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Worksheetsश्री उपदेशामृत 4 & 5
Total questions: 15
Worksheet time: 30mins
महामंत्र के जप से कौन कौन शुद्ध हो जाते हैं? (श्लोक 4)
i) जप करने वाले व्यक्ति
ii) निम्न पशु, कीड़े
iii) पौधे
iv) अन्य योनियों के शरीर में बद्ध हुए जीव
a) i, ii, iii
b) i, iv
c) ऊपर के सभी
d) i, ii, iv
_____ मानव समाज का विशेष कार्य है और इसी के द्वारा मनुष्य-समाज तथा पशु-समाज में अंतर जाना जाता है। (श्लोक 4)
a) भक्ति
b) धर्म
c) दान
d) यज्ञ
_____लोगों का बनाया हुआ भोजन करने से मनुष्य का मन_____हो जाता है। (श्लोक 4)
a) कर्मी, शुद्ध
b) मायावादी, विचलित
c) संसारी, दुष्ट
d) अभक्त , दुष्ट
जीवन की सभी अवस्थाओं में__________में सिद्धि प्राप्त करने के लिए भक्ति के सारे कार्यकलाप ________ के निर्देशन में करने होते हैं। (श्लोक 4)
a) भक्तियोग, गुरु
b) भक्तियोग, कृष्ण
c) सेवा, गुरु
d) ध्यानयोग, शास्त्र
गुह्यम् आख्याति पृच्छति किसे कहते है? (श्लोक 4)
a) एकअनुभवी भक्त सिखाता है और अनुभवहीन भक्त उससे सीखता है।
b) गुह्य बात एक भक्त दुसरे भक्त को बताता है।
c) एक अनुभवी भक्त दुसरे अनुभवहीन भक्त को गुह्य बात बताता है ।
d) शास्त्रों के गुह्य ज्ञान को एक भक्त दुसरे भक्त को देता है।
सङ्गात् संजायते कामः का अर्थ क्या है? (श्लोक 4)
a) सभी भक्ति करने के लिए भक्तों का संग करना चाहिये।
b) एक भक्त दुसरे भक्त से संग करता है।
c) मनुष्य जैसी संगति करता है, उसी के अनुसार उसकी इच्छाएँ और महत्वाकांशाएँ विकसित होंगी।
d) भक्तों के संग में रहने से हम पर उसका प्रभाव पडता है।
ददाति सिद्धांत की मांग कब पूरी होगी? (श्लोक 4)
a) जब हम मंदिर में हर महिने दान देते है।
b) जब हम अपने जीवन भर की कमाई का पच्चास प्रतिशत हिस्सा कृष्ण तथा उनके भक्तों के लिए खर्च किया जाता है।
c) जब हम भक्तों को उनके बिकट आर्थिक परिस्थिति मे मदद करते है।
d) जब हम हमारे जीवन भर की कमाई का पच्चस प्रतिशत हिस्सा कृष्ण की सेवा में लगाते है।
जो भक्त भगवान कृष्ण के नाम का जप करता है, उसके साथ किस प्रकार व्यवहार करना चाहिये?
(श्लोक 5)
a) उस भक्त को दंडवत प्रणाम करना चाहिये।
b) उस भक्त को सादर नमस्कार करना चाहिये।
c) उस भक्त को हरे कृष्ण बोलना चाहिये।
d) उस भक्त को मन से आदर देना चाहिये।
कौन से प्रकार के भक्तों की श्रद्धापूर्वक सेवा करनी चाहिये ? (श्लोक 5)
i) जो अनन्य भक्ति में आगे बढा हुआ है।
ii) जिसका ह्रदय दुसरों की आलोचना करने की प्रवृत्ती से सर्वथा विमुख है।
iii) जो अध्यात्मिक दीक्षा ली है और अनन्य भक्ति कर रहे है।
iv) जो भक्त अपनी सारी जीवन कृष्ण की सेवा मे समर्पित की है।
a) iii, iv
b) ऊपर के सभी पर्याय
c) i, ii
d) ii, iii
किस प्रकार के भक्त कनिष्ठ अधिकारी होते हैं ? (श्लोक 5)
a) जो भक्त गुरु से आध्यात्मिक दीक्षा प्राप्त किये रहते हैं।
b) जो भक्त भगवान कृष्ण के नाम का जप करता है।
c) जो भक्त भगवन्नाम का जप करने का प्रयास कर रहा है।
d) जो भक्त भक्ति में बहुत ही आगे बढ़ा हुआ है।
किस प्रकार के भक्त मध्यम अधिकारी होते हैं? (श्लोक 5)
a) जो भक्त अर्चाविग्रह की पूजन में लगे हुए हैं।
b) जो भक्त उनके गुरु द्वारा भगवान की दिव्य प्रेमाभक्ति में पुरी व्यस्त रखे हुए हैं।
c) जो भक्त को गुरु द्वारा हरिनाम दीक्षा मिली है।
d) जो भक्त भक्ति में बहुत आगे बढे हुए हैं।
भक्ति के सही-सही अनुशीलन की विधि क्या है? (श्लोक 5)
i) पूर्ण पुरुषोत्तम भगवान को प्रेम के सर्वोच्चपात्र मानकर पूजा करना।
ii) भगवद्भक्तों को मित्र बनाना।
iii) अज्ञानी के प्रति दया दिखाना।
iv) जो प्रकृति से ईर्ष्यालु हैं, उनसे दूर रहना।
a) i, iii
b) ऊपर के सभी पर्याय
c) ii, iv
d) i, ii, iii
प्राकृत सहजिया हरे कृष्ण महामंत्र का जप करने के बावजूद ठीक से क्यों शुद्ध नहीं हो पाते ? (श्लोक 5)
a) क्योंकि वे ध्यान पूर्वक जप नहीं करते हैं।
b) क्योंकि वे बुरी संगति में रहते हैं।
c) क्योंकि वे स्त्री, धन तथा नशे के प्रति आसक्त रहते हैं।
d) क्योंकि वे नियमों का गंभीरता से पालन नहीं करते हैं।
दीक्षा के द्वारा मनुष्य में क्या परिवर्तन आता है ? (श्लोक 5)
a) भगवान के प्रतिपूर्ण भाव से आत्म समर्पण करते हैं।
b) अपने गुरु के आदेश से भक्तिमय सेवा में लग जाते हैं।
c) वैष्णवों का संग करते हैं और समस्त विधि-विधानों का गंभीरता से पालन करते हैं।
d) भौतिक भोग के प्रति अरुचि और आध्यात्मिक जीवन के प्रति रुचि उत्पन्न होती है।
एक नव दीक्षित भक्त क्रमश: उत्तम अधिकारी के उच्चतम पद को कैसे प्राप्त कर सकता है ? (श्लोक 5)
a) नित्य भागवतम का अध्ययन करके
b) हरिनाम जप की निर्धारित संख्या को ढंग से पूरा करके।
c) नित्य मंदिर जाकर
d) एक प्रामाणिक गुरु से दीक्षा प्राप्त करके।
