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SUSHRUT SAMHITA PRACTICE QUESTION

Total questions: 101

Worksheet time: 51mins

Name
Class
Date
1.
NAME
4 lines
2.
1 -अगद तंत्र को "विषगर वैरोधिक प्रशमन" नाम किसने दिया -Who termed agada Tantra as "विषगर वैरोधिक प्रशमन" ?
a)
आचार्य चरक
b)
आचार्य सुश्रुत
c)
आचार्य वाग्भट्ट
d)
आचार्य काश्यप
3.
2 -जांगम और स्थावर विषय की संख्या क्रमशः है?Numbers of Jangam and Sthavara Visha are
a)
8,10
b)
16,10
c)
10,16
d)
10,8
4.
3 विष के सप्तम वेग का लक्षण सुश्रुतानुसार क्या है?According to Sushruta what is the characteristic of Seventh Visha Vega?
a)
स्कन्ध उर कटि भङ्ग
b)
स्कन्ध संधि कटि भङ्ग
c)
स्कन्ध पृष्ठ कटि भङ्ग
d)
स्कन्ध उर स्फिक भङ्ग
5.
4 सभी प्रकार के सर्प दंशों की चिकित्सा में पूजित कर्म है?Which of the following are best in Sarpa damsh chikitsa karma?
a)
अरिष्टाबंधन
b)
आचूषण
c)
छेदन, दहन
d)
B+C
6.
5 "चंचुमालक युक्तानि वैकृत्य करणानि" यह किस दंश का लक्षण है?It is characteristic of which Dansha?
a)
सर्पित
b)
रदित
c)
निर्विष
d)
A+B both
7.
6 आचार्य चरक के अनुसार विष के संदर्भ में असत्य है?Which of the following is incorrect in context of Visha, as per Acharya Charaka
a)
10 गुण
b)
7 वेग
c)
24 उपकर्म
d)
उपरोक्त में से कोई नहीं
8.
7 स्थावर विष का अधिष्ठान नही है?Which is not the Athisthana of Sthavar visha?
a)
धातु
b)
रत्न
c)
कंद
d)
क्षीर
9.
8 अतिसार रोग सम चिकित्सा किस विष के वेग में करते है?Atisara disease similar treatment is indicated in which Visha Vega?
a)
प्रथम
b)
द्वितीय
c)
षष्ट
d)
चतुर्थ
10.
9अंगुलिका निम्न में से किसका भेद है?Angulika is types of which of the following?
a)
मक्षिका
b)
पिप्पलिका
c)
मण्डूक
d)
शतपदी
11.
10 समस्त शरीर मे विष फैल जाने पर कहा से रक्त मोक्षण का निर्देश आचार्य सुश्रुतानुसार किया गया हैAccording to acharya sushruta which place is appropriate for raktamokshan in body in sarvasharir gata Visha?
a)
पृष्ठाग्रे
b)
शाखाग्रे
c)
ललाटे
d)
B+C
12.
11 निर्विष दंश का लक्षण मिलता है?Characteristic of Nirvisha Dansha?
a)
सशोफ अल्प दुष्टासृक
b)
अशोफ अलप दुष्टासृक
c)
अशोफ अल्प दुष्ट मांस
d)
सशोफ अल्प दुष्ट मांस
13.
12 पत्र व पुष्प विषों की संख्या क्रमशः हैNumber of Patra and Pushpa Visha are
a)
7,7
b)
7,5
c)
5,7
d)
5,5
14.
13 गोमूत्र के साथ कृष्ण वाल्मीक मृत्तिका लेप किस विष की चिकित्सा में निर्दिष्ट है?Krishna Valmik Mruttika with Gomutra is indicated in which Visha Chikitsa?
a)
विश्वम्भर
b)
मंडूक
c)
मक्षिका-मशक
d)
वृश्चिक
15.
14 पशुओ की विष चिकित्सा के अंतर्गत अजा , अवि में रक्तमोक्षण का प्रमाण मनुष्य से कितने गुना होना चाहिए?The amount of Raktamokshana for aja and avi in vishachikitsa is how much multiple of amount of human?
a)
द्विगुण
b)
त्रिगुण
c)
अर्ध
d)
सम
16.
15 पृथवो मंदगामिन:" किस प्रकार के सर्पो का लक्षण है?It is characteristic of which type of Sarpa?
a)
राजिमान
b)
मण्डलीन
c)
वैकरंज
d)
कोई नही
17.
16 विडभेदो गुरुजिव्हता" लक्षण किस प्रकार के विष में मिलते है?"Vid bhedo gurujivhata " symptoms are present in which type of visha?
a)
निर्यास
b)
क्षीर
c)
धातु
d)
मूल
18.
17 संवत्सरोत्थित" दूषि विष होता हैSamvarotthit Dushi Visha is
a)
असाध्य
b)
याप्य
c)
साध्य
d)
कृच्छ साध्य
19.
18 मध्यम विष वाले वृश्चिक कितने है?How many are vrishchika of Madhyam Visha ?
a)
30
b)
3
c)
13
d)
12
20.
19 वंश त्वगादि अगद का प्रयोग किस विष चिकित्सा में करते है?Vansha tvagaadi agad is indicated for which of the following Visha Chikitsa?
a)
लुता
b)
मूषक
c)
सर्प
d)
सभी
21.
20 "रजन्या: पश्चिमे यामे" किस सर्प का विचरण काल है?It is Time of which sarpavicharana?
a)
दर्विकर
b)
मण्डलीन
c)
राजिमान
d)
वैकरंज
22.
21 मुष्कशोफ लक्षण किस विष का लक्षण है?Mushka Shofa symptom is presented by which of the following Visha?
a)
मूल
b)
फल
c)
पत्र
d)
पुष्प
23.
22 "शकुली मत्स्य" में विष का अधिष्ठान हैVisha adhishthan in shakuli matsya is
a)
अस्थि
b)
पित्त
c)
शूक, तुण्ड
d)
मुख संदंश
24.
23 श्वेत उदर एवं बहुपर्व युक्त वृश्चिक किस प्रकार के विष प्रभाव वाले होते है?Shweta Udara and Bahuparva Vrishchika are which type of Visha effect?
a)
तीक्ष्ण
b)
मंद
c)
मध्यम
d)
उपरोक्त में से कोई नही
25.
24 आचार्य सुश्रुतानुसार किस सर्पि का प्रयोग विष चिकित्सा में निर्दिष्ट है?According to acharya sushruta which of the following Sarpi is indicated for treatment of Visha?
a)
कुम्भ सर्पि
b)
लशुनाद्य घृत
c)
पंचगव्य घृत
d)
कल्याणक घृत
26.
25 मण्डलीन सर्पो में विष किस वय में विष का सर्वाधिक प्रभाव होता है ?Most effective Visha is present in Mandlina Sarpa in which Age?
a)
तरुणावस्था
b)
मध्यावस्था
c)
वृद्धावस्था
d)
बाल्यावस्था
27.
26 विष मिश्रित अन्न के कारण क्रौञ्च पक्षी पर क्या प्रभाव पड़ता है -What will be the effect on krounch pakshi, when it ingests Food mixed withpoison?
a)
म्रियन्ते
b)
क्ष्वेडति
c)
कूजति
d)
मदमृच्छति
28.
27 "हृदये ग्रंथिशूलोद्गमौ भृशं" लक्षण किस कंद विष का है?It is related to which of the following Kanda Visha?
a)
वत्सनाभ
b)
पाकल
c)
महाविष
d)
मूलक
29.
28"आर्तव" किसके विष का अधिष्ठान है?Artava is adhisthan of which Visha?
a)
मूषक
b)
वृश्चिक
c)
गृहगोधिका
d)
लुता
30.
29 घोरतम, दुर्विज्ञेय, दुश्चिकित्स्य किसके विष के लिए कहा गया है?Which of the following visha is called Ghoratama, Durvigyeya, and Dushchikitsya?
a)
मूषक
b)
लुता
c)
शतपदी
d)
गृह गोधिका
31.
30 उष्ण चिकित्सा का निर्देश किस विष चिकित्सा में है?Ushna Chikitsa is indicated for which of rhe following Visha Chikitsa?
a)
लुता
b)
मूषक
c)
शतपदी
d)
कीट
32.
31 किक्कीसाद नामक सर्प किस भेद के सर्प में है?Kikkisaad is in which type of Sarpa?
a)
दर्विकर
b)
मण्डलीन
c)
राजिमान
d)
वैकरंज
33.
32 विष मिश्रित अन्न को अग्नि में डालने पर अग्नि ज्वाला का वर्ण हो जाता है -Food mixed with poison if poured on fire then colour of fire blaze will be-
a)
कृष्ण
b)
नील
c)
मयूरकंठप्रतिम
d)
पीत
34.
33 विष के कौन से गुण से क्षपण कर्म होता है?Which guna of Visha performs Kshapana karma?
a)
लघु
b)
आशु
c)
विशद
d)
विकासि
35.
34 किस प्रकार के विष में स्वेदन का निषेध नही हैSwedana is not prohibited in which visha chikitsa?
a)
लुता
b)
सर्प
c)
कीट
d)
मूषक
36.
35 किस विष के लक्षण 7 दिनों में दिवसानुसार मिलते है?Which of the following Visha show its effects in 7 days on day by day?
a)
अलर्क
b)
शृगाल
c)
लुता
d)
मूषक
37.
36 जलत्रास लक्षण युक्त विषपीडित होता है?Symptom of Jalatrasa indicates
a)
साध्य
b)
याप्य
c)
असाध्य
d)
सुख साध्य
38.
37 "कास श्वासौ हिक्का" यह लक्षण किस सर्पदंश में मिलता है?Kasa shvasou hikka" symptoms are present in which sarpadansha?
a)
दर्विकर
b)
मण्डलीन
c)
राजिमान
d)
वैकरंज
39.
38 "मूर्च्छा छर्दिमतिसारमाध्मानम दाहवेपथू" यह लक्षण किस प्रकार के विष में मिलता है -Symptom "मूर्च्छा छर्दिमतिसारमाध्मानम दाहवेपथू" found in which type of poisoning
a)
पक्वाशयगत विष
b)
आमाशयगत विष
c)
रक्त धातु गत विष
d)
मांस धातु गत विष
40.
39 मतिं च मोहयेत" यह लक्षण विष के किस गुण का कार्य है?Which Guna of Visha causes" Matim cha mohayet " ?
a)
लघु
b)
रुक्ष
c)
उष्ण
d)
तीक्ष्ण
41.
40 चित्रा मण्डलिराजिला:" लक्षण वाले सर्पों की संख्या है?Number of" Chitra Mandalirajilaha" characteristic Sarpas?
a)
26
b)
22
c)
10
d)
7
42.
41 आचार्य सुश्रुतानुसार मूषकों की संख्या है?According to acharya sushruta number of Mushaka are
a)
16
b)
18
c)
14
d)
8
43.
42 "कफावृतं वर्षगणानुबंधि" किस प्रकार के विष के लिए कहा गया है?It is mentioned for which of the following visha?
a)
गर विष
b)
दूषि विष
c)
स्थावर विष
d)
जांगम विष
44.
43 वायव्य कीटो की संख्या कितनी है?Vayavya kita are
a)
18
b)
24
c)
13
d)
12
45.
44 सर्पविष का मेदोधातु में प्रवेश विष के किस वेग में होता है?Medo dhatu pravesha occurs in which vega of Sarpavisha?
a)
प्रथम
b)
तृतीय
c)
पंचम
d)
षष्ठ
46.
45 . "छायाश्चात्र न दृश्यन्ते, दृश्यन्ते यदि वा पुनः यह किसका लक्षण है -"छायाश्चात्र न दृश्यन्ते, दृश्यन्ते यदि वा पुनः" is the symptom of -
a)
विष युक्त अन्न लक्षण
b)
विष युक्त द्रव द्रव्य लक्षण
c)
विष युक्त स्थावर लक्षण
d)
विष युक्त जांगम लक्षण
47.
46 "तालु शोष "लक्षण सुश्रुतानुसार किस विष वेग में मिलता है?Talu Shosha is present in which of the following visha vega according to suahruta?
a)
प्रथम
b)
तृतीय
c)
पंचम
d)
सप्तम
48.
47 क्षाराग्नि दग्ध वत दंश लक्षण किस प्रकार के कीटो से होता है?Which type of kita makes Kshara agni Dagdhvat dansha?
a)
वातज
b)
पित्तज
c)
कफज
d)
सन्निपाजज
49.
48 विष के वेगो के लिए कौन उत्तरदायी है?Which of the following is responsible for Visha Vega?
a)
सप्त धातुएँ
b)
सप्त उपधातुये
c)
सप्त त्वचा
d)
सप्त कलाएं
50.
49 शतपदी के कितने प्रकार बताये गये हैTypes of Shatpadi are
a)
10
b)
16
c)
8
d)
6
51.
50 "प्रोद्धिद्यमानन्तु यथांकुरेण न व्यक्तज़ातिः प्रविभाति वृक्षः " (जिस प्रकार फूटतेहुए अंकुर से, वृक्ष किस जाति का होगा यह पता नही चलता ) उसी प्रकार इसकीविषाक्तता भी दुर्विज्ञेय मानी गयी है किसकी विषाक्तता के सन्दर्भ में कहा गया है-
a)
1) अलर्क
b)
(2) गोजर
c)
(3) लूता
d)
(4) कणभ
52.
51 -लूता विष का प्रकोप दंश के कौनसे दिन हो जाता है-
a)
तृतीय
b)
पंचम
c)
द्वितीय
d)
चतुर्थ
53.
52 लूता विष के प्रव्यक्तरूप (पूर्वरूप) व रूप किस दिन प्रकट होते है क्रमशः-
a)
(1) दूसरे व तीसरे दिन
b)
(3) चौथे व पाँचवे दिन
c)
(2) तीसरे व चौथे दिन
d)
(4) दूसरे व चौथे दिन
54.
53 तीक्ष्ण विष लूताओं की मारक अवधि होती है-
a)
(1) सतरह दिन से पूर्व
b)
(3) सात दिन से पूर्व
c)
(2) दस दिन से पूर्व
d)
(4) पन्द्रह दिन से पूर्व
55.
54 साध्य लूताविष की चिकित्सार्थ किस शस्त्र का प्रयोग निर्दिष्ट है-
a)
(1) करपत्र
b)
(2) वृद्धिपत्र
c)
(3) बडिश
d)
(4) नखशस्त्र
56.
55 साध्य लूताविष की चिकित्सार्थ कौनसा कर्म निर्दिष्ट है-
a)
(1) उत्कर्तन
b)
(3) वेधन
c)
(2) पाटन
d)
(4) लेखन
57.
56 शतपदी ( कनखजूरा या गोजर ) विष हेतु विशेष रूप से उपयोगी अगद है-
a)
( 1) कुष्ठादि अगद
b)
(3) मेषश्रृंग्यादि अगद
c)
(2) कुंकुमादि अगद
d)
(4) रजन्यादि अगद
58.
57 गलगोलिका (छिपकली) विष हेतु विशेष रूप से उपयोगी अगद है-
a)
(1) कुष्ठादि अगद
b)
(3) मेषश्रृंग्यादि अगद
c)
(2) कुंकुमादि अगद
d)
(4) रजन्यादि अगद
59.
58 सुश्रुतानुसार वृश्चिक कितने प्रकार के माने गये है-
a)
(1) 2
b)
(2) 3
c)
(3) 5
d)
(4) 30
60.
59 सुश्रुतानुसार मध्य, मन्द व तीव्र विष वृश्चिकों की संख्या होती है क्रमश:-
a)
(1) 12, 3 व 15
b)
(2) 15, 3 व 12
c)
(3) 3, 12 व 15
d)
(4) 15, 12 व 3
61.
60 वृश्चिकों के विभिन्न प्रकारों को उनके उत्पत्ति द्रव्यों से सुमेलित कीजिए (A) काष्ठेष्टिकोन्द्रवा (1) मन्द विष (B) सर्पकोथोद्भवा (2) मध्य विष (C) गौ शकृतोद्धवा (3) महा विष
a)
1-a, 2-c, 3-b
b)
1-c, 2-b, 3-a
c)
1-c, 2-a, 3-b
d)
1-b, 2-c, 3-a
62.
61 एक वृश्चिक ने एक बालक को काटा है। वृश्चिक को मारने के पश्चात् उसकेनिरीक्षण पर देखा गया कि उस वृश्चिक का उदर प्रदेश श्वेत वर्ण का है.तथाउसकी पूँछ में बहुत से पर्व ( गाँठे) है तो यह वृश्चिक होना चाहिए-
a)
(1) मध्यमविष
b)
( 2 ) तीक्ष्णविष
c)
( 3 ) मन्दविष
d)
(4) तीक्ष्णविष या मध्यमविष
63.
62 सुश्रुत ने मक्षिका, पिपीलिका (चीटियाँ) एवं मशक ( मच्छर) कितने प्रकार केमाने है क्रमशः-
a)
(1) 6,6 व 5
b)
(2) 5,5 व 6
c)
(3) 5,6 व 5.
d)
(4) 6,5 वे 6
64.
63 -कौनसे मशक ( मच्छर) प्राणघातक माने गये है-
a)
पावतीय
b)
सामुद्र
c)
परिमण्डल
d)
कृष्ण
65.
64 कीटविष चिकित्सा के सन्दर्भ में असत्य कथन है-(
a)
कीट विष की चिकित्सार्थ स्वेदन, आलेप व सेक को उष्ण रूप में ही प्रयुक्त करना
b)
कीट विष से मूच्छा व दंश स्थल में पाक होने पर भी उष्ण उपक्रनों का ही प्रयोग किया जाना चाहिए।
c)
कीट विष चिकित्सार्थ पुन:पुनः शोधन कम करना चाहिए।
d)
वृश्चिक विष में स्वेदन निषिद्ध है।
66.
65 सुश्रुत ने अलर्क/जलसंत्रास विष का वर्णन किस अध्याय के अन्तर्गत किया है-
a)
(1) सर्पविष प्रतिषेधाध्याय
b)
(3) अलर्कविष प्रतिषेधाध्याय
c)
(2) वृश्चिक विषप्रतिषेधाध्याय
d)
(4) मूषिका कल्प प्रतिषेधाध्याय
67.
66 सुश्रुतानुसार कीटों के प्रकार एवं कुल संख्या होती है क्रमश:-
a)
4 व 160,
b)
3 व 47
c)
4 व 57
d)
4 व 67
68.
67 तुण्डीकेरी एवं उच्चिटिंग नामक कीट किस वर्ग से सम्बन्धित है-
a)
(1) वातज
b)
(2) पित्तज
c)
(3) कफज
d)
(4) सान्निपातिक
69.
68 "अग्निकीट" कौनसा कीट है-
a)
(1) वातज
b)
(2) पित्तज
c)
(3) कफज
d)
(4) सान्निपातिक
70.
69 किस/किन प्राणियों के काटने से जलसंत्रास नामक रोग होता है-
a)
श्व (कुत्ता)
b)
तरक्षु (लकडबग्धा)
c)
श्रृगाल (सियार)
d)
उपर्युव्त किसी के भी काटने से
71.
70 सुश्रुतानुसार जलसंत्रास नामक रोग में किन दोषों का प्राधान्य होता है।
a)
त्रिदोष
b)
कफ
c)
वातकफ
d)
पित्त कफ
72.
71 आखूविष के परिणामस्वरूप निर्मित कर्णिका की चिकित्सार्थ कौनसा कर्म निर्दिष्ट
a)
(1) छेदन
b)
(2) पाटन
c)
(3) लेखन
d)
(4) वेद्यन
73.
72 विभिन्न मूषिकाओं को उनके द्वारा प्रकुपित दोषों से सुमेलित कीजिए (A) रक्त (1) अरूण (B) पित्त (2) महाकृष्ण (C) दोष चतुष्ट्य (3) महाश्वेत (D) कफ (4) महाकपिल (E) वात (5) कपीत
a)
1-e,2-b, 3-d, 4-a, 5-c
b)
1-a, 2-b, 3-d, 4-c, 5-e
c)
1-b, 2-c, 3-d, 4-a, 5-e
d)
1-c, 2-b, 3-a, 4-d 5-e
74.
73 जायन्ते ग्रन्थयः शोफाः कर्णिका मण्डलानि च"। किसकी विषाक्तता के लक्षण
a)
(1) अलर्क विषाक्तता
b)
(2) मूषिका दंश विषाक्तता
c)
(4) लूताविषाक्तता
d)
(3) वृश्चिक विषाक्तता
75.
74 "प्रसन्नदोषं प्रकृतिस्थधातुमत्नाभिकांक्ष सममूत्रजिव्हम।प्रसन्नवर्णेन्द्रिय चित्तचेप्टं. सुश्रुतानुसार किसका लक्षण है-
a)
ज्वरमुक्त पुरूष के
b)
विषमुक्त पुरूष के
c)
उन्माद मुक्त पुरूष के
d)
ग्रहमुक्त बालक के
76.
75 महासुगन्धि नामक अगद के घटक द्रव्यों की कुल संख्या कितनी होती है
a)
65
b)
75
c)
85
d)
95
77.
76 "राजाऽगदानां सर्वेपां राज्ञोहस्ते भवेत सदा"। किस अगद को सभी अगदों का raja kaha gya hai
a)
(1) संजीवन अगद
b)
(3) महासुगन्धि अगद
c)
(2) प्रहषभक अगद
d)
(4) क्षारागद
78.
77 "एकसर गण" का प्रयोग किस हेतु निर्दिष्ट है-
a)
उन्माद चिकित्सार्थ
b)
विष चिकित्सार्थ
c)
अपरापातनार्थ
d)
ग्रह बाधा निवारणार्थ
79.
78 किस अगद का संग्रहण श्रृंग में करने का निर्देश नही मिलता है-
a)
अजित अगद
b)
ऋषीभक अगद
c)
महागद
d)
क्षारागद
80.
79 क्षारागद को किस पात्र में रखने का निर्देश मिलता है
a)
लौहकुम्भ
b)
श्रृंग में
c)
स्वर्ण कुम्भ
d)
स्फटिक पात्र मे
81.
80 "गतासुकल्पानेषोऽगदोंजीवयतीह मत्यान' " । किस अगद के लिए कहा गया है-
a)
) संजीवन अगद
b)
ताक्ष्य अगद
c)
ऋषभ अगद
d)
अजित अगद
82.
81 महागद का प्रयोग किस/किन रूपों में किया जा सकता है।
a)
पान व अञ्जन के रूप में
b)
केवल पान के रूप में
c)
नस्य, अभ्यंग व पान के रूप में
d)
नस्य, अभ्यंग, अञ्जन व पान के रूप में
83.
82 ताक्ष्य अगद का नामकरण किस आधार पर किया गया है-
a)
(1) क्योकि यह ताक्ष्षय (पन्ना) के समान ही विषनाशक प्रभाव वाला होता है।
b)
(2) क्योकि यह तक्षक नामक सर्प के विष को भी नष्ट कर देता है।
c)
(3) इसके सेवन से शरीर की द्युति ताक्ष्षय (पन्ना) के समान हो जाती है।
d)
(4) ताक्ष्यं (पन्ना) इस अगद का मुख्य घटक होता है।
84.
83 कितने दिन तक अजित अगद को मधु के साथ निर्माणोपरान्त रखने से वह विषनाशक
a)
(1) तीन दिन
b)
(2) एक सप्ताह
c)
(3) एक पक्ष
d)
(4) एक मास
85.
84 "अवार्यवीयो विषवेगहन्ता'" किस अगद के लिए कहा गया है-
a)
ताक्ष्य अग
b)
अजित अगद
c)
महागद
d)
संजीवन अगद
86.
85 किन अन्य स्थितियों में भी नष्टसंज्ञ पुरूष हेतु प्रयुक्त चिकित्सा उपक्रमों का ही,प्रयोग किया जाना चाहिए-
a)
ऊँचे वृक्ष से गिरने पर
b)
फाँसी लगाने पर
c)
जल में डूबने पर
d)
उपर्युक्त सभी स्थितियों में
87.
86 अरिष्टा बघंन को खोलने के उपरान्त दश स्थान पर क्या किया जाना चाहिए
a)
(1) कुछ भी करने की आवश्यकता नहीं होती है।
b)
(2) दंशस्थान को तिक्त द्रव्यों के क्वाथ से धोना चाहिए।
c)
(3) दंशस्थान पर प्रच्छान लगाकर दहनकर्म करना चाहिए।
d)
(4) दंशस्थान पर अगदों का लेप किया जाना चाहिए।
88.
87 विषदष्ट नागों (हाथियों) हेतु रक्तावसेचन एवं अञ्जनादि की मात्राऐँं मनुष्य सेकितनी गुनी होनी चाहिए-
a)
दुगनी
b)
तिगुनी
c)
चौगुनी
d)
छ: गुनी
89.
88 भैंस व ऊँट हेतु रक्तावसेचन एवं अञ्जनादि की मात्राऐँ विषदष्ट मनुष्य से कितनीगुनी होनी चाहिए।
a)
दुगनी
b)
सम मात्रा में
c)
तिगुनी
d)
चौगुनी
90.
89 विष चिकित्सार्थ अञ्जन, नस्य, पान एवं वरमनार्थ प्रयोक्तव्य औषधियों की मात्राऐँकिस अनुपात में निर्दिष्ट की गयी है
a)
(1) 1:2:4: 8
b)
(3) 1:4:8 : 16
c)
(2) 1: 2:3: 4
d)
(4) 1:2:3: 5
91.
90 सुश्रुतानुसार अरिष्टा बंधन किया जाना चाहिए।(
a)
दंश स्थल से 2 अगुल ऊपर
b)
दश स्थल से 8 अंगुल ऊपर
c)
दंश स्थल से 4 अंगुल ऊपर
d)
दंश स्थल से 14 अंगुल ऊपर
92.
91 सुश्रुतानुसार पशु एवं पक्षियों में विष के वेग होते है क्रमशः
a)
3 व 4
b)
4 व 3
c)
2 व 3
d)
3 व 3
93.
92 किन प्राणियों पर विष का कोई प्रभाव नहीं पडता है
a)
नकुल
b)
मार्जार
c)
उपर्युक्त मे से कोई नही
d)
उपर्युक्त दोनो पर
94.
93 सुश्रुतानुसार स्थावर विष के किस वेग में सर्वदोषप्रकोप हो जाता है-
a)
चतुर्थ
b)
पष्ठे
c)
पंचम
d)
सप्तमें
95.
94 हिक्का व अतिसार का होना किन विषवेगों के विशिष्ट लक्षण है क्रमशः-
a)
चतुर्थ व षष्टे
b)
तृतीय व पंचम
c)
षष्टे व षष्टे
d)
पंचम व षष्टे
96.
95 एक व्यक्ति ने एक विषाक्त द्रव्य का सेवन किया है जिसके परिणामस्वरूप उसकीगर्दन जकड जाती है, उसके नेत्र पीले हो जाते है तथा बो पीले रंग के ही मल व मूत्रका त्याग करता है तो संभावित विष होना चाहिए-
a)
मुस्तक
b)
भल्लातक
c)
करवीर
d)
वत्सनाभ
97.
96 नेत्ररक्तता व उदरवृद्धि........ उग्र वीर्याणि"।
a)
मूलजानि
b)
पत्राणि
c)
कन्दजानि
d)
फलानि
98.
97 सुश्रुतानुसार गुज्च्जा है
a)
पत्रविष
b)
मूलविष
c)
फल विष
d)
पुष्प विष
99.
98 आमाशयगत एवं पक्वाशयगत विषाक्तता के लक्षण है क्रमशः-
a)
आध्मान, आटोप
b)
काश्श्य, छर्दि
c)
आटोप, आध्मान
d)
तृष्णा, छर्दि
100.
99 सुश्रुत ने कितने घातुविष यताये है-
a)
3
b)
4
c)
2
d)
1
101.
100 सुश्रुतानुसार मूलविषों एवं पत्रविषों की संख्या होती है क्रमशः-
a)
(1) 5, 8
b)
(2) ৪, 5
c)
(3) 13, 8
d)
(4) 13, 5