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Worksheetsपर्वत कहता (कविता)
Total questions: 10
Worksheet time: 5mins
कविता की पंक्तिया पूरी करो।
पर्वत कहता शीश उठाकर _____________
तुम भी ऊँचे बन जाओ।
तुम भी छोटे बन जाओ
शीश उठाकर
कविता की पंक्ती पूरी करो।
सागर कहता है लहराकर _____________
बन जाओ।
मन में गहराई लाओ।
मन में प्यार लाओ।
कविता की पंक्ती पूरी करो।
समझ रहे हो क्या कहती है _____________
शीश उठाकर।
तुम भी ऊँचे बन जाओ।
उठ-उठ, गिर-गिर तरल तरंग।
कविता की पंक्ती पूरी करो।
भर लो, भर लो अपने मन में _____________
मीठी-मीठी मृदुल उमंग।
प्यारी-प्यारी मृदुल उमंग।
सागर लाओ।
कविता की पंक्ती पूरी करो।
धरती कहती धैर्य ना छोड़ो _____________
कितना ही हो सिर पर भार।
कितना भी हो कोई काम
भर लो भर लो अपने मन में।
कविता की पंक्ती पूरी करो।
नभ कहता है फैलो इतना _____________
सब हो जाओ तैयार।
ढक लो तुम सारा संसार
कितना ही हि सिर पर भार।
शीश शब्द का अर्थ _____________
सिर ।
तन
धरती
मृदुल शब्द का अर्थ _____________
मस्तक
कोमल
माथा
नभ शब्द का अर्थ _____________
चंचल
धरती
आकाश
उमंग शब्द का अर्थ _____________
मुलायम
लहर
उत्साह
