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WorksheetsSB (1.1.2)
Total questions: 50
Worksheet time: 8hrs 20mins
वेदों में कौनसे तीन प्रकार के कष्ट बताये गये है? (1.1.2)
मन तथा शरीर से उत्पन्न दुःख
अन्य जीवो द्वारा पोहुचाये गये दुःख
प्राकृतिक विपदाओ से उत्पन्न दुःख
व्हाट्सएप मेसज द्वारा उत्पन्न दुःख
श्री व्यासदेव किनके प्रामाणिक अवतार हैं? (1.1.2)
ब्रह्माजी के अवतार
शिवजी के अवतार
नारायण के अवतार
पराशर मुनि के अवतार
इस दिव्य सन्देश को प्राप्त करने की उचित विधि क्या है ?
चुनौती के साथ सुनना
विनम्रतापूर्वक सुनना
निष्ठापूर्वक सुनना
प्रसाद के समय सुनना
मनुष्य और जानवर को क्या अलग करता है? (1.1.2)
शरीर को स्वच्छ रखना
धर्म कार्य करना
अपनी इच्छा से कार्य करना
परिश्रम करना
श्रीमद भागवतम की क्या विशेषताए है? (1.1.2)
मुनियों द्वारा लिखा गया है|
निर्मल पुराण है|
नारदजी के अनुग्रह से बनाया गया है|
यह पारलौकिक साहित्य है|
धर्मं का उद्द्येश्य क्या है? (1.1.2)
तपस्या
कर्मकांड
आत्मसाक्षात्कार
मनुष्य और इश्वर के मध्य शाश्वत सम्बन्ध बताना
वेदों के तीन मार्ग क्या है? (1.1.2)
कर्म काण्ड
ज्ञान काण्ड
उपासना काण्ड
सुन्दर काण्ड
कौनसा ग्रन्थ इश्वर साक्षात्कार के लिये अपने आप में पर्याप्त है? (1.1.2)
सारे पुराण
चार वेद
श्रीमद भागवतम
सभी उपनिषद
भागवत पुराण किसके लिये बोधगम्य है? (1.1.2)
जो हमेशा दुखी रहते है|
जो स्पधार्त्मक इन्द्रियतृप्ति से परे रहते है|
जो आराम से रहते है|
जो हमेशा इन्द्रियतृप्ति के इच्छुक रहते है|
नैमिषारण्य के ऋषियों ने किस से कितने प्रश्न पूछे? (1.1.2)
सूत गोस्वामी से 6 प्रश्न
सूत गोस्वामी से 3 प्रश्न
सूत गोस्वामी से 4 प्रश्न
सूत गोस्वामी से 5 प्रश्न
धर्म के प्राथमिक विषय क्या है? (1.1.2)
पुण्य कर्म
आर्थिक विकास
इन्द्रियतुष्टि
भवबंधन से मोक्ष
श्रीमद भागवतम को कैसे समझा जा सकता है? (1.1.2)
शुद्ध भक्तों के द्वारा
शरणागति के द्वारा
ज्ञानी के द्वारा
भाग्यहीन व्यक्ति के द्वारा
इन्द्रिय संतुष्टि को प्राप्त करने के तीन तरीके क्या है? (1.1.2)
स्वस्थ रहना
सकाम कर्म
देवताओ की पूजा
परमसत्य का निर्विकार पक्ष
किस प्रवृति के वशीभूत होकर मनुष्य धर्म की ओर मुड़ता है? (1.1.2)
यात्रा करके
इन्द्रियतृप्ति की होड़ से उबकर
समाजीक कार्य करके
खुद को बुद्धिमान मानके
जीव सभी कष्टो से कब मुक्त हो जाता है? (1.1.2)
कभी मुक्त नहीं होते
जब सुख मिल जायेगा
जब निरोगी बन जायेंगे
जब भगवान के नित्य दास के स्वरूप का एहसास हो
श्रुति मंत्रो में भगवान को क्या कहा गया है? (1.1.3)
पूर्ण पुरुषोत्तम
सुपर मानव
समस्त रसो का निझर स्त्रोत
सर्वोच्च आत्मा
कितने प्रकार के आध्यात्मिक रस है? (1.1.3)
5
6
12
10
वेदों की तुलना किससे की जाती है? (1.1.3)
कल्पवृक्ष से
कोहिनूर डायमंड से
सामान्य साहित्य से
ऊपर के सभी
सभी रसो का सार क्या कहलाता है?(1.1.3)
दया
स्नेह या प्रेम
करुणा
ममता
मूल रूप से प्रेम के 5 लक्षण जब अनुपस्थित होते है तो क्या प्रकट होता है? (1.1.3)
क्रोध
आश्चर्य
भय
आघात
किस प्रकार का कार्य मनुष्य को बंधन में बांधता है? (1.1.4)
हमें जो पसंद हो वैसा कार्य
मातापिता जो बताएं वो कार्य
भगवान की इच्छा के अतिरिक्त किए हुए कार्य से
मित्र वर्ग की इच्छा वाले कार्य
भगवान विष्णु किसके तुल्य है? (1.1.4)
एक विशाल वृक्ष के तुल्य
कमलके पत्ते तुल्य
महासागर तुल्य
उपरोक्त सभी
किन दो ग्रन्थ में नैमिषारण्य के वन का वर्णन आया है? (1.1.4)
पद्म पुराण
कठोपनिषद
वराह पुराण
वायवित तंत्र
शांति और सम्पन्नता कैसे प्राप्त की जा सकती है? (1.1.4)
माता पिता को प्रसन्न करके
देवी देवताओ को प्रसन्न करके
कृष्ण को प्रसन्न करके
कृष्ण के भक्तों को प्रसन्न करके
पहली बार भागवतम किसने सुनाया था? (1.1.4)
सुत गोस्वामी ने
शुकदेव गोस्वामी ने
रूप गोस्वामी ने
जीव गोस्वामी ने
दूसरी बार भागवतम किसने किसको सुनाया था? (1.1.4)
जीव गोस्वामी ने परीक्षित महाराज को
शुकदेव गोस्वामी ने परीक्षित महाराज को
शुकदेव गोस्वामी ने ऋषियों को
सूत गोस्वामी ने ऋषियों को
दूसरी बार भागवतम कहाँ सुनाया गया था? (1.1.4)
कुरुक्षेत्र मे
बनारस के घाट पर
नैमिषारण्य मे
ज्योतिसर मे
भगवान कृष्ण के भक्त क्या करते है? (1.1.4)
ध्यान में बैठे रहते हैं
भगवान कृष्ण की सेवा में लगे रहते हैं
तपस्या करते रहते हैं
पढ़ते रहते हैं
कलियुग में जागृति लाने के लिये निर्दिष्ट विधि क्या है? (1.1.4)
बाबाओं की कथा सुनते रहना
किसी भी संस्था के साथ जुड़े रहना
भगवान के पवित्र नमो का सामूहिक कीर्तन
देवताओं का पूजन करना
व्यासासन किसे कहते है? (1.1.5)
यज्ञ में लगी चौकी को
महर्षि वेद व्यास के प्रमाणिक प्रतिनिधि के आसन को
जिसपर व्यासदेव विश्राम करते हैं
बड़े नेता की कुर्सी को
श्रीव्यास्देवजी ने भगवान का सन्देश किसे प्रदान किया? (1.1.5)
शुकदेव गोस्वामी को
अपने सभी पुत्रो को
विद्वान ब्राह्मण को
किसीको भी नही
व्यासासन पर बैठने का अधिकारी कौन है? (1.1.5)
जिसे सभी श्लोक कंठस्थ हो
वेदो में पारंगत हो
जो पापों से मुक्त हो
जो आचरण से निष्कलंक हो
आस्तिकता की पूर्ण व्याख्या किस ग्रंथ में है? (1.1.6)
धर्म सूत्र मे
स्मार्त सूत्र मे
कल्प सूत्र मे
वेदांत सूत्र मे
दार्शनिक चिंतन प्रणालियों में किसका उल्लेख नहीं किया गया है? (1.1.6)
देवताओं के बारे में नहीं बताया
समस्त कारणो के परम कारण के विषय में नहीं बताया गया
पूजा की विधि नहीं बताइ है
ध्यान लगाने की विधि नहीं बताइ है
व्यास देव के ज्ञान से कौन अवगत है? (1.1.6)
शौनक ऋषि
पतंजलि ऋषि
गौतमऋषि
सुत गोस्वामी
व्यासदेव को भगवान क्यों कहा गया है? (1.1.6)
क्योंकि वे महाभारत के समय उपस्थित थे
क्योंकि उन्हें वेदो का ज्ञान है
वे प्रमाणिक शक्त्यावेश अवतार हैं
क्योंकि वे अपने आपको भगवान मानते थे
इनमें कौन विभिन्न दार्शनिक प्रणाली के ग्रंथकार नहीं है? (1.1.6)
कश्यप
जैमिनी
कणाद
गौतम
श्रवण तथा कीर्तन का क्या अर्थ है? (1.1.6)
किसी कथाकार को सुनना और उनसे चर्चा करना
किसी साधु की वाणी सुनना और उनके गुणगान करना
भगवान के बारे में सुनना और उनके गुणगान करना
उपरोक्त सभी
कोनसा ग्रंथ वेदांत सूत्र तथा समस्त वैदिक साहित्य का सार है? (1.1.6)
नारद पुराण
गरुड़ पुराण
ब्रह्मपुराण
श्रीमद भागवतम
आध्यात्मिक कार्यों के लिए कौनसा समय उपयुक्त माना गया है? (1.1.8)
रात्रि का समय
प्रातः काल
संध्या समय
कोई भी समय
गोस्वामी किसे कहते हैं? (1.1.8)
अपनी सारी इंद्रियों को वश मे रखके पूर्ववर्ती आचायों के पथ में द्रढ़ रहते हैं
परिवार का नाम गोस्वामी होना चाहिए
गायों की रक्षा करते हो वो
जो गायों को काटते है
श्रील विश्वनाथ चक्रवर्ती ठाकुर ने गुरु के विषय में कितने श्लोक गाये थे? (1.1.8)
4
6
9
8
सूत गोस्वामी में शिष्य के कौनसे गुण थे? (1.1.8)
गुरु के प्रति अत्यंत आज्ञाकारी
गुरु के प्रति अत्यंत आज्ञाकारी
प्रमाणिक व्यक्तित्व
सभी गुणों से ओतप्रोत थे
सुत गोस्वामी पर किसकी कृपा थी? (1.1.8)
स्वरूपसिद्ध आध्यात्मिक गुरुओं की कृपा
श्रील व्यासदेव की कृपा
उनको कृपा की अव्यश्यकता नहीं
अन्य गुरुओं की कृपा
आचार्य तथा गोस्वामी किसके विचारों में लीन रहते थहै? (1.1.9)
क्या उपदेश दिया जाए ये सोचते हैं
आध्यात्मिक कल्याण के विचारो में लिन रहते हैं
किससे सलाह लेनी है ये सोचते हैं
भजन करने का सोचते हैं
मुनियों ने गोस्वामी से सारे शास्त्रों का निचोड़ प्रस्तुत करने को क्यों कहा? (1.1.9)
सामान्य जनता को पढ़ना नहीं आता होगा
क्योंकि उन्हें पता नहीं कौनसा शास्त्र पढ़े?
क्योंकि शास्त्र पढ़ना अच्छा नहीं लगता
क्योंकि इस युग के लोग सभी प्रकार से पतित हो गए हैं
भगवद्गीता में किसकी संस्तुति की गयी है? (1.1.9)
वृक्षों की पूजा की संस्तुति की गई है
देवताओं की पूजा की संस्तुति की गई है
आचारियों की पूजा की संस्तुति की गई है
वृक्षों की पूजा संस्तुति की गई है
आध्यात्मिक कल्याण होने पर क्या होता है? (1.1.9)
भौतिक कल्याण स्वत: ही हो जाता है
साधु बन जाते है
ख्याति बढ़ जाति है
पूजा अर्चना होने लगती है
आचार्य गण सामान्य जनता को क्या उपदेश देते हैं?(1.1.9)
सुखी रहने का उपदेश देते हैं
शिक्षित बननेका उपदेश देते हैं
आध्यात्मिक कल्याण के लिए उपदेश देते हैं
मिलझुल कर रहने का उपदेश देते हैं
इस कलियुग को किस नाम से जाना जाता है? (1.1.9)
लौह-युग
चतुष्युग
कलहप्रिय युग
स्वर्ण युग
