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Total questions: 35
Worksheet time: 6mins
विद्युत् क्षेत्र की तीव्रता की विमा है-
[MLT-2A-1]
[ML2 T-3 A-2]
[ML2 T-3 A-2]
[ML2T2A2]
विद्युत् क्षेत्र की तीव्रता (Electric field intensity) का मात्रक होता है
न्यूटन / कूलम्ब (NC)
न्यूटन / कूलम्ब (NC-1)
वोल्ट/मी० (Vm)
कूलम्ब/न्यूटन (CN-1)
1 कूलम्ब वह आवेश है जो शून्य में 1 मीटर की दूरी पर स्थित समान आवेश पर बल लगाता है-
1N
9 × 109 N
9 x 10-9 N
कोई नहीं
दो आवेशों के बीच की दूरी दुगुनी करने के बीच का बल-
दुगुना हो जाता है
आधा हो जाता है
चार गुना हो जाता है
चौथाई हो जाता है
स्थिर विद्युत् आवेशों के बीच लगता बल किस नियम से दिया जाता है ?
गॉस का प्रमेय
किरचॉफ के नियम
कूलम्ब के नियम
फैराडे के नियम
निम्नलिखित में किसका अस्तित्व संभव नहीं है-
3.2 × 10-19 C
6.4 × 10-19 C
2.4 × 10-19 C
1.6 × 10-19 C
इलेक्ट्रॉन पर आवेश बराबर होता है-
2 × 10-21 C
1.6 × 10–19 C
1.6 × 10-20 C
कोई नहीं
आवेश की विमा है-
[AT]
[LAT]
[AT-1]
[AT-2]
आवेश का S. I. मात्रक होता है-
एम्पीयर (A)
फैराड (F)
वोल्ट (V)
कूलम्ब (C)
एक बिन्दु आवेश (q) को एक-दूसरे बिन्दु आवेश Q के चारों तरफ वृत्ताकार पथ पर घुमाया जाता है। विद्युत क्षेत्र के द्वारा किया गया कार्य होगा-
शून्य
धनात्मक
ऋणात्मक
कोई नहीं
विद्युत् विभव का मात्रक वोल्ट है और यह तुल्य है-
जूल/कूलम्ब
जूल x कूलम्ब
कूलम्ब/जूल
कोई नहीं
फ्लक्स घनत्व का मात्रक होता है-
वेबर
टेसला
न्यूटन / मी
मी/से
किसी आवेशित गोलीय खोखले चालक के भीतर विद्युत तीव्रता होती है
अनंत
शून्य
धनात्मक एवं 1 से अधिक
कोई नहीं
किसी आवेश से अनंत दूरी पर उस आवेश के कारण विद्युत क्षेत्र की तीव्रता होती है-
अनंत
शून्य
9×109 Vm-1
कोई नहीं
एक वैद्युत द्विध्रुव एक पृष्ठ से घिरा हुआ है। पृष्ठ पर कुल विद्युत फ्लक्स होगा-
अनंत
शून्य
q/∈0
कोई नहीं
यदि किसी खोखले गोलीय चालक को धन आवेशित किया जाए, तो उसके भीतर का विभव :-
शून्य होगा
धनात्मक और समरूप होगा
धनात्मक और असमरूप होगा
ऋणात्मक और समरूप होगा
एक आवेशित चालक की सतह के किसी बिन्दु पर विद्युतीय क्षेत्र की तीव्रता :-
शून्य होती है
सतह के लम्बवत होती है .
सतह के स्पर्शीय होती है
सतह पर 45° पर होती है
1 कूलॉम आवेश = ……. e.s.u.
3 x 109
9 x 109
8.85 x 10-12
इनमें से कोई नहीं
एक एकांकी चालक के लिए निम्न में से कौन अनुपात अचर होता है
कुल आवेश/विभव
दिया गया आवेश/विभवांतर
कुल आवेश/विभवांतर
इनमें से कोई नहीं
स्थिर विद्यत क्षेत्र होता है:-
संरक्षी
असंरक्षी
कहीं संरक्षी कहीं असंरक्षी
इनमें से कोई नही
विद्युत आवेश का क्वांटक e.s.u. मात्रक में होता है :
4.78 x 10-10
1.6 x 10-19
2.99 x 109
– 1.6 x 10-19
यदि समरूप विद्युत क्षेत्र x-अक्ष की दिशा में विद्यमान है, तो सम विभव होगा :
XY-तल की दिशा में
Xz-तल की दिशा में
YZ-तल की दिशा में
कहीं भी
कूलम्ब बल है :
केन्द्रीय बल
विद्युत बल
‘A’ और ‘B’ दोनों
इनमें कोई नहीं
जब किसी वस्तु को आवेशित किया जाता है, तो उसका द्रव्यमान :
बढ़ता है
घटता है
अचर रहता है
बढ़ या घट सकता है
किसी दूरी पर अवस्थित दो आवेशित कण के बीच विद्युत बल F है। यदि उनके बीच की दूरी आधी कर दी जाए तो विद्युत बल का मान होगा:
4F
2F
F
1 / 2 F
ε0 का मात्रक है :
Nm-1
Fm-1
CV-1
(D) F.m
आवेश का विमा होता है :
AT
AT-1
A-1T
AT2
1 / 4πε0 का मान होता है :
9 x 109 Nm2c-2
9 x 10-9 Nm2c-2
9 x 1012 Nm2c-2
9 x 10-12 Nm2c-2
पानी का परावैद्युत स्थिरांक होता है :
80
60
1
42.5
किसी माध्यम की आपेक्षिक परावैद्युतता ( εr) होती है :
ε ⁄ ε0
ε × ε0
ε + ε0
ε – ε0
आवेश का पृष्ठ-घनत्व बराबर होता है :
कुल आवेश × कुल क्षेत्रफल
कुल आवेश / कुल क्षेत्रफल
कुल आवेश / कुल आयतन
कुल आवेश × कुल आयतन
संबंध Q = ne में निम्नलिखित में कौन n का मान संभव नहीं है?
4
8
4.2
100
विद्युत फ्लक्स का I. मात्रक है :
ओम-मीटर
एम्पीयर-मीटर
वोल्ट-मीटर
(वोल्ट)(मीटर) -1
विद्युत-क्षेत्र में एक आवेशित कण पर लगने वाला बल का मान होता है :
qE
q ⁄ E
E ⁄ q
√qE
हवा में εr का मान होता है :
शून्य
अनंत
1
9 x 109
