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Worksheetslesson-15
Total questions: 10
Worksheet time: 5mins
अंधेर नगरी के बारे में क्या सच नहीं है ?
हर व्यक्ति अपनी बला दूसरे पर टालता है।
राजा के अधिकारी चापलूस और मूर्ख हैं।
गुणों की कोई कद्र नहीं है।
राजा बहुत न्यायप्रिय है।
गोबरधनदास को पकड़कर ले जाय गया , क्योंकि
उसने अपने गुरु का कहना नहीं माना।
वह भीख मांगकर मिठाई खा रहा था।
किसी -न - किसी को फाँसी लगानी ही थी।
उस मुहूर्त में मरने वाला सीधे स्वर्ग जाता।
गोबरधनदास द्वारा अपने गुरु जी को पुकारने का उद्देश्य क्या था ?
राजा को फाँसी पर चढ़वाना।
राजा से प्रजा की रक्षा करवाना।
शुभ मुहूर्त का पता लगाना।
खुद को फाँसी से बचाना।
राजा ने स्वयं फाँसी चढ़ने का निर्णय क्यों लिया ?
अपने को अपराधी मानकर
साधुओं को दंड न देने की भावना से
अपनी गर्दन फंदे के उपयुक्त मानकर
स्वयं मुक्ति पाने की लालसा में
महंत ने वह नगर छोड़कर जाने का निर्णय क्यों लिया ?
सभी वस्तु टके सेर मिलने के कारण
पुलिस द्वारा रिश्वत लेने के कारण
भावी संकट की आशंका के कारण
गोबरधनदास द्वारा निंदा की कारण
घासीराम अफसरों की बारे में व्यंग्य करता है कि वे -
निकम्मे होते हैं
चाव से चने खाते हैं
मुफ़्त में चने खाते हैं
टैक्स बढ़ा देते हैं
' टके सेर भाजी टके सेर खाजा ' में निहित व्यंग्ययार्थ है -
सभी चीज़ें बहुत सस्ती हैं
एक टके की एक सेर भाजी खाओ
गुणों और मूल्यों की कदर नहीं हैं
सभी नागरयकों को समान महत्व मिले।
इस नाटक में ' अंधेर नगरी ' और चौपट राजा की कल्पना का कारण क्या है ?
ब्रिटिश शासन की सीधे तौर पर आलोचना न कर पाने की स्थिति।
दर्शकों के लिए हास्य - रस का वातावरण बनाने का प्रयास।
इतिहास के प्रसंगों की नयी व्याख्या प्रस्तुत करने का उपाय।
ब्रिटिश शासन की न्यायप्रियता को उभारने का दृष्टिकोण।
महंत ने गोवर्धनदास से कहा था कि -
वह वहाँ रहते हुए सावधान रहे
वह लालच में अधिक मिठाई न खाए
कभी संकट पड़े तो वह उन्हें याद करें
नगर से चला जाए
कारीगर ने दीवार गिरने का आरोप -
भिश्ती पर लगाया
कसाई पर लगाया
चूनेवाले पर लगाया
मंत्री पर लगाया
