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Worksheetsनेताजी का चश्मा
Total questions: 31
Worksheet time: 15mins
सेनानी न होते हुए भी चश्मेवाले को लोग कैप्टन क्यों कहते थे ?
वह हमेशा सैनिक की ड्रेस पहने रहता था
उसने स्वतंत्रता संग्राम में भाग लिया था
देश भक्ति भावना के कारण
इस पाठ के लेखक कौन है
प्रेमचंद
मन्नू भंडारी
स्वयं प्रकाश
ड्राइंग मास्टर का क्या नाम था -
मोती लाल
हालदार
मनोहर
मनोहरलाल
पहली बार हालदार साहब ने मूर्ति को ध्यान से क्यों देखा -
प्रतिमा तांबे की थी
मूर्ति का चश्मा असली था
प्रतिमा की नाक ठीक नहीं थी
मूर्ति लोहे की बनी थी
एक दिन पानवाला क्यों दुखी था -
कैप्टन के मर जाने पर
प्रतिमा हटाये जाने पर
पान न बिकने पर
हालदार साहब के आने पर
हालदार साहब ने ड्राइवर को पहले चौराहे पर गाड़ी रोकने के लिए मना किया था लेकिन बाद में तुरंत रोकने को कहा-क्यों
उन्हें कैप्टन चश्मे वाला नजर आया था
मूर्ति की आँखों पर उन्होंने गोगो चश्मा देखा था
मूर्ति की आँखों पर उन्होंने सरकंडे का चश्मा देखा था
उन्हें पान खाना था
मूर्ति पर सरकंडे का चश्मा क्या उम्मीद जगाता है?
कैप्टन चश्मे वाला बस्ती में लोगों के बीच में देशभक्ति का संचार करके गया था
लोगों में देशभक्ति की भावना खत्म नहीं हुई है
लोगों के पास साधनों की कमी हो सकती है, पर देशभक्ति की भावना की नहीं
उपर्युक्त सभी
वो लँगड़ा क्या जाएगा फ़ौज में। पागल है पागल!”
प्रस्तुत कथन का वक्ता और श्रोता कौन है?
वक्ता हालदार साहब , श्रोता कैप्टन चश्मे वाला
वक्ता कैप्टन चश्मे वाला, श्रोता हालदार साहब
वक्ता पानवाला, श्रोता हालदार साहब
वक्ता हालदार साहब , श्रोता पानवाला
सेनानी न होते हुए भी चश्मेवाले को लोग कैप्टन कहते थे - क्यों
उस में देशभक्ति की भावना कूट-कूट कर भरी थी
नेता जी की मूर्ति बिना चश्मे के वह नहीं देख सकता था
बिना चश्मे के नेता जी की मूर्ति उसे आहत करती थी
उपर्युक्त सभी
नेताजी का चश्मा कहानी में सुभाषचंद्र बोस जी की मूर्ति किस से बनी थी?
लोहा
संगमरमर
कंक्रीट
मिट्टी
हालदार साहब को कितने दिनों में कंपनी के काम से कस्बे से गुजरना पड़ता था।
चौदहवें दिन
पंद्रहवें दिन
हर ग्यारह दिन बाद
कुछ कह नहीं सकते।
गलत कथन चुनिए
कस्बे के इकलौते हाई स्कूल के इकलौते ड्राइंग मास्टर को यह काम दिया गया
महीने भर में मूर्ति बनाकर पटक देने का विश्वास दिलाया गया।
मूर्ति बनाने के लिए चित्रकार की भी सहायता ली गई।
मूर्ति संगमरमर की थी
मूर्ति में एक कमी थी।वह थी_
नेताजी की आंखों पर चश्मा था।
नेताजी की आंखों पर चश्मा नहीं था।
मूर्ति बहुत बड़ी थी।
नेताजी की मूर्ति में कोई कमी नहीं थी।
नेताजी से जुड़े दो नारे हैं
दिल्ली चलो,तुम मुझे खून दो मैं तुम्हे आजादी दूंगा।
इन्कलाब जिंदबाद
स्वराज्य मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है और मै उसे लेकर ही रहूंगा
जय जवान जाए किसान
पान वाले के बारे में क्या सही नहीं नहीं है?
वह काला मोटा और खुशमिजाज आदमी था
वह आंखों ही आंखों में हंसता था।
उसकी बत्तीसी लाल काली थी।
वह कैप्टन का बहुत सम्मान करता था।
हालदार साहब किस आदत से मजबुर थे?
जब भी चौराहा आता उनकी निगाहें नेताजी की मूर्ति की ओर उठ जाती।
उन्हें पान खाने की बुरी लत थी और वे पान वाले के आलवा किसी से भी पान खाना पसंद नहीं करते थे।
हालदार साहब बार बार नेताजी की मूर्ति के सामने खड़े होकर राष्ट्रगान गाते थे।
बातों को भूल जाने की आदत थी।
पानवाला उदास क्यों हो गया?
उसका पान नहीं बिक रहा था।
नेताजी की मूर्ति उसे अच्छी नहीं लगती थी।
नेताजी की आंखों पर चश्मा लगाने वाले कैप्टन की मृत्यु हो गई थी
उसकी तोंद अचानक से कम हो गई थी।
बच्चो द्वारा नेताजी की मूर्ति पर सरकंडे का चश्मा लगाना संदेश देता है कि
देश की भावी पीढ़ी में भी देशभक्ति की भावना है।
सभी देश वासियों को अपने मन में देश प्रेम और देश भक्ति को बहुत प्रबल रूप से समाए रखना है।
देश भक्ति समय आने पर स्वयं उमड़कर बाहर आ जाती है।
उपर्युक्त सभी।
मूर्तिकार का नाम था
मूर्तिकार मास्टर मोतिलाल
मूर्तिकार मास्टर मोतीलाल
मूर्ति कर मस्टर मोतीलाल
मूर्तिकार मास्टर मोटी लाल
मूर्ति की आंखों पर सरकंडे का चश्मा देखकर हालदार साहब ने क्या किया?
जीप नहीं रोकी
जीप से कूदकर तेज तेज कदमों से मूर्ति की तरफ लपके और उसके ठीक सामने जाकर अटेंशन में खड़े हो गए।
सरकंडे का चश्मा उतारकर नया चश्मा लगा दिया।
देखें और चले गए।
हालदार साहब की आंखें भर आती हैं क्योंकि
मूर्ति पर सरकंडे का चश्मा था।
उन्होंने सोचा कि कस्बे में अब भी देशभक्ति है।
देश की भावी पीढ़ी में भी अपने देशभ नेताओं के प्रति सम्मान का भाव है।
उपर्युक्त सभी।
नेताजी की मूर्ति लगी थी।
शहर के मुख्य बाजार के मुख्य चौराहे पर।
शहर की नगरपालिका के मुख्य चौराहे पर।
शहर के मुख्य बाजार की ओर जाने वाली सड़क पर
कह नहीं सकता।
हालदार साहब पान वाले से जानना चाहते थे
पान का दाम
पान वाले की तोंद कैसे इतनी बड़ी हो गई।
चश्मे वाले को लोग कैप्टन क्यों कहते हैं?
कल पान की दुकान खुली रहेगी या नहीं
कैप्टन चश्मे वाले के बारे में क्या सही नहीं है
एक बेहद बूढ़ा मरियाल सा आदमी
सिर पर गांधी टोपी पहनता है।
आंखों पर काला चश्मा लगता है।
पान वाले का मजाक उड़ाता है।
कितने साल तक हालदार साहब काम के सिल सिले में उस कस्बे से गुजरते रहे?
एक साल तक
दो साल तक
तीन साल तक
गुजरे ही नहीं,उसी कस्बे में रहने लगे।
कमसिन का अर्थ होगा
सुंदर
काम
कम अच्छा सीन
एक नाम।
पाठ में खुश मिजाज़ किस्से बताया गया है?
पानवाले को
हालदार साहब को
चित्रकार को
मास्टर को
नेताजी की मूर्ति की ऊँचाई कितनी थी?
4 फुट
3 फुट
2 फुट
10 फुट
इस कहानी का मुख्य विषय क्या है?
हास्य और करुणा
देश प्रेम
काम पर घटना
हालदार’ का शाब्दिक अर्थ क्या है?
हवलदार
पुलिस
मूर्ति
क़स्बा
’शासनावधि’ का शाब्दिक अर्थ क्या है?
नगरपालिका अधिकारी
शासन करने का समय
सिनेमाघर
अनुमान
