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Worksheetsभगवान के डाकिए और यह सबसे कठिन समय नहीं
Total questions: 39
Worksheet time: 16mins
भगवान के डाकिए कौन है ?
मनुष्य
पक्षी और बादल
महादेश
चिट्ठियां
एक देश की धरती दूसरे देश को क्या भेजती है ?
उपहार
संदेश
चिट्ठी
सुगंध
भगवान के संदेशों को पढ़ पाने में कौन समर्थ नहीं है ?
नदी
पक्षी
बादल
मनुष्य
भगवान के डाकिए कविता के रचयिता कौन है ?
रामधारी सिंह दिनकर
जया जादवानी
शिवमंगल सिंह सुमन
हजारी प्रसाद द्विवेदी
पक्षी और बादल द्वारा लाई गई चिट्ठियों को कौन-कौन पढ़ पाते हैं ?
डाकिए
बादल
मनुष्य
पेड़ पौधे पानी और पहाड़
पहाड़ शब्द का पर्यायवाची है
पर्वत
धरा
नदी
पेड़
सुगंध शब्द का विलोम है ?
खुशबू
दुर्गंध
महक
सौरभ
एक देश का भाप दूसरे देश पर क्या बनकर गिरता है ?
बर्फ़
पानी
ओस
बिजली
प्रस्तुत कविता के माध्यम से कवि ने क्या संदेश दिया है ?
प्रेम एकता एवं भाईचारे का संदेश
सीमाओं में बंधे रहना
स्वार्थ की भावना बढ़ावा को देना
अपने हितों की पूर्ति करना
हवा में क्या तैरते हैं ?
पक्षी
धूल
फूल
सौरभ
आँकने का क्या अर्थ है
देखना
नापना तोलना
आँखें दिखाना
तराजू लाना
भगवान के द्वारा भेजा गया संदेश हम क्यों नहीं समझ पाते
क्योंकि हम प्रकृति के साथ रहते हैं
क्योंकि हम प्रकृति से दूर हो गए हैं
क्योंकि हम पक्षी और बादल को डाकिया नहीं मानते हैं
क्योंकि हम पेड़ पौधे पानी और पहाड़ नहीं है।
बाँचना का क्या अर्थ है
पढ़ना
बढ़ाना
बचना
बचाना
एक देश का भाप दूसरे देश में क्या बन कर गिरता है
बादल
पानी
सुगंध
हवा
भगवान के डाकियों द्वारा लाई गई चिट्ठियों में क्या संदेश छिपा हो सकता है?
प्रेम
समानता
एकता का संदेश
ये सभी।
एक देश की धरती दूसरे देश को सुगंध कैसे भेजती है?
पक्षियों के पंखों के माध्यम से
बहते हुए पानी के माध्यम से
बादलों के माध्यम से
पता नहीं कैसे
एक देश की धरती दूसरे देश को सुगंध भेजती है। इसका मतलब होगा
प्रकृति किसी प्रकार का भेदभाव नहीं करती
प्रकृति प्रेम प्यार एकता का संदेश सभी देशों को भिजवाती है
एक देश अपने प्रेम प्यार के संदेश को पक्षियों के पंखों के माध्यम से दूसरे देश को भेजता है
ये सभी
डाकिए का पर्यायवाची हो सकता है ?
भारवाहक
संदेशवाहक
जनवाहक
सामानवाहक
धरती का पर्यायवाची होगा
बादल
भूमि
पानी
सौरभ
यह सबसे कठिन समय नहीं’ कविता की रचना निम्नलिखित में से किसके द्वारा की गई है?
सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला'
रामधारी सिंह 'दिनकर'
जया जादवानी
कबीरदास
यह सबसे कठिन समय नहीं’ कविता में कवयित्री का कौन-सा दृष्टिकोण प्रकट हुआ है
आशावादी
निराशावादी
रूढि़वादी
परंपरावादी
चिड़िया चोंच में तिनका दबाए किसकी तैयारी में है?
घोसले में जाने की तैयारी में
उड़ने की तैयारी में
बच्चे के पास जाने की तैयारी में
बच्चे को ढूंढने जाने की तैयारी में
निम्नलिखित में से एक हाथ किसे थामने को बैठा है
पुरस्कार को
मेहनत के फल को
गिरते हुए फल को
गिरती हुई पत्तीको
कविता के अनुसार स्टेशन पर अभी भी क्या है
दूसरी रेलगाड़ियां
ढेर सारा सामान
भीड़
इनमें से कोई नहीं
कविता में नानी जो कहानी सुनाती है उसके आखिरी हिस्से में बस कहां से आती है ?
सागर के पार की दुनिया से
पर्वत के पार की दुनिया से
नदी के पार की दुनिया से
अंतरिक्ष के पार की दुनिया से
बस किन की खबर लाती है ?कविता के आधार पर बताइए-
शहर जाने वालों की
अंतरिक्ष में बचे हुए लोगों की
युद्ध में बचे हुए लोगों की
शहर में बचे हुए लोगों की
बूढ़ी नानी द्वारा सुनाई जाने वाली कहानी का आखरी हिस्सा किस तरह का होता है ?
कष्टप्रद
शिक्षाप्रद
हास्यप्रद
ये सभी
कविता में विभिन्न उदाहरणों के माध्यम से कवयित्री क्या कहना चाहती है ?
जीवन में सब कुछ समाप्त हो चुका है
जीवन की आशा अभी भी शेष है
इससे बुरा समय हो ही नहीं सकता
इनमें से कोई नहीं
कोई अपने प्रिय जन के लिए चिंतित हो रहा है और वह कहता है कि आ जाओ क्योंकि -
सूरज डूबने का समय हो गया है
ऑफिस जाने का समय हो गया है
खाना खाने का समय हो गया है
सूरज निकलने का समय हो गया है
क्या यह सबसे कठिन समय है
हां
नहीं
पता नहीं
चिड़िया की चोंच में क्या है?
कीड़ा
धागा
तिनका
लोग अपने गंतव्य स्थान तक कैसे जाते हैं
रेलगाड़ी से
घोड़ा गाड़ी से
हवाई जहाज से
तिनका कहाँ है?
पानी में
ज़मीन में
चिड़िया के चोंच में
पेड़ पर
कहानी के अंतिम हिस्से को महत्व क्यों दिया गया है?
नयापन होने के कारण
सकारात्मक सोच के कारण
दया भाव के कारण
कविता में अपनी बात कहने के लिए कवयित्री ने क्या प्रस्तुत किये हैं?
तर्क
बहस
कुछ नहीं
कविता मे कौनसे तर्क नही दिये गये हैं?
प्रतीक्षा
आशा
सपने
दया
जो ईश्वर में विश्वास करता है, उसे क्या कहते हैं ?
नास्तिक
आस्तिक
ईश्वरीय
चिड़िया क्या बनाने का प्रयास कर रही है?
अपना घोंसला
अपना घर
पत्ता
तिनका
सूरज डूबने का वक्त होना-से अर्थ होगा?
दिन खत्म होने और घर लौटने की बात की जा रही है
सूरज के डूबने की बात की जा रही है
समय बताया जा रहा है
पता नहीं क्या अर्थ होगा?
