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जेस्टेशनल डायबिटीज़ मेलाइटस के निदान और प्रबन्धन

Total questions: 11

Worksheet time: 9mins

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1.

गर्भावस्था के दौरान जी.डी.एम. स्क्रीनिंग के अन्तर्गत गर्भवती महिला के ओजीटीटी टेस्ट कितनी बार होना चाहिए।

a)

1

b)

जब तक प्रसव नहीं हो जाता तब तक प्रत्येक माह

c)

2

d)

पता नहीं

2.

जीडीएम की स्क्रीनिंग के लिए इनमें से कौन सा कथन सही है?

a)

ख़ून में शुगर की जाँच केवल उन गर्भवती महिलाओं में ही करनी चाहिये जिनमें जीडीएम के लिये जोखिम के लक्षण हैं

b)

स्क्रीनिंग टेस्ट के लिये महिला को निहार मुँह (खाली पेट) आना चाहिये

c)

हर गर्भवती महिला की गर्भावस्था की जाँच की पहली विज़िट पर करना चाहिये

d)

गर्भवती महिला को उसकी रिपोर्ट अगले दिन मिल सकती है

3.

इनमें से जेस्टेशनल डायबिटीज़ मेलाइटस के कारण माँ को किस का जोखिम है?

a)

अधिक मितली और उल्टी होना

b)

दिल का दौरा पड़ना

c)

प्री-एक्लैम्सिया

d)

ख़ून न जमने की बिमारी होना

4.

जेस्टेशनल डायबिटीज़ मेलाइटस के कारण इनमें से गर्भ में शिशु के लिये कौन सा जोखिम है?

a)

समय से पहले जन्म

b)

बड़ा बच्चा

c)

जुड़वाँ बच्चे

d)

निमोनिया

5.

जीडीएम वाली अधिकतर महिलाओं के ख़ून में शुगर का स्तर इस से नियन्त्रित हो सकता हैः

a)

चिकित्सीय पोषण इलाज (मेडिकल न्यूट्रिशनल थेरेपी) और शारीरिक व्यायाम

b)

केवल मेटफाॅर्मिन/इन्सुलिन थेरेपी

c)

कम खाना और अक्सर वृत रखना (भूखे रहना)

d)

जल्दी-जल्दी आराम करना

6.

निम्नलिखित में से कौन सा कथन ख़ून में शुगर के नियंत्रण के लिए मेटफाॅर्मिन उपयोग के संबंध में सही है?

a)

यह भ्रूण के लिए एक हानिकारक दवा है और इसे गर्भावस्था के दौरान नहीं दिया जाना चाहिए

b)

यह एक सुरक्षित दवा है और गर्भावस्था के 20 सप्ताह से शुरू किया जा सकता है

c)

यह गर्भावस्था के दौरान अतिरिक्त वजन बढ़ाता है

d)

इसे हर दिन लेने की जरुरत नहीं है

7.

इन में से कौन सा ख़ून में शुगर की कमी (हाइपोग्लाइसीमिया) का लक्षण नहीं है?

a)

पसीना आना

b)

दिल जल्दी-जल्दी और ज़ोर से धड़कना

c)

बढ़ा हुआ रक्तचाप (ब्लड-प्रेशर बढ़ना)

d)

बेहोशी होना

8.

जीडीएम वाली गर्भवती महिला की गर्भावस्था की जाँच के लिये इन में से कौन सा कथन सही है?

a)

जीडीएम वाली महिला को किसी विशेष देखभाल की ज़रुरत नहीं पड़ती

b)

जो महिला पोषण इलाज ले रही है, उसे हाई रिस्क प्रेगनेंसी प्रोटोकाॅल या डाॅक्टर के बताये अनुसार जांच के लिए आना चाहिए (माह में कम से कम एक बार)

c)

गर्भ के शिशु के स्वास्थ्य की निगरानी करने के लिये हर विज़िट पर अल्ट्रासोनोग्राफी करानी चाहिये

d)

निदान होने के बाद महिला को अस्पताल में भर्ती करना चाहिये

9.

जीडीएम वाली महिला के प्रसव-पश्चात् प्रबन्धन में यह शामिल हैः

a)

प्रसव-पश्चात् इन्सुलिन की खुराक़ बढ़ा देनी चाहिये।

b)

महिला की सख्त निगरानी पीपीएच और संक्रमण के लक्षणों के लिये करनी चाहिये।

c)

यदि महिला को इन्सुलिन या खाने की दवाइयाँ मिल रही हैं तो स्तनपान देर से शुरु करना चाहिये।

d)

आईयूसीडी गर्भनिरोधक के रुप में नहीं देनी चाहिये क्यांे कि इससे बच्चेदानी में संक्रमण की संभावना बढ़ जाती है।

10.

जीडीएम वाली महिला के प्रसव और डिलिवरी का सबसे उपयुक्त प्रबन्धन हैः

a)

स्टिल बर्थ के जोखिम से बचाव के लिये 39 हफ्तों से पहले प्रसव को शुरु करवा देना (इन्ड्यूस) चाहिये

b)

यदि खून में शुगर अनियंत्रित है तो प्रसव के लिए उच्च स्वास्थय केंद्र में भेजना चाहिए

c)

इंसुलिन की सुबह की खुराक प्रसव के दिन नहीं दी जाती है, इसलिए खून में शुगर के स्तर को माॅनीटर करने की आवश्यकता नहीं है

d)

प्रसव के दौरान निगरानी नहीं की जाएगी, जीडीएम वाली हर गर्भवती महिला का सिजे़रियन आॅपरेशन करना चाहिये जिससे योनि से डिलिवरी के दौरान होने वाली शिशु की जटिलताओं से बचाव हो सकें।

11.

निम्नलिखित में से कौन सा कथन ख़ून में शुगर के नियंत्रण के लिए मेटफोर्मिन उपयोग के संबंध में सही है?

a)

यह भ्रूण के लिए एक हानिकारक दवा है और इसे गर्भावस्था के दौरान नहीं दिया जाना चाहिए

b)

यह एक सुरक्षित दवा है और गर्भावस्था के 20 सप्ताह से शुरू किया जा सकता है

c)

यह गर्भावस्था के दौरान अतिरिक्त वजन बढ़ाता है

d)

इसे हर दिन लेने की जरुरत नहीं है