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Worksheets8th लाख, बस, दीवानों
Total questions: 30
Worksheet time: 11mins
बदलू कहां का रहने वाला था ?
लेखक के गांव का
लेखक के पड़ोस का गांव का
लेखक के मामा के गांव का
इनमें से कोई नहीं
लेखक बदलू को 'बदलू काका ' क्यों कहता था
क्योंकि वह लेखक के गांव का था
क्योंकि गांव के बच्चे उसे बदलू काका ही कहते थे
क्योंकि वह इसी नाम से खुश होता था
क्योंकि वह लेखक का चाचा था
लाख की चूड़ियां बनाने के लिए बदलू किसका प्रयोग करता था?
मोम का
गोल बांस का
बेलननुमा मुंगेरियों का
लकड़ी की कटोरिया
इस पाठ में किस मुख्य समस्या की ओर इशारा किया गया है
मशीनीकरण के कारण बेरोजगारी
मशीनीकरण के कारण रोजगार
आयात और निर्यात
इनमें से कोई नहीं
बदलू ने लाख की चूड़ियों का अंतिम जोड़ा कब बनाया था
लेखक के मामा की बेटी के विवाह पर
जमीदार की बेटी के विवाह पर
अपनी बेटी के विवाह पर
शुरुआत में
वस्तु विनिमय क्या है
आदान प्रदान करना
आयात निर्यात करना
बेचना
इनमें से कोई नहीं
बदलू को किस से सबसे ज्यादा चिढ़ थी
लाख की चूड़ियों से
कांच की चूड़ियों से
मशीनों से
इनमें से कोई नहीं
बदलू कौन था?
लोहार
सुनार
मनिहार
बढ़ई
मामा की छोटी लड़की को क्या हो गया?
वह आँगन में फिसलकर गिर गई थी
काँच की चूड़ी टूटकर उसकी कलाई में घुस गई
उसके हाथ से खून बहने लगा
उपर्युक्त सभी।
'बस की यात्रा' में बस कैसी थी ?
जवान
प्रौढ़
वयोवृद्ध
कोई नहीं
'बस की यात्रा' में गांधीजी के किस आंदोलन का उल्लेख है ?
असहयोग आंदोलन
सविनय अवज्ञा आंदोलन
उपर्युक्त दोनों
इनमें से कोई नहीं
लेखक एवं उनके साथियों को कहाँ की ट्रेन पकड़नी थी ?
सतना
ग्वालियर
भोपाल
जबलपुर
लेखक एवं उनके मित्रों को लोगों ने क्या सलाह दी ?
शाम वाली बस से सफर करना ठीक नहीं है
आज यहीं रुक जाना चाहिए
कल सुबह बस पकड़ कर जाना चाहिए
यहीं से ट्रेन पकड़ना चाहिए
लेखक ने बस के बारें में क्या व्यंग्य किया ?
बस वयोवृद्ध है
यह पूजा के योग्य है
यह श्रद्धा के योग्य है
उपर्युक्त सभी
इस पाठ के लेखक कौन हैं?
(a) भगवती चरण वर्मा
(b) राम दरश मित्र
(c) कामतानाथ
(d) हरिशंकर परसाई
लेखक को पेड़ो से डर क्यो लग रहा था ?
क्योकि पेड़ बडे थे।
क्योकि पेड़ डरावने थे।
क्योकि पेड़ो पर पत्ते नहीं थे।
क्योकि लेखक को लग रहा था की बस पेड़ो से टकरा जाएगी।
पुलिया के ऊपर पहुंचते ही ..........
बस जोर से पुलिया पार कर गई।
एक टायर फिस्स करके बैठ गया और बस जोर से हिलकर थम गई
एक टायर फिस्स करके बैठ गया
बस पुलिया पर रुक गई।
चिंता जाती रही,हंसी मजाक चालू हो गया क्योंकि
पृथ्वी पर उनकी अब कोई मंजिल ना रह गई थी।
उन सबकी,बेताबी,तनाव खत्म हो गए थे।
सब बड़े इत्मीनान से घर की तरह बैठ गए।
उपर्युक्त सभी।
'दीवानों की हस्ती' कविता के कवि का क्या नाम है ?
सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला'
हरिशंकर परसाई
भगवती चरण वर्मा
रामधारी सिह दिनकर
'दीवानों की हस्ती' कविता से आपको क्या संदेश मिला है?
एक स्थान पर रुककर रहो
अभावों मे भी मस्त रहो
अपनी पहचान बनाओ
सुख-दुख को एक समान मत मानो
दीवानों के जाने पर लोगों की आँखों में आँसू क्यों आ जाते हैं?
सुख-दुख बाँटने के कारण
दीवानों के प्रति कृतज्ञता के कारण
आत्मीय संबंध बन जाने के कारण
दीवानों के समर्पण के कारण
भिखमंगों की दुनिया में दीवाने स्वछंदता से क्या लुटा रहे हैं?
अपनी धन-संपत्ति
सकारात्मक दृष्टिकोण
अपना असीम प्रेम
मस्तमौलपन
कविता के अंत में दीवाने किन भावों की अभिव्यक्ति कर रहे हैं?
वसुधैव कुटुंबकम
सांसारिक विरक्ति
शुभकामनाएँ
उपरोक्त सभी
दीवानों का स्वभाव कैसा है?
फाकामस्ती वाला
मस्तमौला जैसा
संवेदनशील
उपरोक्त सभी
दीवाने किस रूप में आए हैं ?
धूल के
हवा के
उल्लास के
आँसू के
दीवाने क्या पूछने को मना करते हैं?
वे किस ओर जा रहे हैं?
वे क्या कर रहे हैं?
वे कब जाएंगे?
वे किधर जाएंगे
दीवानों ने किसे एक भाग से ग्रहण किया?
सुखो को
दुखों को
कष्टों को
सुख-दुख को
दीवानों पर किस चीज का भार है?
असफलता का
सफलता का
सुखों का
दुख का
बदलू की बेटी का नाम था?
अज्जू
रज्जो
धन्नो
राजो
बस की यात्रा पाठ से हमें पता चलता है?
मनुष्य की स्वार्थी वृत्ति
घमंड स्वभाव
अमीरी की आदत
जलन की भावना
