Worksheetsकक्षा ६ पाठ ३ हार की जीत
Total questions: 46
Worksheet time: 32mins
बाबा भारती को किसको देखकर आनंद आता है?
घोड़ा
खेत
माँ
भगवान
खड्गसिंह ने बाबा भारती के पास क्यों आने का फैसला किया?
(i) पैसा मांगने
(ii) सुल्तान देखने
भजन करने
खेतों में काम करने
खड्गसिंह ने घोड़े की कौन सी विशेषता की प्रशंसा की?
(i) उसकी उम्र
(ii) उसकी चाल
(iii) उसका रंग
(iv) उसकी ताकत
खड्गसिंह ने घोड़े को देखकर क्या निर्णय लिया?
(i) खरीदने का
(ii) चुराने का
(iii) घोड़े को देखने का
(iv) घोड़े की प्रशंसा करने का
बाबा भारती ने खड्गसिंह से क्या प्रार्थना की?
(i) घोड़े को ले जाने के लिए
(ii) घटना को किसी को न बताने के लिए
(iii) पैसे देने के लिए
(iv) गाँव छोड़ने के लिए
बाबा भारती अपने घोड़े को किस नाम से पुकारते थे ?
शेर
राजा
बादल
सुल्तान
खड़गसिंह कौन था ?
किसान
डाकू
सैनिक
व्यापारी
बाबा भारती का घोडा चुराने के बाद खड़गसिंह ने क्या महसूस किया ?
संतोष
डर
ख़ुशी
पश्चाताप
खड़क सिंह ने सुल्तान को देखकर क्या सोचा?
यह घोड़ा उसके पास होना चाहिए
यह घोडा बेच देना चाहिए
वह घोड़ा बाबा भारती के पास रहना चाहिए
यह घोड़ा बहुत साधारण है
खड़क सिंह ने घोड़ा चुराने के बाद उसे कहां बांधा?
जंगल में
बाबा भारती के अस्तबल में
अपने घर में
नदी के पास
बाबा भारती ने अपने घोड़े का नाम क्यों न लेने को कहा था ?
उसे बेचने के लिए
उसे छुपाने के लिए
घटना को छुपाने के लिए
डराने के लिए
खड्गसिंह से बाबा भारती ने क्या प्रार्थना की थी?
बाबा भारती ने घटना को छुपाने की प्रार्थना की थी
खड्ग सिंह को विश्वास था कि बाबा भारती उसे माफ करेंगे
बाबा भारती ने उसे डराया था
उसे डर था की बाबा भारती नाराज होंगे
बाबा भारती का सुल्तान घोड़ा क्यों खास था ?
वह बहुत महंगा था
वह बहुत तेज दौड़ता था
वह बहुत शांत स्वभाव का था
वह बहुत सुंदर और बलवान था
खड्ग सिंह ने किस प्रकार की बाहुबल का प्रयोग किया था
प्रेम
दोस्ती
नम्रता
बेरहमी
खड़क सिंह ने बाबा भारती से क्या प्रार्थना की थी ?
उसे घोड़ा बेचने की
उसे घोड़े की चाल दिखाने की
उसे घोड़े की देखभाल करने की
उसे घोड़ा देने की
बाबा भारती के शब्द खड़क सिंह के कानों में कैसे गूंज रहे थे
स्पष्ट
धुंधले
मध्यम
लगातार
बाबा भारती किस जानवर को बहुत खास मानते थे
बैल
ऊंट
घोड़ा
हाथी
बाबा भारती के घोड़े के प्रति प्रेम को देखकर खड्गसिंह ने क्या सीखा
चोरी करना
मदद करना
विश्वास का महत्व
झूठ बोलना
खड्गसिंह ने घोड़ा लौटाने के बाद क्या किया?
पश्चाताप के आंसू लेकर वहां से चला गया
गांव छोड़ दिया
घोड़ा बेच दिया
बाबा भारती का मंदिर तोड़ दिया
बाबा भारती खड्ग सिंह को क्यों माफ किया ?
क्योंकि खड्ग सिंह ने घोड़े की देखभाल की
क्योंकि खड्ग सिंह ने उसकी मदद की थी
क्योंकि खड्ग सिंह ने सच्चाई को स्वीकार किया
क्योंकि खड्ग सिंह ने गरीबों की मदद की
बाबा भारती ने अपने घोड़े से क्या कहा?
अब तुम मेरे नहीं रहे
मैं तुम्हें कभी नहीं भूलूंगा
अब कोई गरीबों की सहायता से मुंह ना मोड़ेगा
तुम बहुत अच्छे हो
बाबा भारती किस समय घोड़े के साथ घूमने जाते थे ?
शाम
सुबह
दोपहर
रात
घोड़ों के रहने की जगह - वाक्यांश के लिए एक शब्द चुनिए -
गौशाला
अस्तबल
पाठशाला
बाबा भारती --------- बात--------खड्गसिंह -------- गहरा असर पड़ा। उचित कारक शब्द
ने ,पर ,का
से ,का ,पर
की, का ,पर
'प्रशंसा' का विलोम शब्द चुनिए -
निंदा
खुशी
गुण
भलाई
खड़गसिंह ने घोड़ा लेने के लिए किसका रूप धारण किया ?
अपाहिज का
साधु का
बच्चे का
महिला का
सही शब्द चुनिए-
प्रमात्मा
परमात्मा
परमत्मा
परम्आत्मा
सही शब्द चुनिए-
आपाहिज
अपाहिज़
अपाहिज
अपाहीज
हृदय पर साँप लोटना का अर्थ क्या है?
डर जाना
ईर्ष्या करना
दर्द होना
सांप काटना
जिक्र का क्या अर्थ है?
समाचार पढ़ना
चर्चा करना
भाषण देना
गीत गाना
यह घोड़ा आप----- पास रहने न दूँगा।
का
की
के
बाबा भारती भी मनुष्य ही थे इस कथन के समर्थन में लेखक ने कौन सा तर्क दिया है ?
बाबा भारती ने डाकू को घमंड से घोड़ा दिखाया
बाबा भारती घोड़े की प्रशंसा दूसरों से सुनने के लिए व्याकुल थे।
बाबा भारती को घोड़े से अत्यधिक लगाव और मोह था।
बाबा भारती हर पल घोड़े की रखवाली करते रहते थे
सुल्तान के छीने जाने का बाबा भारती पर क्या प्रभाव पड़ा ?
बाबा भारती ने द्वार बंद करना छोड़ दिया
बाबा भारती ने गरीबों की सहायता करना बंद कर दिया
बाबा भारती के मन से चोरी का डर समाप्त हो गया
बाबा भारतीय असावधान हो गए
मुहावरे का अर्थ बताइए
लट्टू होना
लालच आना
किसी वस्तु पर बहुत अधिक मुग्ध हो जाना
खिल जाना
गुस्सा होना
न्योछावर कर देना
लेना भागना
छीनना
समर्पित करना
बाबा भारती का वास्तविक भय क्या था?
घोड़ा खोने का
मंदिर खोने का
डाकू का हमला
समाज से विश्वास उठने का
खड़क सिंह सुल्तान को किस समय लौट आया?
सुबह के उजाले में
शाम की ठंडी हवा में
रात के अंधेरे में
दोपहर की गर्मी में
रिक्त स्थान भरिए
बाबा भारती का घोड़ा अत्यधिक ............. और ........................ था, जिसे देखकर खड़क सिंह भी चकित हो गया |
सुंदर बलवान
सुंदर काला
बलवान गुस्सेवाला
क्रोधी बदसूरत
बाबा भारती घोड़े की चाल को .......................... की तरह मानते थे |
अप्सराकी तरह
हाथी की चाल की तरह
मोर के नृत्य की तरह
लड़की की चाल की तरह
खड़क सिंह ने बिना किसी योजना के बाबा भारती का घोड़ा छीन लिया |
सत्य
असत्य
बाबा भारती का घोड़ा काले रंग का था |
असत्य
सत्य
बाबा भारती ने खड़क सिंह से उसे घटना को किसी के सामने ना प्रकट करने की प्रार्थना की |
सत्य
असत्य
प्रसिद्ध शब्द में उपसर्ग व मूल शब्द है।
प्र+ द्ध
पर+ सिद्ध
प्रसि + द्ध
प्र + सिद्ध
अपाहिज ने स्वयं को किसका सौतेला भाई बताया
सुल्तान का
दुर्गा दत्त वैद्य का
खड्ग सिंह का
दुर्गा दास का
बाबा भारती कहां रहते थे ?
अस्तबल में
घर में
मंदिर में
महल में
संध्या का समय था। बाबा भारती सुल्तान की पीठ पर सवार होकर घूमने जा रहे थे। इस समय उनकी आंखों में चमक थी मुख पर प्रसन्नता। कभी घोड़े के शरीर को देखते कभी उसके रंग और कभी मन में फूल न समाते थे। सहसा एक और अचानक आवाज आई, ओ बाबा इस कांग्ले की सुनते जाना आवाज में करुणा थी। बाबा ने घोड़े को रोक लिया देखा , एक अपाहिज वृक्ष की छाया में पड़ा कराह रहा है । बोले , क्यों तुम्हें क्या कष्ट है? अपाहिज ने हाथ जोड़कर कहा, बाबा मैं दुखियारा रहा हूं ।मुझ पर दया करो। राम वाला यहां से तीन मील दूर है। मुझे वहां जाना है। घोड़े पर चढ़ा लो परमात्मा भला करेगा। वहां तुम्हारा कौन है? दुर्गा दत्त वैद्य का नाम आपने सुना होगा। मैं उनका सौतेला भाई हूं। बाबा भारती ने घोड़े से उतरकर अपाहिज को घोड़े पर सवार किया और स्वयं उसकी लगाम पड़कर धीरे-धीरे चलने लगे । सहसा उन्हें एक झटका सा लगा और लगाम हाथ से छूट गई। उनके आश्चर्य का ठिकाना ना रहा ।जब उन्होंने देखा कि अपाहिज घोड़े की पीठ पर तनकर बैठा है और घोड़े को दौड़ाए लिए जा रहा है ।उनके मुख से भय, विस्मय और निराशा से मिली हुई चीख निकल गई । वह अपाहिज डाकू खड्ग सिंह था।
अपाहिज ने स्वयं को किसका सौतेला भाई बताया?
दुर्गादत्त वैद्य का
खड्ग सिंह का
सुल्तान का
दुर्गादास का
बाबा भारती किस पर बैठकर घूमने जा रहे थे?
हाथी पर
बैलगाड़ी पर
घोड़े की पीठ पर
गधे पर
सहसा एक और से आई आवाज में क्या थी?
करुणा
गुस्सा
आनंद
उत्सुकता
सहसा का अर्थ
अचानक
कभी कभी
लगातार
आश्चर्य का ठिकाना न रहने मुहावरे का अर्थ
मान जाना
हैरान रह जाना
देखते रह जाना
फूला न समाना का अर्थ
पागल बनाना
फूल जाना
बहुत ज्यादा खुश होना
डाकू कैसा था?
गूंगा
अपाहिज
बहरा
इस गद्यांश में कौन से मुहावरे का प्रयोग हुआ है।
आश्चर्य का ठिकाना न रहना
नौ दो ग्यारह होना
फूला न समाना
सांप लोट जाना
