Worksheetsवितराग विज्ञान पाठमाला - 1
Total questions: 44
Worksheet time: 22mins
देव स्तुति की रचना किसने की है?
पं टोडरमलजी ने
पं द्यानतरायजी ने
पं दौलतरामजी ने
पं बनारसीदासजी ने
अरहन्त भगवान के अनंत चतुष्टय में क्या शामिल है?
अनंत दर्शन
अनंत दुःख
समवशरण
भामण्डल
केवली भगवान कितने दोषो से रहित है?
16
15
22
18
मो उर यह निश्चय भयो आज _____________उतारन तुम जहाज ?
विस्मय
दुःख जलधि
मिथ्यात्व
कषाय
बहिरात्मा होता है-
सम्यग्दृष्टि
मिथ्यादृष्टि
मुनिराज
सिद्ध
तत्वार्थसूत्र ग्रंथ का दूसरा नाम क्या है?
न्याय दीपिका
अष्टपाहुड
मोक्षशास्त्र
मूलाचार
जघन्य अंतरात्मा कौन से गुणस्थानवर्ती होते है
पाँचवे
चौथे
बारहवे
पहले
संवर के बाद किस तत्व का नाम आता है?
जीव
अजीव
बंध
निर्जरा
पुण्य व पाप किसके अवांतर भेद है?
आस्त्रव -बंध
पुण्य -पाप
संवर-निर्जरा
जैनी श्रावकको इनमें से आवश्यक ( अवश्य करने योग्य) क्या है?
स्वाध्याय
भोजन
व्यापार
अभ्यास
गोम्मटसार जीवकांड ग्रन्थ के रचयिता है?
आचार्य पूज्यपाद
आचार्य अकलंक देव
आचार्य नेमिचंद्र
आचार्य उमास्वामी
_________________________गुरुपास्ति स्वाध्यायसंयमस्तपः १
देव पूजा
आहार
स्वाध्याय
स्नान
कर्म की कुल कितनी प्रकृतियाँ होती है?
148
149
100
89
पूजन के द्रव्य कितने होते है?
8
11
10
9
वेदनीय कर्म के कितने भेद है?
2
6
4
8
दर्शनावरणीय कर्म के कितने भेद है?
2
6
4
5
अकंपनाचार्य के साथ कितने मुनिराजो का संघ था?
700
110
100
900
अकंपनाचार्य आदि मुनिराजो पर घोर उपसर्ग किसने किया ?
बलि ने
जनता ने
श्रुतसागर मुनिने
पद्मराय ने
अकंपनाचार्य आदि मुनिराजो की रक्षा किसने की?
विष्णुकुमार ने
जनता ने
श्रुतसागर मुनि ने
पद्मराय ने
जम्बूस्वामी चरित्र के रचयिता है?
आचार्य उमास्वामी
पं. टोडरमलजी
पं बनारसीदासजी
पांडे राजमलजी
जम्बूकुमार के पिता का नाम क्या था?
सिद्धदास
अर्हद्दास
नटवरलाल
शंभूकुमार
जम्बूस्वामी कहाँसे मोक्ष पधारें?
गिरनार
जयपूर
मथुरा
आगरा
भावनाएँ कितनी होती हैं?
11
12
13
14
शुद्धातम अरु____________, जग में शरणो दोय ?.
पंचगुरु
सुख
जिनवाणी
मंदिर
शरीर की अपवित्रता का वर्णन किस भावना में आता है?
धर्म
अशुचि
नित्य
संसार
बारह भावना (दव्य रुप करि सर्व थिर) की रचना किसने की है?
पं टोडरमलजी ने
पं जयचंदजी छाबड़ाने
पं दौलतरामजी ने
पं बनारसीदासजी ने
पीवत पीयूष ज्यों रोग जाय, त्यों तुम--- भव नशाय ?
विस्मय
दुःख जलधि
अनुभवतें
उतारन
निम्न में से मुनिराज योगीन्दु का ग्रंथ है?
मोक्ष शास्त्र
योगसार
नियमसार
समयसार
अंतरात्मा होता हे -
सम्यग्दृष्टि
मिथ्यादृष्टि
मुनिराज
सिद्ध
संवर-निर्जरा पूर्वक ___________ तत्व की प्राप्ति होती है?
मोक्ष
अजीव
बंध
निर्जरा
शुद्धि की उत्पति -
संवर
अजीव
आस्रव
जीव
मोह राग द्वेष आदि विकारी भाव कोनसे तत्व मे आते हे ?
अजीव
संवर -निर्जरा
आस्रव-बंध
जीव
अंतराय कर्म के कितने भेद है?
2
5
4
8
गोत्र कर्म के कितने भेद होते है?
8
2
10
9
ज्ञानवरणीय कर्म के कितने भेद है?
2
6
5
8
सम्यकज्ञान की दुर्लभता का वर्णन किस भावना में आता है?
धर्म
अशुचि
बोधिदुर्लभ
संसार
शुद्धि की वृद्धि
संवर तत्व
निर्जरा तत्व
मोक्ष तत्व
जीव तत्व
शुद्धता की पूर्णता
मोक्ष तत्व
निर्जरा तत्व
जीव तत्व
संवर तत्व
छोडनेलायक (हेय )तत्व
आस्त्रव -बंध
पुण्य -पाप
मोह-राग-द्वेष आदि विकारी आस्त्रव भाव
सभी विकल्प सही हे
एकदेश प्रगट करने योग्य उपादेय तत्व
संवर-निर्जरा
मोक्ष
जीव
पुण्य
पूर्ण प्रगट करने योग्य (सर्वथा) उपादेय तत्व
मोक्ष
संवर
निर्जरा
पुण्य
हेय -ज्ञेय और उपादेय तत्व मे से मात्र ज्ञेय (जानने लायक) तत्व कोन हे ?
अजीव
आस्त्रव
संवर
बंध
मोहनीय कर्म के कितने भेद हैं
२
३
४
५
आश्रय करने योग्य उपादेय तत्व
जीव
संवर
निर्जरा
मोक्ष
