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WorksheetsPHYSICS QUIZ PART 04
Total questions: 16
Worksheet time: 8mins
किसी वस्तु का परावैधुत् स्थिरांक हमेशा अधिक होता है –
शून्य से
0.5 से
1 से
2 से
1μF धारिता के दो संधारित्र समान्तर क्रम में जुड़े हैं और इनके श्रेणीक्रम 0.5μF में का एक तीसरा संधारित्र जुड़ा है तो परिणामी धारिता होगी –
16 μF
10 F
0.4 μF
12 μF
एक समानान्तर प्लेट संधारित्र की प्लेटों के बीच अभ्रक की एक पतली प्लेट रख देने पर उसकी धारिता –
बढ़ती है
0 रहती है
समान रहती है
इनमें से कोई नहीं
यदि कई संधारित्र उपलब्ध हों, तो उनके समूहन से उच्चतम धारिता प्राप्त करने के लिए उन्हें जोड़ना चाहिए –
श्रेणी क्रम में
समान्तर क्रम में
मिश्रित क्रम में
इनमें से कोई नहीं
दो संधारित्र, जिसमें प्रत्येक की धारिता C है, श्रेणीक्रम में जुड़े हैं। उनको तुल्य धारिता है –
2C
C
C / 2
1 / 2C
वान डी ग्राफ जनित्र एक मशीन है, जो उत्पन्न करता है –
एन०सी० शक्ति
उच्च आवृत्ति की धाराएँ
कई लाख वोल्ट का विभवांतर
केवल अल्प धारा।
यदि E० बाह्य विधुतीय क्षेत्र तथा परावैधुत् का प्रभावी विधुतीय E हो तब परावैधुत् नियतांक का मान होगा –
E / E०
E.E०
E० / E
E + E०
किसी विधुतीय क्षेत्र में चालक को रखने पर उसके अन्दर विधुतीय क्षेत्र का मान –
घट जाता है
बढ़ जाता है
शून्य होता है
अपरिवर्तित रहता है
किसी भूयोजित चालक को विधुत्रोधित आवेशित चालक के निकट ले जाने पर बाद वाले चालक की विधुत्धारिता का मान –
घटता है
बढ़ता है
अपरिवर्तित रहता है
शून्य हो जाता है
चार संधारित्रों में प्रत्येक की धारिता 2μF है। एक 8μF का संधारित्र बनाने के लिए उन्हें जोड़ना होगा –
श्रेणीक्रम में
समानांतर क्रम में
कुछ श्रेणी में, कुछ समानांतर क्रम में
इनमें से कोई नहीं
तीन संधारित्र, जिनमें से प्रत्येक की धारिता C है, समानांतर क्रम में जुड़े हैं। उनकी समतुल्य धारिता होगी –
3 / C
3 C
1 / 2 C
C / 3
समान धारिता के n संधारित्रों को पहले समानांतर क्रम और फिर श्रेणी क्रम में जोड़ा जाता है। दोनों अवस्थाओं की तुल्य धारिताओं का अनुपात है-
n
n3
n2
1 / n2
संधारित्रों के समांतर संयोजन में जो राशि प्रत्येक संधारित्र के लिए समान रहती है, वह है –
आवेश
ऊर्जा
विभवांतर
धारिता
संधारित्रों के श्रेणीक्रम संयोजन में जो राशि प्रत्येक संधारित्र के लिए समान रहती है, वह है –
आवेश
उर्जा
विभवांतर
धारिता
यदि एक शीशे की छड़ (अर्थात् उच्च परावैधुत नियतांक की एक माध्यम) को हवा-संधारित्र के बीच रखा जाए तो इसकी धारिता –
बढ़ेगी
घटेगी
स्थिर रहेगी
शून्य होगी
किसी भूयोजित चालक को विधुत्रोधित आवेशित चालक के निकट ले जाने पर बाद वाले चालक की विधुत्धारिता का मान –
घटता है
बढ़ता है
अपरिवर्तित रहता है
शून्य हो जाता है
