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Worksheetsवसंत - PT-1
Total questions: 40
Worksheet time: 20mins
1. बदलू रोज़ लगभग कितनी लाख की चूड़ियाँ बना लिया करता था?
पाँच-सात जोड़े
चार-छह जोड़े
तीन-चार जोड़े
दस-बारह जोड़े
बेलन पर चढ़ी चूड़ियों को वह इस प्रकार देखता मानो वह बेलन ना होकर ............
किसी सुंदर स्त्री की कलाई हो
सुंदर सजा हुआ हाथ हो
किसी नववधू की कलाई हो.
रज्जो की सुंदर कलाई हो
लेखक के पहुँचते ही बदलू उसके लिए क्या मँगवाता था?
गरम दूध
मचिया
रसीले आम
ताज़ी मलाई
ज़मींदार साहब अपनी बेटी के लिए बनाए जोड़े की क्या कीमत दे रहे थे?
केवल दस आने
केवल सात आने
केवल पाँच आने
केवल पंद्रह आने
इस कहानी से आपको क्या प्रेरणा मिलती है?
परिस्तिथियों के अनुसार आसानी से बदल जाना
प्रतिकूलतम परिस्तिथियों में भी आदर्शों पर अडिग रहना
परिस्तिथियों को अपने अनुसार बदलने का प्रयास
उपर्युक्त सभी
लेखक कई वर्षों तक बदलू से क्यों नहीं मिल पाया?
क्योंकि वह गाँव आया ही नहीं
क्योंकि अब वह बच्चा नहीं रहा
क्योंकि उसके पिताजी का तबादला हो गया
मामा ने दूसरे गाँव में घर बना लिया
लाख की चूड़ियाँ बनाने के लिए बदलू किसका प्रयोग करता था?
मोम (Wax) का
मचिए का
बेलननुमा मुंगेरियों का
बेलनों का
बदलू चूड़ियों को किस प्रकार बेचता था?
पैसे लेकर
वस्तु-विनिमय अपनाकर
अनाज लेकर
कपड़े लेकर
जब लेखक बड़ा हो गया तो उसे किस बात में रुचि नहीं रही?
बदलू से मिलने में
लाख की गोलियों में
गाँव आने में
इनमें से कोई नहीं
बदलू का पैतृक व्यवसाय ठप्प क्यों हो गया?
उसके ज़िद्दी स्वभाव के कारण
काँच की चूड़ियों के बढ़ते प्रचलन के कारण
उसकी आर्थिक स्तिथि खराब होने के कारण
शारीरिक रूप से कमज़ोर होने के कारण
इस पाठ के लेखक कौन हैं?
(a) भगवती चरण वर्मा
(b) राम दरश मित्र
(c) कामतानाथ
(d) हरिशंकर परसाई
उस बस में कंपनी के कौन सवार थे?
(a) चौकीदार
(b) हिस्सेदार
(c) दावेदार
(d) इनमें से कोई नहीं
इस पाठ में गांधी जी के किस आंदोलन का उल्लेख है?
(a) असहयोग आंदोलन
(b) सविनय अवज्ञा आंदोलन
(c) उपर्युक्त दोनों
(d) इनमें से कोई नहीं
लेखक हरे-भरे पेड़ों को क्या समझता था?
(a) जीवनदाता
(b) मित्र
(c) शत्रु
(d) शुभचिंतक
कौन सी समस्या सबसे पहले बस में हुई?
टायर पंचर
पेट्रोल टैंक में छेद
ऊपर के दोनों
इनमे से कोई भी नहीं
लोगो ने लेखक को क्या सलाह दी ?
शाम की बस से न जाए।
कही न जाए।
शाम की बस से ही जाए।
अगले दिन जाऐ।
बस के स्टार्ट होते ही लेखक को क्या प्रतीत हुआ ?
कुछ नहीं।
बस चल पडी।
बस हिलने लगी।
जैसे पूरी बस ही इंजन हो।
लेखक को पेड़ो से डर क्यो लग रहा था ?
क्योकि पेड़ बडे थे।
क्योकि पेड़ डरावने थे।
क्योकि पेड़ो पर पत्ते नहीं थे।
क्योकि लेखक को लग रहा था की बस पेड़ो से टकरा जाएगी।
लेखक ने किस की तरफ श्रद्धाभाव से देखा?
दोस्त की तरफ
बस की तरफ
डॅाकटर की तरफ
हिस्सेदार की तरफ
पुलिया के ऊपर पहुंचते ही ..........
बस जोर से पुलिया पार कर गई।
एक टायर फिस्स करके बैठ गया और बस जोर से हिलकर थम गई
एक टायर फिस्स करके बैठ गया
बस पुलिया पर रुक गई।
चिंता जाती रही,हंसी मजाक चालू हो गया क्योंकि
पृथ्वी पर उनकी अब कोई मंजिल ना रह गई थी।
उन सबकी,बेताबी,तनाव खत्म हो गए थे।
सब बड़े इत्मीनान से घर की तरह बैठ गए।
उपर्युक्त सभी।
वह महान आदमी आ रहा है जिसने एक टायर के लिए प्राण दे दिए।मर गया पर टायर नहीं बदला__यह किसके लिए कहा गया है?
लेखक के लिए
कम्पनी के हिस्सेदार के लिए
बस के ड्राइवर के लिए
बस कम्पनी के मालिक भी उसी बस में सफर कर रहे थे उनके लिए कहा गया है।
कुल कितने लोग शाम की बस से यात्रा करने वाले थे?
(a) तीन
(b) चार
(c) पाँच
(d) छह
लेखक और उसके मित्रों को
पन्ना से सतना जाना था।
सतना से पन्ना जाकर जबलपुर के लिए ट्रेन पकड़नी थी।
पन्ना से सतना जाकर जबलपुर के लिए ट्रेन पकड़नी थी।
कह नहीं सकते कि क्या करना था।
यह बस कहाँ की ट्रेन मिला देती है?
(a) सतना की
(b) पन्ना की
(c) जबलपुर की
(d) भोपाल की
‘समझदार आदमी’ रेखांकित शब्द क्या है?
(a) संज्ञा
(b) सर्वनाम
(c) क्रिया
(d) विशेषण
लेखक के मन में बस को देखकर कैसा भाव उमड़ा?
प्रेम
श्रद्धा
दया
इनमें से कोई नहीं
" निकल जाओ, बेटी ! अपनी तो वह उम्र ही नहीं रही।" यह वाक्य किस के लिए कहा गया है ?
वृद्धा बस के लिये
कंपनी के हिस्सेदार के लिये
डॉकटर मित्र के लिये
कंडक्टर के लिये
झील देखकर लेखक को लगता था कि
वाह कितनी सुंदर झील है।
इसमें बस गोता लगा जाएगी।
इस झील में कितनी मछलियां होंगी
न जाने और कितनी झीलें अभी रास्ते में आने वाली हैं।
प्रस्तुत पाठ किस शैली में लिखा गया है?
डायरी
व्यंग्य
कहानी
कविता
'दीवानों की हस्ती' कविता के कवि का क्या नाम है ?
सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला'
हरिशंकर परसाई
भगवती चरण वर्मा
रामधारी सिह दिनकर
'दीवानों की हस्ती' कविता से आपको क्या संदेश मिला है?
एक स्थान पर रुककर रहो
अभावों मे भी मस्त रहो
अपनी पहचान बनाओ
सुख-दुख को एक समान मत मानो
दीवाने किस बारे में प्रश्न करने से मना कर रहे हैं?
उनकी पहचान के बारे में
कैसे आए कहाँ चले
धूल उड़ाते कहाँ चले
उन्हें अब किस ओर जाना है
दीवाने सुख-दुख के बारे में कैसा दृष्टिकोण रखते हैं?
आशावादी
निराशावादी
समदर्शिता
इनमें से कोई नहीं
दीवानों के जाने पर लोगों की आँखों में आँसू क्यों आ जाते हैं?
सुख-दुख बाँटने के कारण
दीवानों के प्रति कृतज्ञता के कारण
आत्मीय संबंध बन जाने के कारण
दीवानों के समर्पण के कारण
सुख-दुख को छककर पीने से कवि का क्या तात्पर्य है?
जी भर कर पीना
एक-सा मानकर झेलना
अंतर करते हुए झेलना
छाँटकर पीना
दीवानों का स्वभाव कैसा है?
फाकामस्ती वाला
मस्तमौला जैसा
संवेदनशील
उपरोक्त सभी
भिखमंगों की दुनिया में दीवाने स्वछंदता से क्या लुटा रहे हैं?
अपनी धन-संपत्ति
सकारात्मक दृष्टिकोण
अपना असीम प्रेम
मस्तमौलपन
कविता के अंत में दीवाने किन भावों की अभिव्यक्ति कर रहे हैं?
वसुधैव कुटुंबकम
सांसारिक विरक्ति
शुभकामनाएँ
उपरोक्त सभी
दीवाने अपने साथ क्या लेकर चलते हैं?
उड़ती हुई धूल
मस्ती का आलम
बीती हुई यादें
प्रभावशाली व्यक्तित्व
