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Worksheetsभारत माँ के प्रश्न
Total questions: 25
Worksheet time: 1hrs 5mins
कलव लकसे प्रणाम कर रहे हैं ?
भारत माँ के हाथों में क्या है ?
आज माँ के साथ कौन है ?
सभी ओर क्या गूँज उठा है ?
भारत के रंग कैसे हैं ?
भारत भूलम के अंदर क्या-क्या भरा हुआ है ?
सुन्दर-सुंपलत्त,धन-धाम को माँ कैसे बाँधी रही है ?
जग के रूप को बदलने के लिए कलव लकससे लनवेदन करते हैं ?
’जय-लहंद ’ का नाद कहाँ-कहाँ पर गूँजना चाहिए ?
भारत माँ के प्रकृति-सौंदर्य का वर्णन कीजिए।
भारत माँ के प्रकृति-सौंदर्य का वर्णन कैसे है?
मातृभूमि का स्वरूप कैसे सुंदर है?
वसीयत : नाटक :: लेखिका : उपन्यास
शत-शत : लालकित :: हरे-भरे : शब्द समूह
बायीं हाथ में : न्याय पताका :: दाहिने हाथ में : ज्ञान दीप
हस्त : हाथ :: पताका : झंडा
बायें हाथ में : न्याय पताका :: दालहने हाथ में : ज्ञान दीप
हस्त : हाथ :: पताका : झंडा
मातृ-भूमि
भारतमाता के स्वरूप के बारे में वणयन करते हुए इस प्रकार कहते हैं लक “ भारतमाता के एक हाथ में न्याय-पताका है और दूसरे हाथ में ज्ञान-दीप है। वे मााँ से प्राथयना करते हैं, हे मााँ तू जग का रूप बदि दे। आज कोलि-कोलि िोग तुम्हारे साथ में हैं। सकि नगर और ग्राम में जय लहन्द का नाद गूँज उठे। हे मााँ तुम्हें शत-शत बार प्रणाम।”
हरे-भरे हैं िेत सुहाने, फि-फूिों से युत वन-उपवन, तेरे अंदर भरा हुआ है िलनजों का लकतना व्यापक धन। मुक्त-हस्त तूबाँि रही है सुि-संपलत्त, धन-धाम, मातृ-भूमि, शत-शत बार प्रणाम।
एक हाथ में इ.लकतना व्यापक उ.न्याय पताका
लकतना व्यापक
न्याय पताका
फि-फूिों से युत आ.आज साथ में अ.वन-उपवन
आज साथ में
वन-उपवन
कोलि-कोलि हम ई.शत-शत बार प्रणाम आ.आज साथ में
शत-शत बार प्रणाम
आज साथ में
तेरे उर में शालयत अ.वन-उपवन ऊ.गाँधी,बुद्ध और राम
वन-उपवन
गाँधी,बुद्ध और राम
