प्रबल प्रयास करो, कि शुद्धता एवं पवित्रता, जो अन्य सभी कुछ से परे है, अब्दुल बहा द्वारा ..... है, बहा के जनों को पृथक करेगा,
संपोषित
नफरत
निषिद्ध
आंतरिक एवं वाह्य भी प्रकार से वे अन्य जनों से बेहतर साबित होंगे; पवित्रता, विशुद्धता, परिष्करण एवं ............ वे उन लोगों के अगुआ होंगे जो समझते हैं। और यह दासता से मुक्ति, ज्ञान, आत्म-नियंत्रण, शुद्ध, स्वतंत्र और बुद्धिमान होंगे।
थकान
दुख
स्वास्थ्य के लिए बचाव,
यदि किसी व्यक्ति का ध्यान निरंतर दिव्य विषयों में लगा रहे तो वह साधु-संत जैसा बन जाता है; दूसरी ओर यदि उसके विचार ऊपर की ओर उड़ान नहीं भरता परंतु नीचे की ओर इस संसार की वस्तुओं पर केन्द्रित होता है तो वह ज्यादा से ज्यादा भौतिकवादी बन जाता है, यहाँ तक कि वह ऐसी दशा में पहुँच जाता है जहाँ पर कि वह मात्र .....से बेहतर नहीं होता।
पशु
पेड़
पथरी
........ मस्तिष्क को खोखला बना डालती है और मनुष्य को घृणित कृत्य के लिए उकसाती है
जुआ
मदिरा
धूम्रपान
तुम ईश्वर के प्रेम की मदिरा से मदमस्त हो जाओ, उससे नहीं जो .... । हे तू, जो उसकी आराधना करती हो
तुम्हारी बुद्धि को शिथिल कर दे
आपको बुद्धिमान बनाता है
आपको थका देता है
मानवजाति सांसारिक समुद्र में डूबी हुई है और दुनियावी चीजों में उलझी हुई है। सांसारिक सम्पदा के अतिरिक्त उनकी दृष्टि कहीं ओर टिकी नहीं है और इस नश्वर और समाप्त होते अस्तित्व के अतिरिक्त कोई इचछा नहीं। उनका अधिकाधिक प्रयास भौतिक जीवन-यापन में होता है। भौतिक ऐश-ओ-आराम और सांसारिक आनन्द, जैसा कि पशु-जगत मं सामान्य है, उसे मानव-जगत की परवाह नहीं। मनुष्य का सम्मान ईश्वर का ज्ञान प्राप्त करने में हैं। उसकी प्रसन्नता ईश्वर के प्रेम में है, उसका आनन्द ईश्वर से प्राप्त शुभ संकेतों में है। उसकी महानता ईश्वर की निर्भरता में है।
यह उद्धरण हमें बताता है कि
A हमें भौतिक सुखों की तलाश करनी चाहिए
B केवल जानवर ही भौतिक सुख-सुविधाओं से संतुष्ट हैं
C सच्चा सुख परमेश्वर के प्रेम से है
B और C सही हैं
बाब ने कहा है कि बहा के लोगों को औषधी विज्ञान को इस हद तक विकसित करना चाहिए कि वे बीमारियों को .... के माध्यम से ठीक करेंगे।
गर्म पानी
मालिश
आहार
प्रार्थना
एक समय अत्यधिक कुशल चिकित्सकों ने खाद्य पदाथों के माध्यम से रोगों के उपचार को विकसित किया होगा, और साधारण खाद्य पदार्थो के सेवन का प्रावधान किया होगा, और मानवजाति को अपनी अत्यधिक भूख से तुष्ट रहना होगा, यह निश्चित है कि पुरानी और विविध रोग समाप्त हो जायेंगे, और समस्त मानवजाति के सामान्य रूप से स्वास्थ्य में अत्यधिक सुधार होगा। इसका आना निर्धारित है। इसी भाँति, मनुष्य के चरित्र में, आचरण और शिष्टाचार में, सार्वभौमिक संशोधन किए जायेंगे।
उद्धरण के अनुसार, वे कौन से तरीके हैं जिनसे बीमारियों की संख्या को कम किया जा सकता है?
A. डॉक्टर भोजन के माध्यम से बीमारी को ठीक कर सकते हैं
B. लोग सादा भोजन करेंगे
C. लोगों को उनकी इच्छाओं का गुलाम बनने से रोकें
D. सब सही हैं
