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Worksheetsजूझ 12
Total questions: 26
Worksheet time: 13mins
'जूझ' साहित्य की किस विधा में लिखा गया है ?
कहानी
उपन्यास
संस्मरण
रेखा चित्र
लेखक अपने दादा के सामने बोलने की हिम्मत क्यों नहीं करता था ?
वह अपने पिता से बहुत डरता था
उसके पिता बहुत गुस्सैल और हिंसक थे
वह बात -बात पर लेखक पर नाराज़ होते थे
उपरोक्त सभी
लेखक पढना क्यों चाहता था ?
उसके अनुसार खेती में कोई भविष्य नहीं है
पढ़ -लिखकर नौकरी करना चाहता था
नौकरी करके या व्यापार करके धन कमाया जा सकता है
उपरोक्त सभी
लेखक का दादा कोल्हू जल्दी क्यों चलाता था ?
वह बहुत मेहनती था
वह अपने बनाए गुड़ के अच्छे दाम प्राप्त करना चाहता था
वह अपने हर कार्य को सबसे पहले करना चाहता था
उपरोक्त में से कोई भी नहीं
दादा ने लेखक को खेती के कार्य में क्यों लगा दिया ?
वह लेखक को खेती के कार्य सिखाना चाहता था
वह स्वयं स्वतंत्र रहकर नगर में घूमना चाहता था
वह लेखक के भविष्य के बारे में सोचता था
उपरोक्त में से कोई भी नहीं
दादा राव सरकार का नाम सुनते ही उनसे मिलने क्यों चला गया ?
राव सरकार गाँव के सम्मानित व्यक्ति थे
दादा ने राव सरकार से उधार ले रखा था
दादा राव सरकार से डरता था
उपरोक्त में से कोई भी नहीं
राव सरकार ने दादा को किस -किस बात के लिए डांटा ?
खेतों की तरफ ध्यान न देने के लिए
फसल में लागत न लगाने के लिए
लेखक की पढाई छुडवाने के लिए
उपरोक्त सभी
राव साहब ने लेखक को क्या निर्देश दिया ?
वह कल से स्कूल आना शुरू करे
वह मन लगाकर पढाई करे
यदि उसका पिता उसे स्कूल न भेजे तो वह उनके पास आ जाए
उपरोक्त सभी
दादा ने राव साहब के सामने अपने बेटे पर क्या आरोप लगाए ?
लेखक सिनेमा देखने चला जाता है
यहाँ -वहाँ घूमता रहता है
खेती और घर के काम में ज़रा भी ध्यान नहीं देता
उपरोक्त सभी
लेखक ने राव साहब के सामने किस प्रकार अपना पक्ष रखा ?
उसका दादा कभी उसे सिनेमा देखने के लिए पैसे नहीं देता
उसने कंडे बेचकर प्राप्त धन से कपड़े सिलवाए
वह यहाँ- वहाँ कंडे बेचने के लिए घूमता है
उपरोक्त सभी
दादा ने अपने बेटे के सामने स्कूल जाने के लिए क्या शर्त रखी ?
स्कूल से अहले खेत में जाकर फसल को पानी देगा
स्कूल से आने के बाद ढोर चराने जाएगा
खेती के कार्य में अधिकता होने पर स्कूल नहीं जाएगा
उपरोक्त सभी
लेखक को स्कूल में पहले दिन अपनी कक्षा में दीवार से पीठ सटाकर क्यों बैठ गया ?
लेखक को संकोच हो रहा था
शरारती बच्चे उसकी धोती खींच रहे थे
खेती का कार्य करने के कारण उसकी पीठ में दर्द था
उपरोक्त में से कोई भी नहीं
वसंत पाटिल की नक़ल करने पर लेखक को क्या लाभ हुआ ?
वह भी गणित में होशियार हो गया
वह भी मॉनिटर जैसा सम्मान पाने लगा
अध्यापक उसे शाबाशी देने लगे
उपरोक्त सभी
लेखक को अकेलेपन में आनंद क्यों आने लगा ?
वह खुलकर गा सकता था
वह कविताएँ रच सकता था
वह कविता गाकर उसका अभिनय कर सकता था
उपरोक्त सभी
लेखक के पंख कब निकले ?
जब लेखक के द्वारा बनाई गयी लय को बच्चों के सामने प्रस्तुत कराया गया
उसके गीत को स्कूल के समारोह में गवाया गया
जब मराठी अध्यापक उसकी प्रशंसा करने लगे
उपरोक्त सभी
10.मास्टर ने अपने दरवाजे पर लगी किस बेल पर कविता लिखी |
नीम की बेल
मालती की बेल
बरगद की बेल
तुलसी की बेल
9.आनंदा का विश्वास पाठशाला में क्यों बढ़ने लगा |
मास्टरों के अपनेपन के कारण
वसंत पाटिल की दोस्ती के कारण
मास्टरों के अपनेपन और वसंत की दोस्ती के कारण
उपर्युक्त में से कोई नहीं
8. मास्टर न.वा.सौंदलेकर के विषय में कौन सा कथन सही नहीं है
वे कविता बहुत ही अच्छे ढंग से पढ़ाते थे और स्वयं भी कविता लिखते थे
बीच बीच में बिभिन्न कवियों से अपनी मुलाकात के संस्मरण सुनते थे
उन्हें सिर्फ मराठी कविताएँ कंठस्थ थी
याद आने पर कक्षा में अपनी भी एकाध कविता सुना देते थे
6.वसंत पाटिल की विशेषताओ में कौन सी विशेषता शामिल नहीं है |
यह शरीर से दुबला-पतला था
बड़ा होशियार था
उसके सवाल हमेशा सही निकलते थे
वह बहुत चंचल स्वाभाव का था
5.मंत्री नामक अध्यापक के विषय में कौन सी बात सही नहीं है |
मंत्री मास्टर कक्षाध्यापक थे
वे छड़ी का उपयोग करते थे
हाथ से गरदन पकड़कर पीठ पर घूसा लगाते थे
लड़कों के मन में उनके प्रति दहशत बैठी थी
4.लेखक की माँ ने दत्ता जी राव से अपने पति के बारे में अनेक बातें बताई |उसके आधार पर निम्नलिखित में से कौन से बात नहीं बताई थी|
दादा सारा दिन रखमाबाई के पास गुजार देता है
खेती के काम में हाथ नहीं लगाता है
दादा बेटे को पढ़ा लिखा कर अमीरआदमी बनाना चाहता है
दादा आजादी के साथ घूमना चाहता है
'जूझ' साहित्य की किस विधा में लिखा गया है ?
कहानी
आत्मकथात्मक उपन्यास
संस्मरण
रेखा चित्र
जूझ कहानी के लेखक कौन हैं ?
असीम यादव
अनंत यादव
आनंद यादव
रमाकांत यादव
न.वा. सौंदलगेकर क्या पढ़ाते थे?
हिन्दी
अंग्रेजी
भूगोल
मराठी
'जूझ' कहानी से आधुनिक छात्रों को क्या शिक्षा मिलती है?
धनाभाव की परवाह न करना
लक्ष्य प्राप्ति के लिए मान सम्मान की परवाह न करना
कठोर परिश्रम करना
उपरोक्त सभी
