NEW
Font size
Worksheetsमनुष्यता कविता
Total questions: 20
Worksheet time: 10mins
कवी ने किन पंक्तियों में गर्व रहित जीवन जीने की सलाह दी है ?
सहानुभूति चाहिए, महाविभूति है यही
रहो न भूल के कभी मगांघ तुच्छ वित्त में,
सनाथ जान आपको करो न गर्व चित्त में।
मनुष्य मात्र बन्धु है
इस कविता में, कवि किन मनुष्यो को महान मानते हैं?
परोपकारी मनुष्यो को
अपना भला करने वाले मनुष्यो को
अपने रिश्ते नाटो का भला करने वालो को
सभी को
उदार व्यक्ति की पहचान कैसे हो सकती है ?
उसके चेहरे से
उसके महंगे कपड़ो से
उसकी गाडी से
उसके परोपकारी एवं विनम्र व्यवहार से
कवि ने किसकी मृत्यु को सुमृत्यु माना है ?
परोपकारी व्यक्ति की
पढ़े लिखे व्यक्ति की
अमीर व्यक्ति की
ज्ञानी की
कवि ने मनुष्यता के लिए क्या सन्देश दिया है ?
परोपकार और अच्छे कर्म ही मनुष्यता की पहचान है
अपना भला करना मनुष्य का काम है
अपनों का ध्यान रखना मनुष्य का काम है |
ईश्वर का स्मरण करने का
"मनुष्य मात्र बंधू है" से कवि का क्या भाव है ?
हम सब एक दुसरे के मित्र हैं
हम सब एक हैं
ईशवर एक है |
सभी
मनुष्य मात्र बंधू है से कवि का क्या भाव है ?
हम सब एक दुसरे के मित्र हैं
हम सब एक हैं
ईशवर एक है |
सभी
व्यक्ति को किस प्रकार का जीवन जीना चाहिए ?
परोपकारी एवं सर्वहितकारी
स्वार्थकारी
अपनों के बारे में सोचते हुए
सभी
सहानुभूति चाहिए , महाविभूति है यही का क्या भाव है ?
दयालुता और करुणा का भाव सबसे बड़ा धन है
धन ही सबसे बड़ा है
दयालुता नहीं करनी चाहिए
दौलत
मदांध का क्या अर्थ है ?
गर्व से भरा
गर्व से महान
गर्व से भरपूर
गर्व से अँधा
कवि ने असली मनुष्य किसको माना है ?
जो संसार को भाईचारे के भाव में बांधता है
जो दूसरों की चिंता करता है
जो दया और परोपकारी भाव रखता है
सभी
किन महान व्यक्तियों का गुणगान पुस्तकों में किया जाता है ?
जो अपना स्वार्थ सिद्ध करते हैं
जो धनी होते हैं
जो परोपकार करते हैं
जो अहंकार करते हैं
रंतिदेव ने कब आखिरी भोजन की थाली दान में दी थी ?
जब शादी में थे
बातें करते हुए
कविता लिखते हुए
जब वे भूख से परेशान थे
कबूतर को बचाने के लिए अपना मांस किसने दिया था ?
रंतिदेव ने
उशीनर के
कबूतर को बचाने के लिए अपना मांस किसने दिया था ?
रंतिदेव ने
उशीनर के राजा शिबि ने
प्रह्लाद ने
राजा ने
कवि के अनुसार मनुष्य के मन में क्या होना चाहिए ?
स्वार्थ
लालच
क्रोध
करुणा और दया भाव
हमें किन बातों का घमण्ड नहीं करना चाहिए ?
संपत्ति पर
यश पर
अपनों का
सभी का
कवि के अनुसार कोई भी व्यक्ति अनाथ क्यों नहीं है ?
क्योंकि सब बड़े हैं
क्योंकि सब कमाते हैं
क्योंकि सब समझदार हैं
क्योंकि सब का पिता वह ईशवर एक है
मनुष्य को अपने चुने हुए मार्ग पर किस तरह चलना चाहिए ?
मजबूती से
दुखी ह्रदय से
मन से
ख़ुशी से
ईशवर किसके साथ रहते हैं ?
बुरे लोगो के साथ
स्वार्थी लोगो के साथ
अपना काम करने वालो के साथ
दयालु लोगो के साथ
