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Worksheetsहम पंछी उन्मुक्त गगन के - कक्षा 7 - 2024-25
Total questions: 15
Worksheet time: 8mins
पक्षी उन्मुक्त रहकर अपनी कौन-कौन सी इच्छाएँ पूरी करना चाहते हैं?
वे खुले आसमान में उड़ना चाहते हैं।
वे अपनी गति से उड़ान भरना चाहते हैं।
नदी-झरनों का बहता जल पीना चाहते हैं।
उपर्युक्त सभी
पक्षी उन्मुक्त रहकर अपनी कौन-कौन सी इच्छाएँ पूरी करना चाहते हैं?
क्षितिज से मिलना चाहते हैं।
नीम के पेड़ की कड़वी निबौरियाँ खाना चाहते हैं।
पेड़ की सब ऊँची फुनगी पर झूलना चाहते हैं।
वे आसमान में ऊँची उड़ान भरकर अनार के दानों रूपी तारों को चुगना चाहते हैं।
उपर्युक्त सभी
कनक तीलियों से टकराकर---------------- पंख टूट जाएंगे l
रिक्त स्थान की पूर्ति सही शब्द से कीजिए l
आलोकित
उच्चरित
पुलकित
आरोपित
हम-----------जल पीने वाले l
रिक्त स्थान की पूर्ति सही शब्द से कीजिए l
बहता
गिरता
रुकता
थमता
लेकिन पंख दिए हैं तो में -----------------विघ्न ना डालो l
रिक्त स्थान की पूर्ति सही शब्द से कीजिए l
बेचैन उड़ान
आकुल उड़ान
व्याकुल उड़ान
विकल उड़ान
चुगते------------ - अनार के दाने l
रिक्त स्थान की पूर्ति सही शब्द से कीजिए l
नक्षत्र
तारा
सितारा
तारक
तरु की ---------पर के झूले l
रिक्त स्थान की पूर्ति सही शब्द से कीजिए l
फुग्गारा
फव्वारा
फुनगी
फुलवारी
कहीं भली है ---------- निबौरी l
रिक्त स्थान की पूर्ति उचित शब्द से कीजिए l
कटहल
कंटक
कटुक
कटक
हम पंछी ----------------------गगन के l
रिक्त स्थान की पूर्ति सही शब्द से कीजिए l
अभियुक्त
उन्मुक्त
उन्मूलन
उल्लंघन
पक्षी कहाँ का जल पीना पसंद करते हैं?
नल का जल
नदी-झरनों का जल
पिंजरे में रखी कटोरी का जल
वर्षा का जल
बंधन किसका है?
स्वर्ण का
श्रृंखला का
स्वर्ण श्रृंखला का
मनुष्य का
लंबी उड़ान में क्या-क्या संभावनाएँ हो सकती थीं?
क्षितिज की सीमा मिल जाती
साँसों की डोरी तन जाती
ये दोनों बातें हो सकती थीं
कुछ नहीं होता
पक्षी क्यों व्यथित(दुखी) हैं?
क्योंकि वे बंधन में हैं।
क्योंकि वे आसमान की ऊँचाइयाँ छूने में असमर्थ हैं।
क्योंकि वे अनार के दानों रूपी तारों को चुगने में असमर्थ हैं।
उपर्युक्त सभी
पिंजरे में पक्षियों को क्या-क्या कष्ट है?
पिंजरे में पक्षी खुले आसमान में उड़ान नहीं भर सकते
नदी-झरनों का बहता जल नहीं पी सकते
कड़वी निबौरियाँ नहीं खा सकते,
अपने पंख नहीं फैला सकते,
उपर्युक्त सभी
निम्नलिखित वाक्यों में से एक कथन कविता का संदेश नहीं है -
स्वतंत्रता सर्वोपरि होता है l
स्वतंत्र व्यक्ति अपनी इच्छा से अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति कर सकता है, खा-पी सकता है, कहीं घूम – फिर सकता है तथा विचारों को अभिव्यक्त कर सकता है।
पक्षियों को स्वतंत्र रहने का अधिकार नहीं है l
अतः स्वतंत्रता को सँभालकर रखना हम सभी का दायित्व है।
गुलामी का जीवन कष्टमय होता है l
